फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   हल्द्वानी के पार्कों के फिरेंगे दिन

हल्द्वानी के पार्कों के फिरेंगे दिन

Tue, 26 Aug 2014 05:31 AM IST
Nainital
Nainital Updated Tue, 26 Aug 2014 05:31 AM IST
विज्ञापन
हल्द्वानी। नगर निगम के उजाड़ पार्कों के दिन फिरने वाले हैं। नैनीताल रोड के तीन पार्क वन विभाग को गोद देने के बाद अब निगम ने भोटिया पड़ाव के दो पार्कों को पीपीपी मोड पर देने का प्रस्ताव बनाया है। तिकोनिया में बुद्ध पार्क से सटे पार्क को चिल्डन पार्के के रूप में विकसित किया जाएगा। बाकी पार्कों के सौंदर्यीकरण के लिए भी 10 लाख रुपए की स्वीकृति मिली गई है। कंक्रीट के इस शहर में कहने को तो अनगिनत पार्क हैं। 42 पार्क अकेले नगर निगम के हैं। रख-रखाव और सौंदर्यीकरण नहीं होने से सभी पार्क उजाड़ बने हैं। नैनीताल रोड पर पांच पार्कों में अवैध तरीके से बसें और कारें खड़ी होती हैं। दो पार्क टैक्सी स्टेंड को सौंपे गए हैं। जबकि सौरभ होटल के पास स्थित पार्क को नगर निगम ने कबाड़खाना बनाया है। इसमें निगम के टूटे फूटे रिक्शे और हाथी ठेले खड़े हैं। बाकी पार्कों में सालों से सफाई और रंगाई पुताई नहीं है। इनमें झाड़ियां उग आई हैं। झाड़ियों की आड़ में शराबी और जुआरी बैठे रहते हैं। नैनीताल रोड के पार्कों की हालत सुधारने के लिए नगर निगम ने डिग्री कालेज के आगे के तीन पार्कों को वन विभाग को हस्तांतरण कर दिया है। गोद दिए पार्कों का वन विभाग ही सौंदर्यीकरण करेगा। निगम प्रशासन के मुताबिक भोटिया पड़ाव स्थित कृष्णा नर्सिंग होम के पास के दो पार्कों को पीपीपी मोड पर विकसित करने का प्रस्ताव तैयार हो गया है। दोनों पार्कों के बेसमेंट में 16-16 कारें खड़ी करने की व्यवस्था होगी। ऊपर से पार्क विकसित कर उनका सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। निगम के मुताबिक लोनिवि के सामने वाले पार्क को चिल्डन पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। निगम के सहायक अभियंता अजय कुमार पांडे के मुताबिक पीपीपी मोड पर तैयार होने वाले पार्कों का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। एजेंसी से अनुबंध होने के बाद इसके सौंदर्यीकरण का काम शुरू हो जाएगा। बंजर हो गया हीरानगर का पार्क
विज्ञापन

हीरानगर में सोसायटी का पार्क भी बंजर हो गया है। पार्क में पेड़ टूटे हैं। जगह-जगह ईंटें बिखरी हैं और झाड़ियां हो रही हैं। स्थानीय लोगों ने पार्क में जाना बंद कर दिया है। पार्क में लगे झूले भी टूट चुके हैं। पार्क के चौकीदार बिट्टन के मुताबिक पिछले एक दशक से पार्क में कोई मरम्मत नहीं हुई है।
विज्ञापन

पार्किंग में बदल गया डीके पार्क डेविड की पहल पर संवारा गया डीके पार्क अब पार्किंग में बदल गया है। पार्क में आसपास के व्यापारी वाहन खड़े करते हैं। बैठने के लिए कुर्सियां नहीं हैं। फब्बारे के तालाब में बच्चे नहाते हैं। डेविड की पहल करने पर कई लोग पार्क के सौंदर्यीकरण को आगे आए थे। लेकिन अब किसी को परवाह नहीं है। पार्कों के सौंदर्यीकरण पर खर्च हुए थे लाखों रुपए
विज्ञापन
विज्ञापन

डिग्री कालेज के आगे के पार्कों को करीब सात साल पहले विधायक इंदिरा हृदयेश ने संवारा था। विधायक ने पार्कों के सौंदर्यीकरण के लिए लाखों रुपए खर्च किए। पार्कों में बैठने के लिए कुर्सियां लगाई गई थी। उसकी सुंदरता के लिए टाइल्स और फब्बारे लगाए। रखरखाव के अभाव में कुछ सालों बाद पार्क उजाड़ हो गए और कुर्सियां चोरी हो गई। अब निगम उजाड़ पार्कों का सौंदर्यीकरण करता है तो उनका रखरखाव नहीं होने से भविष्य में पार्क फिर से बंजर हो जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed