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सचल दस्ता रोकेंगा बोर्ड परीक्षाओं में नकल
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रामनगर (नैनीताल)। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की ओर से संचालित 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 28 मार्च से 19 अप्रैल तक होंगी। बोर्ड परीक्षाओं को नकल विहीन बनाने के लिए बोर्ड की ओर व्यापक तैयारियां करते हुए सचल दस्ता बनाया गया है। सचल दस्ता समय-समय पर परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेगा। नकल रोकने की जिम्मेदारी केंद्र व्यवस्थापक की होगी।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के बोर्ड परीक्षार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षाएं 22 फरवरी से शुरू हो गई हैं और यह 20 मार्च तक चलेंगी। इस बार 10वीं और 12वीं की परीक्षा में कुल 2,42,950 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इसमें से हाईस्कूल के संस्थागत 1,27,483 और व्यक्तिगत 2301 परीक्षार्थियों समेत कुल 1,29,784 परीक्षार्थी शामिल होंगे। 12वीं में संस्थागत 1,10,200 और व्यक्तिगत 2966 समेत कुल 1,13,166 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। प्रदेश में शांतिपूर्ण परीक्षा संपन्न कराने के लिए कुल 1333 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 191 संवेदनशील और 18 अति संवेदनशील परीक्षा केंद्र हैं। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के अपर सचिव एनसी पाठक ने बताया कि इस बार परीक्षा में नकल रोकने के लिए बोर्ड गंभीर है। नकल रोकने की जिम्मेदारी केंद्र व्यवस्थापक की होगी और किसी केंद्र में नकल होने पर केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नकल करते हुए पकड़े जाने पर छात्र को डिबार (परीक्षा देने पर रोक) किया जाएगा।
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हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के बोर्ड परीक्षार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षाएं 22 फरवरी से शुरू हो गई हैं और यह 20 मार्च तक चलेंगी। इस बार 10वीं और 12वीं की परीक्षा में कुल 2,42,950 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इसमें से हाईस्कूल के संस्थागत 1,27,483 और व्यक्तिगत 2301 परीक्षार्थियों समेत कुल 1,29,784 परीक्षार्थी शामिल होंगे। 12वीं में संस्थागत 1,10,200 और व्यक्तिगत 2966 समेत कुल 1,13,166 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। प्रदेश में शांतिपूर्ण परीक्षा संपन्न कराने के लिए कुल 1333 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 191 संवेदनशील और 18 अति संवेदनशील परीक्षा केंद्र हैं। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के अपर सचिव एनसी पाठक ने बताया कि इस बार परीक्षा में नकल रोकने के लिए बोर्ड गंभीर है। नकल रोकने की जिम्मेदारी केंद्र व्यवस्थापक की होगी और किसी केंद्र में नकल होने पर केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नकल करते हुए पकड़े जाने पर छात्र को डिबार (परीक्षा देने पर रोक) किया जाएगा।
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