{"_id":"574741c24f1c1b4407690983","slug":"anyone-want-to-come-in-politics-topper","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजनीति में नहीं आना चाहता कोई भी टॉपर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजनीति में नहीं आना चाहता कोई भी टॉपर
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Fri, 27 May 2016 12:04 AM IST
विज्ञापन
यूके बोर्ड टॉपर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हल्द्वानी/रामनगर। उत्तराखंड बोर्ड में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के टॉपर अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा हैं। टॉपरों ने कड़ी मेहनत से सफलता का मुकाम हासिल किया है। अमर उजाला से बातचीत में टॉपरों ने अपने अनुभव साझा करने के साथ मौजूदा शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी, पलायन जैसे ज्वलंत मुद्दों पर दो-टूक बात की। सभी टॉपरों का लक्ष्य प्रशासनिक एवं देश की सेवा करना है। राजनीति में कोई भी टॉपर अपना कॅरियर नहीं बनाना चाहता है। टॉपरों का कहना है कि सत्ता और कुर्सी के लिए नेताओं ने राजनीतिक जैसे समाजसेवा के कार्य को कारोबार बना दिया है।
-----
>> प्रियंका भट्ट : इंटर में 95 फीसदी अंकों के साथ प्रदेश टॉप किया है। प्रियंका ने हाईस्कूल में भी 90 फीसदी अंकों के साथ प्रदेश में 23वां स्थान प्राप्त किया था। प्रियंका बताती हैं, वह नियमित 8-9 घंटे पढ़ती थी। कठिन विषयों को रोजाना पढ़ती थी। सरल विषयों को स्कूल में ही पढ़ती थी। उनके मुताबिक आज की युवा पीढ़ी वास्तविकता से दूर भागती है। कल्पनाओं में जीती है। बगैर मेहनत किए कोई भी कल्पना साकार नहीं हो सकती है। उनका कहना है कि टारगेट बनाकर हर सफलता हासिल की जा सकती है। प्रियंका के मुताबिक मौजूदा शिक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत है। केवल किताबी ज्ञान से हर कोई अपनी पसंद से मुकाम नहीं पा सकता है, व्यावहारिक और तकनीकी शिक्षा भी जरूरी है। प्रियंका का कहना है कि तकनीकी शिक्षा बेरोजगारी दूर करने में कारगर साबित हो सकती है। पढ़ाई पूरी होते ही युवा अपना कारोबार कर सकता हैं, जिससे पलायन को रोका जा सकता है।
-----
>> पंकज वारियाल : हाईस्कूल में 96 अंकों के साथ मेरिट में 5वां स्थान प्राप्त किया है। पंकज ने सफलता का श्रेय गुरुजनों और अभिभावकों को दिया है। पंकज का कहना है कि मेहनत अपनी जगह है, लेकिन मार्गदर्शन बेहद जरूरी है। धारी ओखलकांडा के पंकज बताते हैं, शिक्षा को व्यावहारिक बनाने की जरूरत है। स्वरोजगार के अवसर बढ़ने से देश में गरीबी दूर हो सकती है। प्रदेश में पिछले दिनों हुए सियासी उठापटक पर पंकज का कहना है कि नेताओं के निजी स्वार्थ से विकास बाधित हुआ है। नेता सिर्फ अपनी और अपनों की सोचते हैं। जिससे गांव आज मूलभूत सुविधाओं से अछूते हैं। अपने गांव का जिक्र करते हुए पंकज का कहना है कि आज तक सड़क नहीं बन सकी है। तीन किमी पैदल चलकर सड़क पर आना पड़ता है। नेताओं को गांवों की तरफ ध्यान देने की जरूरत है।
विज्ञापन
-----
>> वंदना जोशी : इंटर में 91.80 फीसदी अंकों के साथ 25वां स्थान प्राप्त किया है। वंदना का सपना आईएएस बनकर देश की सेवा करना है। आठ से दस घंटे रोजाना पढ़ाई करने वाली वंदना के मुताबिक विद्यार्थियों के बौद्धिक और रचनात्मक स्तर मजबूत करने के लिए शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। कई विद्यार्थियों को विकल्प नहीं मिलते हैं। बच्चों पर पढ़ाई थोप दी जाती है। जिससे किताबी शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के बीच दूरियां बढ़ी जाती हैं। मॉडल स्कूल खोलने से ज्यादा मौजूदा स्कूलों में संसाधन और सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है। देश की जनता स्वच्छ भारत का सपना देख रही है, लेकिन स्कूलों में शौचालय तक नहीं हैं।
-----
>> राकेश कश्यप : इंटर में 8वीं रैंक हासिल की है। राकेश का कहना है कि राजनीति ने इस देश की दुर्दशा कर दी है। वह बताते हैं कि मौका मिलने पर भी वह राजनीतिक में कभी कॅरियर बनाने की सोच भी नहीं सकते। एक अच्छा नागरिक बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। राकेश कहते हैं कि युवा नशे की गिरफ्त में फंस रहे हैं। युवा पीढ़ी को सही मार्गदर्शन की जरूरत है।
-----
फोटो
तनुज जीना : इंटरमीडिएट की परीक्षा में प्रदेश की मेरिट में आठवां (462/500) स्थान पाने वाले तनुज जीना ने पहाड़ से पलायन रोकने के लिए कुटीर उद्योगों को बढ़ावा दिए जाने पर जोर दिया है। एमबी इंटर कॉलेज का नाम रोशन करने वाले और भुजियाघाट के पास दोगड़ा गांव निवासी तनुज का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए सरकार को ठोस योजनाएं लागू करनी चाहिए। पहाड़ों पर जो स्कूल-कॉलेज हैं, उनमें शिक्षण की बेहतर व्यवस्थाएं हों तथा विज्ञान, कॉमर्स एवं कला वर्ग के सभी विषय होने के साथ ही शिक्षकों के पद खाली न रहें। तनुज ने विद्यार्थियों को सफलता के टिप्स देते हुए कहा कि समय की प्रतीक्षा न करें तथा हाईस्कूल हो या इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए अभी से तैयारी में जुट जाएं, इसके लिए उन्हें समयबद्ध ढंग से विषयवार तैयारी करनी चाहिए। पढ़ाई को बोझ न समझें, उन्होंने दुकान चलाने के साथ पढ़ाई कर कामयाबी हासिल की।
-----
नेहा पांडे : हाईस्कूल की मेरिट लिस्ट में 25 वां स्थान पाने वाली नेहा पांडे का कहना है कि मौजूदा पढ़ाई के विषय और पाठ्यक्रम ठीक हैं। उनका कहना है कि स्वरोजगार के लिए लोगों को प्रेरित करने के साथ संसाधनों की व्यवस्था की जानी चाहिए। इससे एक तरफ लोगों को रोजगार मिलेगा साथ में पहाड़ से पलायन को रोकने में भी मदद मिलेगी। पहाड़ों से पलायन एक बड़ी समस्या है। हाल में राजनैतिक घटनाक्रम और राष्ट्रपति शासन लगने जैसी स्थितियों के बारे में उनका कहना है कि यह हालात सही नहीं थे। इससे अच्छा संदेश नहीं गया है। लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकारों को चलना चाहिए। सभी पार्टियां मिलकर राज्य के विकास में सहयोग करें।
-----
प्रशंसा पोखरियाल : हाईस्कूल की मेरिट में प्रदेश में पहला स्थान (97 प्रतिशत) हासिल करने वाली और भरतपुरी रामनगर निवासी प्रियंका पोखरियाल की उपलब्धि पर पूरे प्रदेश को गर्व है। उनके मुताबिक अच्छे नंबर लाने के लिए घंटो तक पढ़ने से अच्छा है कम पढ़े, लेकिन समझ कर। प्रियंका कहती हैं कि पहाड़ में शिक्षकों की कमी पलायन का सबसे बड़ा कारण बन रहा है। इसमें सुधार के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। राजनीति में कॅरियर बनाने के सवाल को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य शिक्षिका बनने का हैं। अन्य विद्यार्थियों को संदेश देते हुए प्रियंका कहती हैं कि जिंदगी में हर काम के लिए टारगेट बनाएं और उसे हासिल करने के लिए जीतोड़ मेहनत करें।
-----
दीपाली बिष्ट : फ्रेंड कॉलोनी चोरपानी निवासी और एमपी इंटर कॉलेज की छात्रा दीपाली बिष्ट ने हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। दीपाली का मानना है कि प्रदेश में रोजगार की कमी पलायन का कारण है। दीपाली कहती हैं कि राजनीति में जाने का कोई इरादा नहीं है, हां देश की सेवा प्रशासनिक अफसर बनकर ही करूंगी। रोजाना करीब आठ घंटे तक पढ़ाई करने वाली दीपाली अन्य विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहती हैं कि विद्यार्थी जीवन में आठ घंटे रोजाना पढ़ाई जरूरी है।
-----
फाल्गुनी सुंदरियाल : जयमोहन पब्लिक स्कूल की छात्रा एवं कानियां निवासी फाल्गुनी सुंदरियाल ने हाईस्कूल में 93 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। फाल्गुनी के मुताबिक पलायन और बेरोजगारी हमारे प्रदेश की ही नहीं बल्कि पूरे देश की भी सबसे बड़ी समस्या बनती जा रही है। सरकार को इस ओर सकारात्मक पहल करनी चाहिए। साथ ही दुर्गम क्षेत्र के विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए विद्यालय बनने चाहिए और उनमें सभी सुविधाओं की भी पूरी व्यवस्था होनी चाहिए। कॅरियर के संबंध में जब उनसे सवाल किया गया तो फाल्गुनी ने कहा कि राजनीति में जाने की कोई इच्छा नहीं है, बैंक मैनेजर बनना ही उनका सपना है।
-----
धीरेंद्र सिंह रावत : राइंका रामनगर के छात्र धीरेंद्र सिंह रावत ने इंटरमीडिएट परीक्षा में 92.60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। उनका कहना है शिक्षा में सुधार होगा तो पहाड़ का पलायन खुद-ब-खुद खत्म हो जाएगा। साथ ही विद्यालयों में अध्यापकों के रिक्त पदों को भरना चाहिए। धीरेंद्र ने बताया कि मेरिट में जगह बनाने के लिए हर विद्यार्थी को कम से कम सात घंटे जरूर पढ़ना चाहिए।
-----
पीयूष प्रजापति : सरस्वती विद्या मंदिर छोई के छात्र पीयूष प्रजापति ने 90.20 अंक प्राप्त किए हैं। इनका कहना है अच्छी पढ़ाई और बेहतर नौकरी के लिए पहाड़ के लोग लगातार अपना घरबार छोड़कर तराई-भाबर को पलायन कर रहे हैं। यह आने वाले समय के लिए प्रदेश और देश के लिए बड़ी चिंता का विषय बन जाएगा। इसके लिए प्रदेश और केंद्र सरकार को कारगर योजना के तहत कार्य करना चाहिए। वहीं शिक्षा में सुधार के लिए उनकी राय है कि पाठ्यक्रम का सरल बनाया जाना जरूरी है और हर विद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरा जाना चाहिए।
-----
कौशकी : इंटरमीडिएट की मेरिट लिस्ट में 10वां स्थान पाने वाली कौशकी का कहना है कि बीते दिनों प्रदेश में जो राजनीतिक घटनाक्रम हुआ, वह अच्छा नहीं था। उनका कहना है कि प्रदेश के विकास के लिए राजनीतिक स्थिरता बेहद जरूरी है। पहाड़ से पलायन रोकने के लिए संसाधन और शिक्षा की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए। इसके अलावा पहाड़ में सड़कों की स्थिति सुधारी जानी चाहिए।
-----
हेमंत कुमार : हाईस्कूल की मेरिट में 22 में वां स्थान पाने वाले हेमंत कुमार कहते हैं कि प्रदेश में सबसे बड़ी समस्या के रूप में भ्रष्टाचार उभर रहा है। इस पर अंकुश लगाना चाहिए। मौजूदा कोर्स और किताबें कितनी व्यवहारिक हैं, सवाल पर उनका कहना है कि किताबों को ज्यादा सहज और उदाहरणों के साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए। इससे छात्रों को समझने में मदद मिलेगी। इसके अलावा जो पढ़ाई अभी की है, वही बुनियाद है जो आगे काम आएगी। उसको भूलना नहीं चाहिए।
-----
>> प्रियंका भट्ट : इंटर में 95 फीसदी अंकों के साथ प्रदेश टॉप किया है। प्रियंका ने हाईस्कूल में भी 90 फीसदी अंकों के साथ प्रदेश में 23वां स्थान प्राप्त किया था। प्रियंका बताती हैं, वह नियमित 8-9 घंटे पढ़ती थी। कठिन विषयों को रोजाना पढ़ती थी। सरल विषयों को स्कूल में ही पढ़ती थी। उनके मुताबिक आज की युवा पीढ़ी वास्तविकता से दूर भागती है। कल्पनाओं में जीती है। बगैर मेहनत किए कोई भी कल्पना साकार नहीं हो सकती है। उनका कहना है कि टारगेट बनाकर हर सफलता हासिल की जा सकती है। प्रियंका के मुताबिक मौजूदा शिक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत है। केवल किताबी ज्ञान से हर कोई अपनी पसंद से मुकाम नहीं पा सकता है, व्यावहारिक और तकनीकी शिक्षा भी जरूरी है। प्रियंका का कहना है कि तकनीकी शिक्षा बेरोजगारी दूर करने में कारगर साबित हो सकती है। पढ़ाई पूरी होते ही युवा अपना कारोबार कर सकता हैं, जिससे पलायन को रोका जा सकता है।
विज्ञापन
-----
>> पंकज वारियाल : हाईस्कूल में 96 अंकों के साथ मेरिट में 5वां स्थान प्राप्त किया है। पंकज ने सफलता का श्रेय गुरुजनों और अभिभावकों को दिया है। पंकज का कहना है कि मेहनत अपनी जगह है, लेकिन मार्गदर्शन बेहद जरूरी है। धारी ओखलकांडा के पंकज बताते हैं, शिक्षा को व्यावहारिक बनाने की जरूरत है। स्वरोजगार के अवसर बढ़ने से देश में गरीबी दूर हो सकती है। प्रदेश में पिछले दिनों हुए सियासी उठापटक पर पंकज का कहना है कि नेताओं के निजी स्वार्थ से विकास बाधित हुआ है। नेता सिर्फ अपनी और अपनों की सोचते हैं। जिससे गांव आज मूलभूत सुविधाओं से अछूते हैं। अपने गांव का जिक्र करते हुए पंकज का कहना है कि आज तक सड़क नहीं बन सकी है। तीन किमी पैदल चलकर सड़क पर आना पड़ता है। नेताओं को गांवों की तरफ ध्यान देने की जरूरत है।
विज्ञापन
-----
>> वंदना जोशी : इंटर में 91.80 फीसदी अंकों के साथ 25वां स्थान प्राप्त किया है। वंदना का सपना आईएएस बनकर देश की सेवा करना है। आठ से दस घंटे रोजाना पढ़ाई करने वाली वंदना के मुताबिक विद्यार्थियों के बौद्धिक और रचनात्मक स्तर मजबूत करने के लिए शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। कई विद्यार्थियों को विकल्प नहीं मिलते हैं। बच्चों पर पढ़ाई थोप दी जाती है। जिससे किताबी शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के बीच दूरियां बढ़ी जाती हैं। मॉडल स्कूल खोलने से ज्यादा मौजूदा स्कूलों में संसाधन और सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है। देश की जनता स्वच्छ भारत का सपना देख रही है, लेकिन स्कूलों में शौचालय तक नहीं हैं।
-----
>> राकेश कश्यप : इंटर में 8वीं रैंक हासिल की है। राकेश का कहना है कि राजनीति ने इस देश की दुर्दशा कर दी है। वह बताते हैं कि मौका मिलने पर भी वह राजनीतिक में कभी कॅरियर बनाने की सोच भी नहीं सकते। एक अच्छा नागरिक बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। राकेश कहते हैं कि युवा नशे की गिरफ्त में फंस रहे हैं। युवा पीढ़ी को सही मार्गदर्शन की जरूरत है।
-----
फोटो
तनुज जीना : इंटरमीडिएट की परीक्षा में प्रदेश की मेरिट में आठवां (462/500) स्थान पाने वाले तनुज जीना ने पहाड़ से पलायन रोकने के लिए कुटीर उद्योगों को बढ़ावा दिए जाने पर जोर दिया है। एमबी इंटर कॉलेज का नाम रोशन करने वाले और भुजियाघाट के पास दोगड़ा गांव निवासी तनुज का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए सरकार को ठोस योजनाएं लागू करनी चाहिए। पहाड़ों पर जो स्कूल-कॉलेज हैं, उनमें शिक्षण की बेहतर व्यवस्थाएं हों तथा विज्ञान, कॉमर्स एवं कला वर्ग के सभी विषय होने के साथ ही शिक्षकों के पद खाली न रहें। तनुज ने विद्यार्थियों को सफलता के टिप्स देते हुए कहा कि समय की प्रतीक्षा न करें तथा हाईस्कूल हो या इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए अभी से तैयारी में जुट जाएं, इसके लिए उन्हें समयबद्ध ढंग से विषयवार तैयारी करनी चाहिए। पढ़ाई को बोझ न समझें, उन्होंने दुकान चलाने के साथ पढ़ाई कर कामयाबी हासिल की।
-----
नेहा पांडे : हाईस्कूल की मेरिट लिस्ट में 25 वां स्थान पाने वाली नेहा पांडे का कहना है कि मौजूदा पढ़ाई के विषय और पाठ्यक्रम ठीक हैं। उनका कहना है कि स्वरोजगार के लिए लोगों को प्रेरित करने के साथ संसाधनों की व्यवस्था की जानी चाहिए। इससे एक तरफ लोगों को रोजगार मिलेगा साथ में पहाड़ से पलायन को रोकने में भी मदद मिलेगी। पहाड़ों से पलायन एक बड़ी समस्या है। हाल में राजनैतिक घटनाक्रम और राष्ट्रपति शासन लगने जैसी स्थितियों के बारे में उनका कहना है कि यह हालात सही नहीं थे। इससे अच्छा संदेश नहीं गया है। लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकारों को चलना चाहिए। सभी पार्टियां मिलकर राज्य के विकास में सहयोग करें।
-----
प्रशंसा पोखरियाल : हाईस्कूल की मेरिट में प्रदेश में पहला स्थान (97 प्रतिशत) हासिल करने वाली और भरतपुरी रामनगर निवासी प्रियंका पोखरियाल की उपलब्धि पर पूरे प्रदेश को गर्व है। उनके मुताबिक अच्छे नंबर लाने के लिए घंटो तक पढ़ने से अच्छा है कम पढ़े, लेकिन समझ कर। प्रियंका कहती हैं कि पहाड़ में शिक्षकों की कमी पलायन का सबसे बड़ा कारण बन रहा है। इसमें सुधार के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। राजनीति में कॅरियर बनाने के सवाल को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य शिक्षिका बनने का हैं। अन्य विद्यार्थियों को संदेश देते हुए प्रियंका कहती हैं कि जिंदगी में हर काम के लिए टारगेट बनाएं और उसे हासिल करने के लिए जीतोड़ मेहनत करें।
-----
दीपाली बिष्ट : फ्रेंड कॉलोनी चोरपानी निवासी और एमपी इंटर कॉलेज की छात्रा दीपाली बिष्ट ने हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। दीपाली का मानना है कि प्रदेश में रोजगार की कमी पलायन का कारण है। दीपाली कहती हैं कि राजनीति में जाने का कोई इरादा नहीं है, हां देश की सेवा प्रशासनिक अफसर बनकर ही करूंगी। रोजाना करीब आठ घंटे तक पढ़ाई करने वाली दीपाली अन्य विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहती हैं कि विद्यार्थी जीवन में आठ घंटे रोजाना पढ़ाई जरूरी है।
-----
फाल्गुनी सुंदरियाल : जयमोहन पब्लिक स्कूल की छात्रा एवं कानियां निवासी फाल्गुनी सुंदरियाल ने हाईस्कूल में 93 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। फाल्गुनी के मुताबिक पलायन और बेरोजगारी हमारे प्रदेश की ही नहीं बल्कि पूरे देश की भी सबसे बड़ी समस्या बनती जा रही है। सरकार को इस ओर सकारात्मक पहल करनी चाहिए। साथ ही दुर्गम क्षेत्र के विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए विद्यालय बनने चाहिए और उनमें सभी सुविधाओं की भी पूरी व्यवस्था होनी चाहिए। कॅरियर के संबंध में जब उनसे सवाल किया गया तो फाल्गुनी ने कहा कि राजनीति में जाने की कोई इच्छा नहीं है, बैंक मैनेजर बनना ही उनका सपना है।
-----
धीरेंद्र सिंह रावत : राइंका रामनगर के छात्र धीरेंद्र सिंह रावत ने इंटरमीडिएट परीक्षा में 92.60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। उनका कहना है शिक्षा में सुधार होगा तो पहाड़ का पलायन खुद-ब-खुद खत्म हो जाएगा। साथ ही विद्यालयों में अध्यापकों के रिक्त पदों को भरना चाहिए। धीरेंद्र ने बताया कि मेरिट में जगह बनाने के लिए हर विद्यार्थी को कम से कम सात घंटे जरूर पढ़ना चाहिए।
-----
पीयूष प्रजापति : सरस्वती विद्या मंदिर छोई के छात्र पीयूष प्रजापति ने 90.20 अंक प्राप्त किए हैं। इनका कहना है अच्छी पढ़ाई और बेहतर नौकरी के लिए पहाड़ के लोग लगातार अपना घरबार छोड़कर तराई-भाबर को पलायन कर रहे हैं। यह आने वाले समय के लिए प्रदेश और देश के लिए बड़ी चिंता का विषय बन जाएगा। इसके लिए प्रदेश और केंद्र सरकार को कारगर योजना के तहत कार्य करना चाहिए। वहीं शिक्षा में सुधार के लिए उनकी राय है कि पाठ्यक्रम का सरल बनाया जाना जरूरी है और हर विद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरा जाना चाहिए।
-----
कौशकी : इंटरमीडिएट की मेरिट लिस्ट में 10वां स्थान पाने वाली कौशकी का कहना है कि बीते दिनों प्रदेश में जो राजनीतिक घटनाक्रम हुआ, वह अच्छा नहीं था। उनका कहना है कि प्रदेश के विकास के लिए राजनीतिक स्थिरता बेहद जरूरी है। पहाड़ से पलायन रोकने के लिए संसाधन और शिक्षा की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए। इसके अलावा पहाड़ में सड़कों की स्थिति सुधारी जानी चाहिए।
-----
हेमंत कुमार : हाईस्कूल की मेरिट में 22 में वां स्थान पाने वाले हेमंत कुमार कहते हैं कि प्रदेश में सबसे बड़ी समस्या के रूप में भ्रष्टाचार उभर रहा है। इस पर अंकुश लगाना चाहिए। मौजूदा कोर्स और किताबें कितनी व्यवहारिक हैं, सवाल पर उनका कहना है कि किताबों को ज्यादा सहज और उदाहरणों के साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए। इससे छात्रों को समझने में मदद मिलेगी। इसके अलावा जो पढ़ाई अभी की है, वही बुनियाद है जो आगे काम आएगी। उसको भूलना नहीं चाहिए।