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अल्मोड़ा, चंपावत और नैनीताल पर भारी गुजर सकते हैं अगले 36 घंटे
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Sun, 29 May 2016 11:45 PM IST
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हल्द्वानी। गर्मी के बीच मौसम एक बार फिर से आफत का सबब बनने वाला है। मौसम विभाग की माने तो अल्मोड़ा, चंपावत और नैनीताल पर अगले 36 घंटे भारी पड़ सकते हैं। मौसम विभाग ने इन जिलों में भारी बरसात की संभावना जताई है। इसके साथ ही इन जिलों में ओले भी पड़ सकते हैं और तेज हवाओं का प्रकोप भी देखने को मिल सकता है।
शनिवार को तेज हवा के साथ बरसात ने कई जिलों में खासी तबाही मचाई थी। रविवार को भी दिन भर मौसम सुहावना बना रहा। अब मौसम एक बार फिर से अपना प्रकोप दिखा सकता है। मौसम विभाग ने चंपावत, अल्मोड़ा, नैनीताल, देहरादून और पौड़ी में अगले 36 घंटों में भारी बरसात की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक इन जिलों में ओलावृष्टि भी हो सकती है। साथ ही तेज हवाओं का प्रकोप भी देखने को मिल सकता है। अधिकतम तापमान 32 डिग्री रह सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक पंतनगर में अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री रिकार्ड किया गया। यह पिछले दिनों के मुकाबले नौ डिग्री कम पाया गया। साफ है कि रविवार को तराई को गर्मी से खासी राहत मिली। अगले कुछ दिनों में तराई में यह राहत बरकरार रह सकती है। इतना होते हुए भी तेज हवाओं का सामना लोगों को करना पड़ सकता है।
मौसम विभाग की चेतावनी जारी होने के साथ ही आपदा प्रबंधन के लिए भी चुनौती उठ खड़ी हुई है। भारी बरसात के बीच नदी-नालों के उफनने और बादल फटने की घटनाएं अभी तक सामने आ चुकी है। पूर्वानुमान का तंत्र सटीक न होने और आपदा प्रबंधन की योजनाओं को गांव के स्तर तक न पहुंचाए जाने के कारण आपदा प्रबंधन तंत्र लगभग बेबस ही नजर आया है। यह तब है जबकि अभी मानसून का दूर-दूर तक कोई पता नही हैं। वैसे भी आपदाओं का कुमाऊं के साथ पुराना नाता रहा है। मानसरोवर रूट पर 1998 में18 अगस्त को अचानक आई बाढ़ ने 60 लोगों को काल का ग्रास बना लिया था। इसी तरह 2010 में 18 अगस्त को कपकोट और सूमगढ़ मेें बादल फटने से 39 छात्रों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। सामान्य रूप से जून के पहले पखवाड़े में बरसात का प्रकोप पहाड़ों में देखने को मिलता है। इस बार मौसम विभाग का अनुमान है कि तीन जून के आसपास भारी बरसात हो सकती है।
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शनिवार को तेज हवा के साथ बरसात ने कई जिलों में खासी तबाही मचाई थी। रविवार को भी दिन भर मौसम सुहावना बना रहा। अब मौसम एक बार फिर से अपना प्रकोप दिखा सकता है। मौसम विभाग ने चंपावत, अल्मोड़ा, नैनीताल, देहरादून और पौड़ी में अगले 36 घंटों में भारी बरसात की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक इन जिलों में ओलावृष्टि भी हो सकती है। साथ ही तेज हवाओं का प्रकोप भी देखने को मिल सकता है। अधिकतम तापमान 32 डिग्री रह सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक पंतनगर में अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री रिकार्ड किया गया। यह पिछले दिनों के मुकाबले नौ डिग्री कम पाया गया। साफ है कि रविवार को तराई को गर्मी से खासी राहत मिली। अगले कुछ दिनों में तराई में यह राहत बरकरार रह सकती है। इतना होते हुए भी तेज हवाओं का सामना लोगों को करना पड़ सकता है।
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मौसम विभाग की चेतावनी जारी होने के साथ ही आपदा प्रबंधन के लिए भी चुनौती उठ खड़ी हुई है। भारी बरसात के बीच नदी-नालों के उफनने और बादल फटने की घटनाएं अभी तक सामने आ चुकी है। पूर्वानुमान का तंत्र सटीक न होने और आपदा प्रबंधन की योजनाओं को गांव के स्तर तक न पहुंचाए जाने के कारण आपदा प्रबंधन तंत्र लगभग बेबस ही नजर आया है। यह तब है जबकि अभी मानसून का दूर-दूर तक कोई पता नही हैं। वैसे भी आपदाओं का कुमाऊं के साथ पुराना नाता रहा है। मानसरोवर रूट पर 1998 में18 अगस्त को अचानक आई बाढ़ ने 60 लोगों को काल का ग्रास बना लिया था। इसी तरह 2010 में 18 अगस्त को कपकोट और सूमगढ़ मेें बादल फटने से 39 छात्रों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। सामान्य रूप से जून के पहले पखवाड़े में बरसात का प्रकोप पहाड़ों में देखने को मिलता है। इस बार मौसम विभाग का अनुमान है कि तीन जून के आसपास भारी बरसात हो सकती है।
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