{"_id":"612403d78ebc3e7a144a9858","slug":"claims-to-open-the-highway-in-two-days-haldwani-news-hld435501910","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो दिन में हाईवे खोलने के दावे फुस्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो दिन में हाईवे खोलने के दावे फुस्स
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्योलीकोट (नैनीताल)। कुमाऊं की लाइफ लाइन हल्द्वानी-ज्योलीकोट-भवाली-कर्णप्रयाग हाईवे चार दिन बाद भी नहीं खोला जा सका है। शुक्रवार को वीरभट्टी में बैली ब्रिज के पास पहाड़ी से आए मलबे को एनएच अब तक नहीं हटा पाया है। विभागीय अधिकारियों का दावा था कि दो दिन में मार्ग पर यातायात सुचारु कर दिया जाएगा लेकिन सोमवार को भी हाईवे बंद रहा और उनके दावे हवा हवाई हो गए।
वीरभट्टी में ब्रिटिशकालीन पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद एनएच विभाग डबल लेन पुल बनवा रहा है। इसे इसी माह सुचारु होना था लेकिन बलियानाले से सटी पहाड़ी से शुक्रवार को भारी मात्रा में मलबा आने से हाईवे पर आवाजाही ठप हो गई। हालांकि, छोटे वाहनों को वाया भीमताल और बड़े वाहनों को वाया नैनीताल पहाड़ की ओर भेजा रहा है और यही रूट पहाड़ से आने वाले वाहनों के लिए भी है। फेरा बढ़ने से रोडवेज ने अपना किराया भी बढ़ा दिया है। इससे यात्रियों की जेब और ढीली हो रही है। इतना ही नहीं, नैनीताल में लोगों को जाम से दोचार होना पड़ रहा है।
कुमाऊं-गढ़वाल को जोड़ता है हाईवे
ज्योलीकोट (नैनीताल)। ज्योलीकोट-कर्णप्रयाग हाईवे कुमाऊं-गढ़वाल को जोड़ता है। इसी हाईवे से बड़े वाहन राशन, सब्जी, गैस, डीजल, पेट्रोल, निर्माण सामग्री लेकर पहाड़ की ओर जाते हैं, लेकिन विभाग ने बरसात के मौसम में कटान शुरू कर पहाड़ी के निचले हिस्से को खोखला और कमजोर कर दिया है। इससे पहाड़ी से हाईवे पर मलबा आ गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस पहाड़ को काटा जा रहा है, वह भूगर्भीय दृष्टि से बेहद कमजोर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वीरभट्टी में ब्रिटिशकालीन पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद एनएच विभाग डबल लेन पुल बनवा रहा है। इसे इसी माह सुचारु होना था लेकिन बलियानाले से सटी पहाड़ी से शुक्रवार को भारी मात्रा में मलबा आने से हाईवे पर आवाजाही ठप हो गई। हालांकि, छोटे वाहनों को वाया भीमताल और बड़े वाहनों को वाया नैनीताल पहाड़ की ओर भेजा रहा है और यही रूट पहाड़ से आने वाले वाहनों के लिए भी है। फेरा बढ़ने से रोडवेज ने अपना किराया भी बढ़ा दिया है। इससे यात्रियों की जेब और ढीली हो रही है। इतना ही नहीं, नैनीताल में लोगों को जाम से दोचार होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
कुमाऊं-गढ़वाल को जोड़ता है हाईवे
ज्योलीकोट (नैनीताल)। ज्योलीकोट-कर्णप्रयाग हाईवे कुमाऊं-गढ़वाल को जोड़ता है। इसी हाईवे से बड़े वाहन राशन, सब्जी, गैस, डीजल, पेट्रोल, निर्माण सामग्री लेकर पहाड़ की ओर जाते हैं, लेकिन विभाग ने बरसात के मौसम में कटान शुरू कर पहाड़ी के निचले हिस्से को खोखला और कमजोर कर दिया है। इससे पहाड़ी से हाईवे पर मलबा आ गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस पहाड़ को काटा जा रहा है, वह भूगर्भीय दृष्टि से बेहद कमजोर है।
विज्ञापन