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30 मिलियन वर्ष पुराना है हिमालय : प्रो.सिंह
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कौसानी से हिमालय की मनोरम छटा का दृश्य।
- फोटो : अमर उजाला
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नैनीताल। कला संकाय भवन डीएसबी परिसर के सेमिनार हॉल में शुक्रवार को पं. नैन सिंह रावत स्मारक व्याख्यान हुआ। इसमें पूर्व कुलपति और फेलो ऑफ नेशनल अकादमी प्रो. एसपी सिंह ने जलवायु परिवर्तन एवं विश्व पर चर्चा की।
प्रो. सिंह ने कहा कि हिमालय 30 मिलियन वर्ष पुराना है, जो जैवविविधता आच्छादित क्षेत्र है। यहां की 30 प्रतिशत प्रजातियों क्षेत्र विशेष, चार हॉट स्पॉट हैं। कहा कि पूरे विश्व में 10 नदी के तलहटी पर 1.9 बिलियन लोग रहते हैं, जिसमें गंगा नदी के तलहटी पर सर्वाधिक है। अरुणाचल प्रदेश से 900 करोड़ का कार्बन निकलता है। उन्होंने बताया कि हिमालय का तापक्रम 0.3 डिग्री सेल्सियस जबकि उत्तर पश्चिम का तापक्रम 0.7 डिग्री सेल्सियस, पूरे विश्व का तापक्रम 1.5 डिग्री सेल्सियस बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि ग्लेशियरों के सिकुड़ने की दर 63 प्रतिशत है जबकि वृद्धि की दर मात्र 11 प्रतिशत है, इसके आर्थिक, प्राकृतिक नुकसान की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका में सर्वाधिक कार्बन उत्सर्जन होता है। पूरे विश्व में कार्बन उत्सर्जन से ग्लेशियर घट रहे हैं। इन्हें बचाना होगा। सेमिनार में कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल ने कहा कि लोग पर्यावरण के प्रति सचेत रहें। प्रो. आरपी जोशी ने संचालन किया। कार्यक्रम में प्रो. ललित तिवारी, प्रो. एससी सती, प्रो. नीरजा पांडे, प्रो. एसएम बर्गली, प्रो. राजीव उपाध्याय, विधान चौधरी, डॉ. सुचेतन साह, डॉ. अदिति पांडे, मनीष त्रिपाठी, एलएम लोधियाल, लता पांडे आदि थे।
30 मिलियन वर्ष पुराना है हिमालय : प्रो. सिंह
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प्रो. सिंह ने कहा कि हिमालय 30 मिलियन वर्ष पुराना है, जो जैवविविधता आच्छादित क्षेत्र है। यहां की 30 प्रतिशत प्रजातियों क्षेत्र विशेष, चार हॉट स्पॉट हैं। कहा कि पूरे विश्व में 10 नदी के तलहटी पर 1.9 बिलियन लोग रहते हैं, जिसमें गंगा नदी के तलहटी पर सर्वाधिक है। अरुणाचल प्रदेश से 900 करोड़ का कार्बन निकलता है। उन्होंने बताया कि हिमालय का तापक्रम 0.3 डिग्री सेल्सियस जबकि उत्तर पश्चिम का तापक्रम 0.7 डिग्री सेल्सियस, पूरे विश्व का तापक्रम 1.5 डिग्री सेल्सियस बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि ग्लेशियरों के सिकुड़ने की दर 63 प्रतिशत है जबकि वृद्धि की दर मात्र 11 प्रतिशत है, इसके आर्थिक, प्राकृतिक नुकसान की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका में सर्वाधिक कार्बन उत्सर्जन होता है। पूरे विश्व में कार्बन उत्सर्जन से ग्लेशियर घट रहे हैं। इन्हें बचाना होगा। सेमिनार में कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल ने कहा कि लोग पर्यावरण के प्रति सचेत रहें। प्रो. आरपी जोशी ने संचालन किया। कार्यक्रम में प्रो. ललित तिवारी, प्रो. एससी सती, प्रो. नीरजा पांडे, प्रो. एसएम बर्गली, प्रो. राजीव उपाध्याय, विधान चौधरी, डॉ. सुचेतन साह, डॉ. अदिति पांडे, मनीष त्रिपाठी, एलएम लोधियाल, लता पांडे आदि थे।
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30 मिलियन वर्ष पुराना है हिमालय : प्रो. सिंह