सीटीआर के रेस्क्यू सेंटर की बढ़ेगी क्षमता: प्रस्ताव भेजा, 16 टाइगर और 16 तेंदुओं के नए पिंजरे बनाने की योजना
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के रेस्क्यू सेंटर में बढ़ती वन्यजीवों की संख्या को देखते हुए प्रशासन ने क्षमता दोगुनी करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। मंजूरी मिलने पर 16 नए बाघ और 16 नए तेंदुओं के लिए पिंजरे बनाए जाएंगे।
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रामनगर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के रेस्क्यू सेंटर में लगातार बढ़ रही वन्यजीवों की संख्या को देखते हुए पार्क प्रशासन ने इसकी क्षमता दोगुनी करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। मंजूरी मिलने के बाद सेंटर में 16 नए बाघ और 16 नए तेंदुओं के लिए पिंजरे बनाए जाएंगे।
वर्ष 2020 में घायल, बीमार और हमलावर वन्यजीवों के उपचार और उन्हें सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सीटीआर की ढेला रेंज में रेस्क्यू सेंटर का निर्माण कराया गया था। साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं और घायल वन्यजीवों की संख्या बढ़ने से यहां लगातार जंगली जानवरों का दबाव बढ़ रहा है। इसे देखते हुए पार्क प्रशासन ने यहां 16-16 नए पिंजरे बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। पार्क प्रशासन को अब शासन से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने का इंतजार है।
वर्तमान में क्षमता से अधिक हैं वन्यजीवों
वर्तमान में रेस्क्यू सेंटर में 15-15 पिंजरे हैं जिनमें 17 बाघ और 19 तेंदुए रखे गए हैं। क्षमता से अधिक वन्यजीव होने के कारण प्रबंधन के सामने उन्हें सुरक्षित रखने और बेहतर देखभाल की चुनौती बनी हुई है। इसी के चलते नए पिंजरों के निर्माण की योजना बनाई है।
इसी साल बनाए गए थे 10 पिंजरे
वर्ष 2020 में रेस्क्यू सेंटर में वन्यजीवों के 15-15 पिंजरे बनाए गए थे। इसके बाद बढ़ती वन्यजीवों की संख्या को देखते हुए इसी साल पार्क प्रशासन ने 5-5 नए पिंजरों का निर्माण कराया था, लेकिन मौजूदा समय में नए पिंजरे भी पैक हो चुके हैं।
रेस्क्यू सेंटर की क्षमता को दोगुना करने के लिए शासन को 16-16 नए पिंजरे बनाने का प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव पास होते ही नए पिंजरों का निर्माण कराया जाएगा। - डॉ साकेत बडोला, निदेशक, सीटीआर