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आठ घंटे तक एमबी में अराजकता का माहौल
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हल्द्वानी। कुमाऊं के सबसे बड़े महाविद्यालय एमबीपीजी कॉलेज में हंगामा और बवाल नई बात नहीं है लेकिन शुक्रवार को सुबह से शाम तक आठ घंटे जिस तरह की अराजकता का माहौल रहा उससे कई सवाल खड़े होते हैं। पहले आओ पहले पाओ के तहत चली प्रवेश प्रक्रिया कॉलेज प्रशासन पर भारी पड़ी है। प्रवेश की ऑफलाइन व्यवस्था को चोट लगी है। अब ऑफलाइन प्रवेश प्रक्रिया बंद कर दी गई है। बीए की कक्षा में अब ऑनलाइन प्रवेश होंगे।
एमबीपीजी कॉलेज में हर बार प्रवेश के लिए मारामारी होती है। इस बार भी वही हाल रहा है। कॉलेज में सितंबर में ऑनलाइन प्रवेश शुरू हुए। 13 सितंबर को प्रवेश की पहली मेरिट सूची जारी की गई। 27 सितंबर को दूसरी सूची निकाली गई। इसके बाद 24 अक्तूबर को तीसरी मेरिट जारी हुई। इसके अनुसार छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया जा रहा था। इस दौरान कई विद्यार्थियों को कॉलेज में प्रवेश नहीं मिल पाया। इसके विरोध में महाविद्यालय के छात्रों ने आंदोलन शुरू कर दिया। तीसरी सूची में प्रवेश के लिए रिक्त बची सीटों पर ऑनलइन के बजाए ऑफलाइन प्रवेश चालू करने का निर्णय लिया गया।
बीए, बीएससी, बीकॉम की कक्षाओं में प्रवेश के लिए पहले आओ पहले पाओ के तहत छात्र-छात्राओं को दो दिन का समय दिया गया। बृहस्पतिवार 11 नवंबर को बीकॉम और बीएसी में ऑफलाइन प्रवेश कराए गए। पहले दिन इन कक्षाओं में 356 लोगों को प्रवेश दिया गया। शुक्रवार को बीए की कक्षा में 266 सीटों पर प्रवेश होने थे, लेकिन छात्रों के हंगामे के बाद प्रवेश रोक दिए गए हैं। कॉलेज प्रशासन को एक बार फिर मेरिट सूची के आधार पर ऑनलाइन प्रवेश कराने का निर्णय लेना पड़ा है।
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प्रवेश के लिए लगा दिया मेला
एमबीपीजी कॉलेज प्रशासन का प्रवेश के लिए लगाया गया दो दिनों का मेला धड़ाम हो गया है। दूसरे दिन प्रवेश के लिए मची भगदड़ के बाद ऑफलाइन प्रवेश प्रक्रिया बंद कर दी गई है।
प्रभारी प्राचार्य डॉ. बीआर पंत का कहना है कि महाविद्यालय में अब कोई ऑफलाइन प्रवेश नहीं होंगे। मेरिट सूची के आधार पर विद्यार्थियों को ऑनलाइन प्रवेश दिया जाएगा। 15 नवंबर को बीए में प्रवेश की मेरिट सूची निकलेगी।
प्रयोगात्मक परीक्षा में नहीं पहुंच पाए विद्यार्थी
हल्द्वानी। एमबीपीजी महाविद्यालय में शुक्रवार को हुए हंगामे के बीच करीब 50 विद्यार्थी भूगोल की प्रयोगात्मक परीक्षा में नहीं पहुंच पाए। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बीआर पंत ने बताया कि परीक्षा देने आ रहे विद्यार्थियों को हंगामा कर रहे छात्रों ने गेट से अंदर नहीं आने दिया। इस कारण वह परीक्षा नहीं दे पाए।
नए कॉलेज में जारी रही प्रवेश प्रक्रिया
हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में बवाल के कारण राजकीय महाविद्यालय हल्द्वानी के लिए प्रवेश प्रक्रिया गौलापार में हुई। शुक्रवार को 22 नए प्रवेश हुए। अब तक यहां 80 छात्र प्रवेश ले चुके हैं। जारी है। एमबीपीजी में नए कॉलेज में दाखिले के लिए काउंटर प्राचार्य डॉ. संजय कुमार ने बताया कि छात्रों के विरोध के बीच नए कॉलेज के प्रवेश एमबीपीजी के बजाए किशनपुर कार्यालय में किए गए। स्थिति सामान्य होने तक वहीं दाखिले होंगे।
आठ हजार से अधिक छात्र पहुंच गए
हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिले को लेकर इस वर्ष इस कदर मारामारी है कि ऑफलाइन प्रवेश आवेदन फार्म जमा करने के लिए सुबह छह बजे से पहले ही कतारें लग जा रही हैं। शुक्रवार को दूरदराज से दाखिले की आस में सुबह से लंबी कतारों में लगे सैकड़ों छात्र-छात्राओं को कॉलेज में दिनभर बवाल चलने के कारण निराश होकर लौटना पड़ा। शुक्रवार को बीए में दाखिले के लिए आठ हजार से अधिक छात्र-छात्राओं की भीड़ उमड़ गई थी।
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छात्र-छात्राओं का दर्द
बीए में दाखिले के लिए सुबह छह बजे से कॉलेज के बाहर लाइन में लग गए थे। घंटों इंतजार के बाद भी दाखिला नहीं मिल सका।
- मनीषा बिष्ट, गौलापार
सुबह छह बजे से लाइन में लगने के बाद भी दाखिला नहीं मिला। कॉलेज परिसर में इस तरह का बवाल नहीं होना चाहिए।
- करन, भीमताल
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फार्म जमा करने के लिए सुबह छह बजे ही लाइन में आकर लग गई थी पर घंटों इंतजार के बाद प्रवेश नहीं मिल सका।
- मानसी बडौला, सुभाषनगर
-
साढ़े नौ बजे बवाल शुरू हो गया और किसी को प्रवेश नहीं मिल पाया। हमारी पढ़ाई कैसे होगी, परेशान हैं।
- विनीता पांडे, राजपुरा
प्रवेश लेने के लिए घर से कल रात ही हल्द्वानी आ गया था और आज सुबह ही लाइन में आकर गया मगर फार्म जमा नहीं हो सका।
- पीयूष भारती, नथुवाखान
नेताओं की प्रतिक्रिया
कॉलेज प्रशासन में कुछ लोग भाजपा सरकार की कठपुतली बनकर छात्र नेताओं का उत्पीड़न करने में लगे हुए हैं।
- ललित जोशी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष
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दाखिले की समस्या को लेकर आंदोलन किया जाएगा। एनएसयूआई छात्रों के साथ खड़ी हैं और अंत तक लड़ेगी।
- विशाल सिंह भोजक जिलाध्यक्ष, एनएसयूआई
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भाजपा सरकार युवा मुख्यमंत्री के चेहरे पर तो इतरा रही है वहीं दूसरी तरफ प्रदेश का युवा बेरोजगारी का दंश झेल रहा है।
- सुशील डुंगराकोटी, पूर्व छात्रनेता
सरकार छात्रों को प्रवेश देने के बजाय उन पर लाठियां बरसा रही है। उच्च शिक्षा मंत्री की भी तानाशाही उजागर हुई है।
- दीपक बल्यूटिया प्रदेश प्रवक्ता, कांग्रेस
इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी छात्रों को प्रवेश दिया जाए।
- अंकित टोलिया, पूर्व छात्रनेता एबीवीपी
लाठीचार्ज में दस छात्रनेता घायल
हल्द्वानी। छात्रनेताओं का दावा है कि पुलिस की ओर से लाठी फटकाराने से दस से अधिक छात्रनेता घायल हो गए। गौरव सम्मल सहित कई छात्रों को चोटें भी आईं और सभी छात्र-छात्राओं को कॉलेज से खदेड़ दिया। एबीवीपी छात्रनेताओं का आरोप है कि पुलिस ने देवेंद्र बिष्ट, अभिषेक गोस्वामी, सूरज सिंह जंतवाल, कौशल बिरखानी, सूरज रमोला, सुमन, रेखा आर्य, हिमानी, पुष्पा शहीद आदि छात्र-छात्राओं को बेरहमी से पीटा गया।
एबीवीपी के छात्र टेंट लगाकर बेमियादी धरने पर बैठे
हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में शुक्रवार को बवाल के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई विरोध में एबीवीपी के छात्रों ने बेमियादी धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। छात्रों ने पुलिस प्रशासन से माफी मांगने, स्नातक प्रथम वर्ष में 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाने और मेरिट के आधार पर प्रवेश देने की मांग की है।
देर शाम प्राचार्य कक्ष के सामने एबीवीपी के छात्रों ने टेंट लगा कर धरना शुरू कर दिया। धरने पर देवेंद्र बिष्ट, रश्मि लमगड़िया, कौशल बिरखानी, आलोक, काजल बिष्ट, निहित नेगी, मुकेश कुलौरा समेत आदि छात्र बैठे हैं।
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एमबीपीजी कॉलेज में हर बार प्रवेश के लिए मारामारी होती है। इस बार भी वही हाल रहा है। कॉलेज में सितंबर में ऑनलाइन प्रवेश शुरू हुए। 13 सितंबर को प्रवेश की पहली मेरिट सूची जारी की गई। 27 सितंबर को दूसरी सूची निकाली गई। इसके बाद 24 अक्तूबर को तीसरी मेरिट जारी हुई। इसके अनुसार छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया जा रहा था। इस दौरान कई विद्यार्थियों को कॉलेज में प्रवेश नहीं मिल पाया। इसके विरोध में महाविद्यालय के छात्रों ने आंदोलन शुरू कर दिया। तीसरी सूची में प्रवेश के लिए रिक्त बची सीटों पर ऑनलइन के बजाए ऑफलाइन प्रवेश चालू करने का निर्णय लिया गया।
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बीए, बीएससी, बीकॉम की कक्षाओं में प्रवेश के लिए पहले आओ पहले पाओ के तहत छात्र-छात्राओं को दो दिन का समय दिया गया। बृहस्पतिवार 11 नवंबर को बीकॉम और बीएसी में ऑफलाइन प्रवेश कराए गए। पहले दिन इन कक्षाओं में 356 लोगों को प्रवेश दिया गया। शुक्रवार को बीए की कक्षा में 266 सीटों पर प्रवेश होने थे, लेकिन छात्रों के हंगामे के बाद प्रवेश रोक दिए गए हैं। कॉलेज प्रशासन को एक बार फिर मेरिट सूची के आधार पर ऑनलाइन प्रवेश कराने का निर्णय लेना पड़ा है।
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प्रवेश के लिए लगा दिया मेला
एमबीपीजी कॉलेज प्रशासन का प्रवेश के लिए लगाया गया दो दिनों का मेला धड़ाम हो गया है। दूसरे दिन प्रवेश के लिए मची भगदड़ के बाद ऑफलाइन प्रवेश प्रक्रिया बंद कर दी गई है।
प्रभारी प्राचार्य डॉ. बीआर पंत का कहना है कि महाविद्यालय में अब कोई ऑफलाइन प्रवेश नहीं होंगे। मेरिट सूची के आधार पर विद्यार्थियों को ऑनलाइन प्रवेश दिया जाएगा। 15 नवंबर को बीए में प्रवेश की मेरिट सूची निकलेगी।
प्रयोगात्मक परीक्षा में नहीं पहुंच पाए विद्यार्थी
हल्द्वानी। एमबीपीजी महाविद्यालय में शुक्रवार को हुए हंगामे के बीच करीब 50 विद्यार्थी भूगोल की प्रयोगात्मक परीक्षा में नहीं पहुंच पाए। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बीआर पंत ने बताया कि परीक्षा देने आ रहे विद्यार्थियों को हंगामा कर रहे छात्रों ने गेट से अंदर नहीं आने दिया। इस कारण वह परीक्षा नहीं दे पाए।
नए कॉलेज में जारी रही प्रवेश प्रक्रिया
हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में बवाल के कारण राजकीय महाविद्यालय हल्द्वानी के लिए प्रवेश प्रक्रिया गौलापार में हुई। शुक्रवार को 22 नए प्रवेश हुए। अब तक यहां 80 छात्र प्रवेश ले चुके हैं। जारी है। एमबीपीजी में नए कॉलेज में दाखिले के लिए काउंटर प्राचार्य डॉ. संजय कुमार ने बताया कि छात्रों के विरोध के बीच नए कॉलेज के प्रवेश एमबीपीजी के बजाए किशनपुर कार्यालय में किए गए। स्थिति सामान्य होने तक वहीं दाखिले होंगे।
आठ हजार से अधिक छात्र पहुंच गए
हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिले को लेकर इस वर्ष इस कदर मारामारी है कि ऑफलाइन प्रवेश आवेदन फार्म जमा करने के लिए सुबह छह बजे से पहले ही कतारें लग जा रही हैं। शुक्रवार को दूरदराज से दाखिले की आस में सुबह से लंबी कतारों में लगे सैकड़ों छात्र-छात्राओं को कॉलेज में दिनभर बवाल चलने के कारण निराश होकर लौटना पड़ा। शुक्रवार को बीए में दाखिले के लिए आठ हजार से अधिक छात्र-छात्राओं की भीड़ उमड़ गई थी।
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छात्र-छात्राओं का दर्द
बीए में दाखिले के लिए सुबह छह बजे से कॉलेज के बाहर लाइन में लग गए थे। घंटों इंतजार के बाद भी दाखिला नहीं मिल सका।
- मनीषा बिष्ट, गौलापार
सुबह छह बजे से लाइन में लगने के बाद भी दाखिला नहीं मिला। कॉलेज परिसर में इस तरह का बवाल नहीं होना चाहिए।
- करन, भीमताल
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फार्म जमा करने के लिए सुबह छह बजे ही लाइन में आकर लग गई थी पर घंटों इंतजार के बाद प्रवेश नहीं मिल सका।
- मानसी बडौला, सुभाषनगर
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साढ़े नौ बजे बवाल शुरू हो गया और किसी को प्रवेश नहीं मिल पाया। हमारी पढ़ाई कैसे होगी, परेशान हैं।
- विनीता पांडे, राजपुरा
प्रवेश लेने के लिए घर से कल रात ही हल्द्वानी आ गया था और आज सुबह ही लाइन में आकर गया मगर फार्म जमा नहीं हो सका।
- पीयूष भारती, नथुवाखान
नेताओं की प्रतिक्रिया
कॉलेज प्रशासन में कुछ लोग भाजपा सरकार की कठपुतली बनकर छात्र नेताओं का उत्पीड़न करने में लगे हुए हैं।
- ललित जोशी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष
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दाखिले की समस्या को लेकर आंदोलन किया जाएगा। एनएसयूआई छात्रों के साथ खड़ी हैं और अंत तक लड़ेगी।
- विशाल सिंह भोजक जिलाध्यक्ष, एनएसयूआई
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भाजपा सरकार युवा मुख्यमंत्री के चेहरे पर तो इतरा रही है वहीं दूसरी तरफ प्रदेश का युवा बेरोजगारी का दंश झेल रहा है।
- सुशील डुंगराकोटी, पूर्व छात्रनेता
सरकार छात्रों को प्रवेश देने के बजाय उन पर लाठियां बरसा रही है। उच्च शिक्षा मंत्री की भी तानाशाही उजागर हुई है।
- दीपक बल्यूटिया प्रदेश प्रवक्ता, कांग्रेस
इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी छात्रों को प्रवेश दिया जाए।
- अंकित टोलिया, पूर्व छात्रनेता एबीवीपी
लाठीचार्ज में दस छात्रनेता घायल
हल्द्वानी। छात्रनेताओं का दावा है कि पुलिस की ओर से लाठी फटकाराने से दस से अधिक छात्रनेता घायल हो गए। गौरव सम्मल सहित कई छात्रों को चोटें भी आईं और सभी छात्र-छात्राओं को कॉलेज से खदेड़ दिया। एबीवीपी छात्रनेताओं का आरोप है कि पुलिस ने देवेंद्र बिष्ट, अभिषेक गोस्वामी, सूरज सिंह जंतवाल, कौशल बिरखानी, सूरज रमोला, सुमन, रेखा आर्य, हिमानी, पुष्पा शहीद आदि छात्र-छात्राओं को बेरहमी से पीटा गया।
एबीवीपी के छात्र टेंट लगाकर बेमियादी धरने पर बैठे
हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में शुक्रवार को बवाल के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई विरोध में एबीवीपी के छात्रों ने बेमियादी धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। छात्रों ने पुलिस प्रशासन से माफी मांगने, स्नातक प्रथम वर्ष में 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाने और मेरिट के आधार पर प्रवेश देने की मांग की है।
देर शाम प्राचार्य कक्ष के सामने एबीवीपी के छात्रों ने टेंट लगा कर धरना शुरू कर दिया। धरने पर देवेंद्र बिष्ट, रश्मि लमगड़िया, कौशल बिरखानी, आलोक, काजल बिष्ट, निहित नेगी, मुकेश कुलौरा समेत आदि छात्र बैठे हैं।