{"_id":"5cc0c369bdec2214031be091","slug":"91556136809-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसटीएच में भर्ती दस मरीजों के नहीं हो रहे ऑपरेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसटीएच में भर्ती दस मरीजों के नहीं हो रहे ऑपरेशन
विज्ञापन
ऑपरेशन के बाद निकाली गई लकड़ी (डेमो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में व्यवस्थाएं कम और अव्यवस्थाओं का बोलबाला ज्यादा रहता है। एसटीएच में भर्ती दस मरीजों का ऑपरेशन एसी ओटी न होने के कारण नहीं हो पा रहा है।
एसटीएच में कुछ दिनों पहले प्लास्टिक सर्जन डॉ. हिमांशु सक्सेना का करार खत्म होने पर उन्हें ओपीडी करने से रोक दिया गया था। उनके सहायक ने ओपीडी के बाहर से उन्हें वापस कर दिया था और कहा था कि अगले आदेश के बाद ही आप अस्पताल आएं। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद अगले ही दिन डॉ. सक्सेना का करार बढ़ा दिया गया था। प्लास्टिक सर्जन की ओटी पूर्व में सप्ताह में तीन दिन होती थी, मगर कुछ डॉक्टरों की मनमानी के चलते ऑपरेशन सप्ताह में दो दिन होने लगे और अब सप्ताह में एक ही दिन होता है। सूत्रों की मानें तो डॉ. सक्सेना भर्ती मरीजों की सर्जरी नहीं कर पा रहे हैं। ऑर्थोपेडिक विभाग में तीन ऑपरेशन थियेटर हैं। एक ऑपरेशन थियेटर में एसी लगा है, जबकि दो में एसी नहीं है। एसी वाले ऑपरेशन थियेटर में इंप्लांट लगाए जाते हैं। डॉ. सक्सेना से कहा गया कि बिना एसी वाली दो ओटी में से कोई भी ओटी में ऑपरेशन कर लें। सर्दियों में तो काम चल गया, मगर गर्मियों में बिना एसी के ओटी में ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। दस मरीज एक सप्ताह से भर्ती हैं, मगर एसी ऑपरेशन थियेटर न होने के कारण ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं।
एसटीएच में भर्ती दस मरीजों के नहीं हो रहे ऑपरेशन
ऑर्थोपेडिक विभाग की ओटी के दो कक्षों एसी न होने से हो रही दिक्कत
छह माह से नहीं लग सका है एसी, सर्दियों में बिना एसी के हुए ऑपरेशन, अब गर्मियों में हो रही परेशानी
दोनों ऑपरेशन थियेटर में एसी लगवाने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही दोनों ओटी में एसी लग जाएगा। -डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
एसटीएच में कुछ दिनों पहले प्लास्टिक सर्जन डॉ. हिमांशु सक्सेना का करार खत्म होने पर उन्हें ओपीडी करने से रोक दिया गया था। उनके सहायक ने ओपीडी के बाहर से उन्हें वापस कर दिया था और कहा था कि अगले आदेश के बाद ही आप अस्पताल आएं। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद अगले ही दिन डॉ. सक्सेना का करार बढ़ा दिया गया था। प्लास्टिक सर्जन की ओटी पूर्व में सप्ताह में तीन दिन होती थी, मगर कुछ डॉक्टरों की मनमानी के चलते ऑपरेशन सप्ताह में दो दिन होने लगे और अब सप्ताह में एक ही दिन होता है। सूत्रों की मानें तो डॉ. सक्सेना भर्ती मरीजों की सर्जरी नहीं कर पा रहे हैं। ऑर्थोपेडिक विभाग में तीन ऑपरेशन थियेटर हैं। एक ऑपरेशन थियेटर में एसी लगा है, जबकि दो में एसी नहीं है। एसी वाले ऑपरेशन थियेटर में इंप्लांट लगाए जाते हैं। डॉ. सक्सेना से कहा गया कि बिना एसी वाली दो ओटी में से कोई भी ओटी में ऑपरेशन कर लें। सर्दियों में तो काम चल गया, मगर गर्मियों में बिना एसी के ओटी में ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। दस मरीज एक सप्ताह से भर्ती हैं, मगर एसी ऑपरेशन थियेटर न होने के कारण ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं।
विज्ञापन
एसटीएच में भर्ती दस मरीजों के नहीं हो रहे ऑपरेशन
ऑर्थोपेडिक विभाग की ओटी के दो कक्षों एसी न होने से हो रही दिक्कत
छह माह से नहीं लग सका है एसी, सर्दियों में बिना एसी के हुए ऑपरेशन, अब गर्मियों में हो रही परेशानी
दोनों ऑपरेशन थियेटर में एसी लगवाने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही दोनों ओटी में एसी लग जाएगा। -डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज