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बिशप प्रेम प्रकाश हाबिल की गिरफ्तारी पर रोक
Updated Sat, 13 Jan 2018 02:37 AM IST
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नैनीताल। हाइकोर्ट ने ईसाई धर्मगुरु बिशप ऑफ आगरा प्रेम प्रकाश हाबिल की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। बिशप प्रेम प्रकाश प्रसिद्ध विद्यालयों सेंट जॉन कॉलेज आगरा, क्राइस्ट चर्च कॉलेज आगरा, शेरवुड कॉलेज नैनीताल और ऑल सेंट्स कॉलेज नैनीताल के चेयरमैन भी हैं।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष चेयरमैन प्रेम प्रकाश हाबिल की याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में कहा गया था कि 20 सितंबर 2016 को चर्च ऑफ इंडिया डाइसिस ऑफ लखनऊ के बिशप विजय कुमार रॉबिंसन ने हल्द्वानी कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर विजय, अजीत सोलेमान, कोनल स्विंग, दीपक कुमार, डी. प्रसाद व ईमैन्युअल के खिलाफ धारा-420, 419, 467, 468, 471 आइपीसी के तहत केस दर्ज किया। आरोप था कि आरोपियों ने गिरोह बनाकर फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए और इसी आधार पर उपनिबंधक चिटफंड हल्द्वानी में पंजीकरण करा लिया। स्वयं इन शैक्षणिक संस्थानों के प्रबंधक बनकर इनकी संपत्ति को खुर्दबुर्द किया जाने लगा। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विपुल शर्मा ने कहा कि प्राथमिकी में याची का नाम नहीं है, फिर भी पुलिस जबरदस्ती उसे गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है। मामले को सुनने के बाद कोर्ट ने बिशप ऑफ आगरा की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।
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न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष चेयरमैन प्रेम प्रकाश हाबिल की याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में कहा गया था कि 20 सितंबर 2016 को चर्च ऑफ इंडिया डाइसिस ऑफ लखनऊ के बिशप विजय कुमार रॉबिंसन ने हल्द्वानी कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर विजय, अजीत सोलेमान, कोनल स्विंग, दीपक कुमार, डी. प्रसाद व ईमैन्युअल के खिलाफ धारा-420, 419, 467, 468, 471 आइपीसी के तहत केस दर्ज किया। आरोप था कि आरोपियों ने गिरोह बनाकर फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए और इसी आधार पर उपनिबंधक चिटफंड हल्द्वानी में पंजीकरण करा लिया। स्वयं इन शैक्षणिक संस्थानों के प्रबंधक बनकर इनकी संपत्ति को खुर्दबुर्द किया जाने लगा। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विपुल शर्मा ने कहा कि प्राथमिकी में याची का नाम नहीं है, फिर भी पुलिस जबरदस्ती उसे गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है। मामले को सुनने के बाद कोर्ट ने बिशप ऑफ आगरा की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।
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