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एनसीइआरटी पुस्तकें लागू करने पर अभिभावकों से मांगा समर्थन

Tue, 03 Apr 2018 02:16 AM IST
Updated Tue, 03 Apr 2018 02:16 AM IST
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एनसीइआरटी पुस्तकें लागू करने पर अभिभावकों से मांगा समर्थन
BOOKS
हल्द्वानी। प्रदेश में निजी और पब्लिक स्कूलों में एनसीईआरटी पुस्तकें लागू करने के लिए राज्य सरकार ने पूरा जोर लगा दिया है। अभिभावकों का समर्थन जुटाने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय आठ अप्रैल को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में जनता दरबार लगाएंगे।
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भाजपा कुमाऊं संभाग कार्यालय पर सोमवार को प्रेसवार्ता में पूर्व सांसद पासी ने कहा कि एनसीईआरटी पुस्तकों के मामले में पब्लिक स्कूलों ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए हड़ताल की है। प्रदेश भर में निजी प्रकाशकों की किताबें लगाने पर दो सौ से तीन सौ करोड़ रुपया कमीशन के रूप में बंटता था। इसी कमीशन की वजह से विरोध किया जा रहा है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य होगा जिसने निजी और सरकारी स्कूलों में एक साथ एनसीईआरटी पुस्तकें लागू की हैं। मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री इस मुद्दे पर अभिभावकों की राय और समर्थन प्राप्त करने के लिए प्रदेश भर में जनता के बीच जाएंगे। इसकी शुरूआत आठ अप्रैल को हल्द्वानी से होगी। सायं चार बजे मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री हल्द्वानी के रामलीला मैदान में जनता दरबार लगाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एनसीईआरटी पुस्तकें लागू करने के फैसले को किसी भी हाल में वापस नहीं लेगी।
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पासी ने कहा कि प्रदेश के दुर्गम 27 ब्लाकों में आवासीय विद्यालय खोलने को केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। जीरो टोलरेंस के वायदे में काफी हद तक सरकार को सफलता मिली है। भाजपा के जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी सुरेश तिवारी, कुमाऊं सह मीडिया प्रभारी प्रकाश रावत मौजूद रहे।
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