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ड्राइवरों के बस में नहीं बस 

Wed, 11 May 2016 01:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी। Updated Wed, 11 May 2016 01:14 AM IST
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Bus drivers do not just
रोडवेज बस - फोटो : अमर उजाला
हल्द्वानी। परिवहन निगम यात्रियों की जान से खिलवाड़ कर रहा है। बसों को आपात स्थिति में रोकने के लिए हैंड ब्रेक होता है, वह हैंड ब्रेक  कई बसों में निष्प्रभावी स्थिति में मिला है। हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बसों के हार्न, टायर, शीशे तक सही नहीं है। यह खामी तब मिली है, जब बसों को आरटीओ कार्यालय में फिटनेस टेस्ट के लिए भेजा गया। सड़क पर स्थिति क्या रहती होगी, उसका अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है। मंगलवार को फिटनेस जांच के दौरान कई बसों को फिटनेस फेल पाया गया।
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रोडवेज बसों पर सरकारी होने के कारण आरटीओ कार्यालय ‘उदार’ ही रहता है। खामियों को लेकर अधिकारी आंख फेरे रहते हैं, पर जब सड़क दुर्घटनाएं हुईं और सख्ती से रोडवेज बसों की जांच शुरू हुई तो परिवहन निगम अधिकारियों की लापरवाही उजागर होना शुरू हुई है। 
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मंगलवार को आरटीओ कार्यालय में रोडवेज बसों की फिटनेस जांची गई, तो उसमें यूके07 पीए 2104,  यूके 07 पीए 2052, यूके 07 पीए1421, यूके 07 पीए 1420, यूके 07 पीए 1031 बसें मानकों में फेल हो गई। इन बसों की कमियों को दुरुस्त कराकर लाने के निर्देश दिए गए हैं। एआरटीओ प्रशासन संदीप वर्मा कहते हैं कि यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर बसों की जांच सघनता से की जा रही है।
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करीब एक महीने में करीब 25 बसों को फिटनेस फेल घोषित किया गया है। बसों में मानक ताक पर हैं। आपात स्थिति में बस रोकने के लिए हैंड ब्रेक होता है, जो कई बसों में बेकार कर दिया गया था। हैंड ब्रेक का नेट बोल्ट खुला मिला। इसके अलावा टायरों की स्थिति भी बदतर थी। 9 मई को यूके 07 पीए 2094 बस की जांच की गई, तो उसमें विंड स्क्रीन टूटी हुई थी। हार्न, टायर, शीशे तक मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं।

आरटीओ एसके सिंह कहते हैं कि वाहनों की तकनीक टीम जांच करती थी, पर अब एआरटीओ को भी बसों की जांच के लिए लगाया गया है। रोडवेज के आरएम तकनीकी लेखराज का फिटनेस फेल बसों के बारे में पूछने पर जवाब होता है कि जांच करने का काम आरटीओ विभाग का है, उनसे ही पूछिये। हम क्या बता सकते हैं कि बस में क्या कमी होती है।

...हो जाएगी फिटनेस फीस जब्त 
हल्द्वानी। बसों की फिटनेस की जांच कड़ाई से हो रही है, उसके बाद भी रोडवेज कर्मी सुधरने को तैयार नहीं है। बताया जाता है कि एक बस मानकों से फेल आरटीओ कार्यालय में जांच को पहुंची, तो उसे देख एआरटीओ और टीम उखड़ गई। बस के साथ आये कर्मी को आड़े हाथ लेते हुए उसकी फिटनेस फीस भी जब्त कर लेने को अधिकारियों को कहना पड़ा।


जब चलती सड़क से निकल गए पहिये
हल्द्वानी। जेएनआरयूएम की बस के करीब डेढ़ साल पहले चलते हुए टांडा क्रासिंग के पास पहिये निकल गए थे। मामला जंगल का था, इसलिए बड़ा हादसा टल गया। इस मामले की जांच शुरू हुई, लेकिन वह कहां गई। इसका पता नहीं चला। रोडवेज प्रबंधन जांच को ही पचा गया।
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