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Nainital News: जागरूकता व समय पर इलाज से ही दी जा सकती है कैंसर को मात
Mon, 09 Oct 2023 02:33 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Mon, 09 Oct 2023 02:33 AM IST
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नैनीताल में आशा फाउंडेशन की ओर से निकाली गई पिंक रैली में शामिल लोग। संवाद
नैनीताल। आशा फाउंडेशन की ओर से रविवार को भव्य पिंक रैली आयोजित कर नगर में कैंसर को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया। मुख्य अतिथि हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपिन सांघी ने झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। उन्होंने कैंसर जागरूकता के क्षेत्र में संस्था के कार्यों को सराहा तथा इस अभिनव मुहिम की सराहना की।
डीएसए मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधीश ने कैंसर को लेकर निजी अनुभव भी साझा किए। कहा कि जागरूक रहकर समय रहते इलाज से वह कैंसर को पराजित कर सके। उनकी बेटी भी ऐसी ही मुहिम से जुड़कर इस क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। न्यायमूर्ति ने कहा कि जागरूकता से ही कैंसर को हराया जा सकता है। इसके लिए समय पर जानकारी के साथ ही इलाज जरूरी है। जिससे इसे होने ही न दिया जाए अथवा प्रथम स्तर पर ही इसका इलाज कर इसे खत्म कर दिया जाए।
रैली डीएसए मैदान से शुरू होकर मल्लीताल पंत पार्क से मालरोड होते हुए इंडिया होटल तिराहे से वापस लोअर मालरोड होते हुए डीएसए आकर संपन्न हुई। इसमें शहर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ ही भारी संख्या में लोग शामिल हुए। सभी गुलाबी टी-शर्ट पहने हुए थे। महिलाओं ने हाथों में बैनर पोस्टर भी लिए हुए थे।
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समापन के मौके पर आशा फाउंडेशन की आशा शर्मा ने बताया कि बीते पांच वर्षों से संस्था स्तन कैंसर समेत कई महिला मुद्दों और समस्याओं के निस्तारण को लेकर कार्य कर रही है। इसी क्रम में स्तन कैंसर को लेकर जागरूक करने के लिए पिंक रैली का आयोजन किया गया। कहा कि वह स्वयं भी कैंसर से ग्रसित रहीं। लेकिन जागरूकता व समय से इलाज कराने के बाद आज स्वस्थ हैं। इधर लकी ड्रा के माध्यम से रैली में प्रतिभाग करने वाले बच्चों को स्मृति चिन्ह देकर पुरस्कृत भी किया गया। संवाद
विशेषज्ञ बोले
विशेषज्ञों और चिकित्सकों ने कहा कि युवा अवस्था में स्तन कैंसर के लक्षण दिखते हैं, मगर संकोच के चलते युवा न स्वजनों को बताते हैं और चिकित्सकों पास जाते हैं। जिससे समस्या बढ़ सकती है। सीने में दर्द, गांठ अथवा अन्य लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सकों से सलाह लें। समय रहते पता लगने पर इलाज संभव है।
ये रहे मौजूद
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपिन सांघी की पत्नी गुंजन सांघी, सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी, प्रो. अजय रावत, बिड़ला विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य अनिल शर्मा, मारुति नंदन साह, ईशा साह, खुशबू तिवारी, डॉ. एमएस दुग्ताल, डॉ. स्मिता, नीलू एल्हेन्स, अजय एल्हेन्स समेत 500 से अधिक स्कूली बच्चे मौजूद रहे।
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डीएसए मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधीश ने कैंसर को लेकर निजी अनुभव भी साझा किए। कहा कि जागरूक रहकर समय रहते इलाज से वह कैंसर को पराजित कर सके। उनकी बेटी भी ऐसी ही मुहिम से जुड़कर इस क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। न्यायमूर्ति ने कहा कि जागरूकता से ही कैंसर को हराया जा सकता है। इसके लिए समय पर जानकारी के साथ ही इलाज जरूरी है। जिससे इसे होने ही न दिया जाए अथवा प्रथम स्तर पर ही इसका इलाज कर इसे खत्म कर दिया जाए।
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रैली डीएसए मैदान से शुरू होकर मल्लीताल पंत पार्क से मालरोड होते हुए इंडिया होटल तिराहे से वापस लोअर मालरोड होते हुए डीएसए आकर संपन्न हुई। इसमें शहर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ ही भारी संख्या में लोग शामिल हुए। सभी गुलाबी टी-शर्ट पहने हुए थे। महिलाओं ने हाथों में बैनर पोस्टर भी लिए हुए थे।
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समापन के मौके पर आशा फाउंडेशन की आशा शर्मा ने बताया कि बीते पांच वर्षों से संस्था स्तन कैंसर समेत कई महिला मुद्दों और समस्याओं के निस्तारण को लेकर कार्य कर रही है। इसी क्रम में स्तन कैंसर को लेकर जागरूक करने के लिए पिंक रैली का आयोजन किया गया। कहा कि वह स्वयं भी कैंसर से ग्रसित रहीं। लेकिन जागरूकता व समय से इलाज कराने के बाद आज स्वस्थ हैं। इधर लकी ड्रा के माध्यम से रैली में प्रतिभाग करने वाले बच्चों को स्मृति चिन्ह देकर पुरस्कृत भी किया गया। संवाद
विशेषज्ञ बोले
विशेषज्ञों और चिकित्सकों ने कहा कि युवा अवस्था में स्तन कैंसर के लक्षण दिखते हैं, मगर संकोच के चलते युवा न स्वजनों को बताते हैं और चिकित्सकों पास जाते हैं। जिससे समस्या बढ़ सकती है। सीने में दर्द, गांठ अथवा अन्य लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सकों से सलाह लें। समय रहते पता लगने पर इलाज संभव है।
ये रहे मौजूद
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपिन सांघी की पत्नी गुंजन सांघी, सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी, प्रो. अजय रावत, बिड़ला विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य अनिल शर्मा, मारुति नंदन साह, ईशा साह, खुशबू तिवारी, डॉ. एमएस दुग्ताल, डॉ. स्मिता, नीलू एल्हेन्स, अजय एल्हेन्स समेत 500 से अधिक स्कूली बच्चे मौजूद रहे।