अजब हाल : 18 करोड़ का बकाया नहीं मिला
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रोडवेज आर्थिक तंगहाली की स्थिति से गुजर रहा है। जो रोडवेज मर्सडीज जैसी लग्जरी बस चलाने की योजनाओं का तानाबाना बुन रहा था, उसको अपने कर्मियों को सही समय पर वेतन देने को बजट तक नहीं मिल पा रहा है। यह स्थिति तब है, जब परिवहन निगम का ही कई विभाग अलग-अलग मदों में करोड़ों रुपए दबाए बैठे हैं। विभिन्न जनसुविधा योजनाओं के नाम पर लोगों ने यात्रा जमकर की है, लेकिन रोडवेज को किराया नहीं दिया है।
रोडवेज कर्मियों के अनुसार पहले तमाम हालतों के बाद भी वेतन का संकट नहीं रहा है। अब कई महीनों से कर्मियों को नियमित वेतन की समस्या से जूझना पड़ रहा है। जनवरी का वेतन नहीं मिला है, जबकि फरवरी खत्म होने को आ गया है। जबकि पूर्व में परिवहन मंत्री लग्जरी, आधुनिक, सुविधायुक्त बसों को चलाने की योजना बनाई थी, वह योजना तो धरातल पर नहीं उतरी, जबकि परिवहन निगम से अनुबंधित टैक्सी जरूर चलने लगी।
रोडवेज की आर्थिक तंगहाली के पीछे शासन की धीमी भुगतान की प्रक्रिया भी है। रोडवेज ने जनसुविधा योजना के तहत लोगों को यात्रा कराई है, लेकिन संबंधित मदों का भुगतान विभागों से नहीं हुआ है। यह भुगतान लाखों में नहीं बल्कि करोड़ों में है। रोडवेज की लेनदारी 18 करोड़ 11 लाख रुपए है। सबसे ज्यादा भुगतान वरिष्ठ नागरिकों के किराए के भुगतान को लेकर है। यह दस करोड़ से ज्यादा है। सबसे कम विधानसभा के वर्तमान, भूतपूर्व सदस्य, लोकसभा एवं राज्य के सभी सदस्य हैं, यह लेनदारी केवल 26 हजार तक ही है।
जनसुविधाओं के मद में कई लाभ रोडवेज देता है। अगर रोडवेज को इन मदों के भुगतान सही समय पर होने लगे, काफी हद तक माली हालत सुधर जाएगी। वेतन का संकट भी नहीं रहेगा।
- महेंद्र सिंह जीना, प्रदेश अध्यक्ष रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद
पहले एक महीने का वेतन का बैकलॉग चल रहा था, अब दो महीने की स्थिति आ गई है। निगम का करोड़ों का बकाया है, दूसरे विभागों पर है, अगर वह भुगतान हो जाए तो आर्थिक स्थिति बेहतर हो जाएगी।
- कमल पपनै, प्रदेश अध्यक्ष उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन
यह मद हैं
1- मान्यता प्राप्त पत्रकार- 4282804
2- छात्रा - 6022572
3- स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व सहयात्री- 97,9015
4- दिव्यांग एवं सहयात्री - 1,34,23,416
5- आंदोलनकारी- 2,18,7738
6- विधानसभा के वर्तमान और भूतपूर्व सदस्य- 10789
7- लोकसभा एवं राज्यसभा के सभी सदस्य- 15,12,55
8- रक्षाबंधन -2133321
9- रुद्रप्रयाग से कलक्ट्रेट - 11742244
10- वरिष्ठ नागरिक - 1,00,48,1091
11- आपदा - 3,11,67832
12- मेरे बुजुर्ग मेरे तीर्थ - 85,29742
(13 जनवरी 2017 तक की स्थिति)