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एनसीसी, एनएसएस, खेल और सेना आश्रितों के वेटेज पर रोक नहीं
Updated Sat, 05 Aug 2017 02:08 AM IST
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नैनीताल। उच्च न्यायालय ने राज्य के इंटर पास विद्यार्थियों को स्नातक प्रथम वर्ष की प्रवेश प्रक्रि या में एनसीसी, एनएसएस, खेल और सेना कर्मियों के आश्रितों को दिए जाने वाले अधिमान को पूर्ववत जारी रखने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने इस मामले में शुक्रवार को फिर से सुनवाई की। बृहस्पतिवार को इस मामले से संबंधित याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था।
28 अगस्त 2014 को सरकार ने आदेश दिया था कि कुमाऊं विश्वविद्यालय स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश देते समय राज्य के माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से इंटर पास विद्यार्थियों को दस अंक का अधिमान दिया जाए। इस आदेश को आईसीएससी के छात्रों ने यह कहते हुए चुनौती दी थी कि उक्त लाभ उन्हें भी मिलना चाहिए। सरकार के इस आदेश पर न्यायालय ने रोक लगा दी थी। इसी मामले में विश्वविद्यालय की पुनर्विचार याचिका न्यायालय ने खारिज कर दी थी।
शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और कुमाऊं विश्वविद्यालय के छात्र अभिषेक मेहरा, अमित बिष्ट और नंदन सिजवाली ने न्यायालय में याचिका दाखिल की। याचिका में कहा गया कि न्यायालय ने हर तरह के अधिमान अंक पर रोक लगा लगा दी है। एनसीसी सी प्रमाणपत्र समेत खेल और अन्य गतिविधियों को देशभर में मान्यता दी जाती है। न्यायमूर्ति सुधांशु धुलिया ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के पूर्व आदेश में एनसीसी, एनएसएस, खेल और सेना कर्मियों के आश्रितों को दिए जाने वाले अधिमान अंकों पर कोई रोक नहीं लगाई है।
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स्नातक प्रथम वर्ष के प्रवेश में एनसीसी, एनएसएस, खेल और सेना के आश्रितों को मिलेगा अधिमान: उच्च न्यायालय
एबीवीपी और छात्रों की याचिका पर शुक्रवार को हुई सुनवाई
बृहस्पतिवार को विवि की पुनर्विचार याचिका खारिज हो गई थी
कुमाऊं विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर प्रवेश आज से शुरू
नैनीताल। प्रवेश प्रक्रिया में अधिमान अंकों को लेकर शुक्रवार को उच्च न्यायालय के आदेश के बाद कुमाऊं विश्वविद्यालय प्रवेश समिति ने शनिवार से स्नातक स्तर पर प्रवेश प्रक्रिया फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है। प्रवेश प्रक्रिया 21 अगस्त तक जारी रहेगी।
कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल की अध्यक्षता में हुई प्रवेश समिति की बैठक मेें स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने और मेरिट सूची जारी करने का फैसला हुआ। रजिस्ट्रार प्रो. डीसी पांडे ने बताया कि विश्वविद्यालय स्नातक स्तर पर प्रवेश में एनसीसी, एनएसएस, खेल और सेना आश्रितों के अलावा चार श्रेणियों में अधिमान अंक दिए जाते थे। इन श्रेणियों में उत्तराखंड बोर्ड से इंटर परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थी, उत्तराखंड के स्थाई निवासी छात्र, विश्वविद्यालय कर्मियों के पाल्यों तथा नगर के स्थानीय विद्यालय जीआईसी, जीजीआईसी और सीआरएसटी आदि शामिल थे। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद इन चार श्रेणियों में अधिमान अंक न देेते हुए प्रवेश प्रक्रिया शनिवार से शुरू करने का फैसला लिया गया है।
प्रो. पांडे ने बताया कि शुक्रवार को कोर्ट ने एनसीसी, एनएसएस, खेल और सेना आश्रितों को अधिमान अंक पूर्व की भांति देने का आदेश दिया है लिहाजा उक्त श्रेणियों में अधिमान अंक दिए जाएंगे।
बैठक में कुलसचिव प्रो. डीसी पांडे, डीएसबी परिसर निदेशक प्रो. एसपीएस मेहता, अल्मोड़ा के परिसर निदेशक प्रो. आरएस पथनी, कला संकायाध्यक्ष प्रो. जीएस बिष्ट, विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. बीआर कौशल, तकनीकि संकायाध्यक्ष प्रो. बीके सिंह, विधि संकायाध्यक्ष वीके भटट, प्रो. एमएस मवाड़ी के अलावा प्रवेश कोर कमेटी के प्रो. सतपाल बिष्ट, प्रो. महेन्द्र राणा, प्रो. एबी मेलकानी, डा. रितेश साह, प्रो. युगल जोशी आदि मौजूद थे।
न्यायालय का फैसला आने के बाद प्रवेश समिति की बैठक में हुआ फैसला
पूर्व की चार श्रेणियों में शामिल विद्यार्थियों को नहीं मिलेगा कोई अधिमान
एबीवीपी ने जताई प्रसन्नता
नैनीताल। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने यहां बैठक कर हाईकोर्ट द्वारा स्नातक स्तर पर प्रवेश में एनसीसी, एनएसएस, खेल और सेना आश्रितों को वेटेज अंक देने संबंधी आदेश पर प्रसन्नता व्यक्त की है। परिषद ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह प्रवेश में अन्य चार श्रेणियों में भी अधिमान अंकों का लाभ दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी पैरवी करें ताकि यहां के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके। बैठक में परिषद के जिला संयोजक नवीन भट्ट, परिषद के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य दीपक मेलकानी आदि मौजूद थे।
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28 अगस्त 2014 को सरकार ने आदेश दिया था कि कुमाऊं विश्वविद्यालय स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश देते समय राज्य के माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से इंटर पास विद्यार्थियों को दस अंक का अधिमान दिया जाए। इस आदेश को आईसीएससी के छात्रों ने यह कहते हुए चुनौती दी थी कि उक्त लाभ उन्हें भी मिलना चाहिए। सरकार के इस आदेश पर न्यायालय ने रोक लगा दी थी। इसी मामले में विश्वविद्यालय की पुनर्विचार याचिका न्यायालय ने खारिज कर दी थी।
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शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और कुमाऊं विश्वविद्यालय के छात्र अभिषेक मेहरा, अमित बिष्ट और नंदन सिजवाली ने न्यायालय में याचिका दाखिल की। याचिका में कहा गया कि न्यायालय ने हर तरह के अधिमान अंक पर रोक लगा लगा दी है। एनसीसी सी प्रमाणपत्र समेत खेल और अन्य गतिविधियों को देशभर में मान्यता दी जाती है। न्यायमूर्ति सुधांशु धुलिया ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के पूर्व आदेश में एनसीसी, एनएसएस, खेल और सेना कर्मियों के आश्रितों को दिए जाने वाले अधिमान अंकों पर कोई रोक नहीं लगाई है।
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स्नातक प्रथम वर्ष के प्रवेश में एनसीसी, एनएसएस, खेल और सेना के आश्रितों को मिलेगा अधिमान: उच्च न्यायालय
एबीवीपी और छात्रों की याचिका पर शुक्रवार को हुई सुनवाई
बृहस्पतिवार को विवि की पुनर्विचार याचिका खारिज हो गई थी
कुमाऊं विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर प्रवेश आज से शुरू
नैनीताल। प्रवेश प्रक्रिया में अधिमान अंकों को लेकर शुक्रवार को उच्च न्यायालय के आदेश के बाद कुमाऊं विश्वविद्यालय प्रवेश समिति ने शनिवार से स्नातक स्तर पर प्रवेश प्रक्रिया फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है। प्रवेश प्रक्रिया 21 अगस्त तक जारी रहेगी।
कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल की अध्यक्षता में हुई प्रवेश समिति की बैठक मेें स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने और मेरिट सूची जारी करने का फैसला हुआ। रजिस्ट्रार प्रो. डीसी पांडे ने बताया कि विश्वविद्यालय स्नातक स्तर पर प्रवेश में एनसीसी, एनएसएस, खेल और सेना आश्रितों के अलावा चार श्रेणियों में अधिमान अंक दिए जाते थे। इन श्रेणियों में उत्तराखंड बोर्ड से इंटर परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थी, उत्तराखंड के स्थाई निवासी छात्र, विश्वविद्यालय कर्मियों के पाल्यों तथा नगर के स्थानीय विद्यालय जीआईसी, जीजीआईसी और सीआरएसटी आदि शामिल थे। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद इन चार श्रेणियों में अधिमान अंक न देेते हुए प्रवेश प्रक्रिया शनिवार से शुरू करने का फैसला लिया गया है।
प्रो. पांडे ने बताया कि शुक्रवार को कोर्ट ने एनसीसी, एनएसएस, खेल और सेना आश्रितों को अधिमान अंक पूर्व की भांति देने का आदेश दिया है लिहाजा उक्त श्रेणियों में अधिमान अंक दिए जाएंगे।
बैठक में कुलसचिव प्रो. डीसी पांडे, डीएसबी परिसर निदेशक प्रो. एसपीएस मेहता, अल्मोड़ा के परिसर निदेशक प्रो. आरएस पथनी, कला संकायाध्यक्ष प्रो. जीएस बिष्ट, विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. बीआर कौशल, तकनीकि संकायाध्यक्ष प्रो. बीके सिंह, विधि संकायाध्यक्ष वीके भटट, प्रो. एमएस मवाड़ी के अलावा प्रवेश कोर कमेटी के प्रो. सतपाल बिष्ट, प्रो. महेन्द्र राणा, प्रो. एबी मेलकानी, डा. रितेश साह, प्रो. युगल जोशी आदि मौजूद थे।
न्यायालय का फैसला आने के बाद प्रवेश समिति की बैठक में हुआ फैसला
पूर्व की चार श्रेणियों में शामिल विद्यार्थियों को नहीं मिलेगा कोई अधिमान
एबीवीपी ने जताई प्रसन्नता
नैनीताल। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने यहां बैठक कर हाईकोर्ट द्वारा स्नातक स्तर पर प्रवेश में एनसीसी, एनएसएस, खेल और सेना आश्रितों को वेटेज अंक देने संबंधी आदेश पर प्रसन्नता व्यक्त की है। परिषद ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह प्रवेश में अन्य चार श्रेणियों में भी अधिमान अंकों का लाभ दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी पैरवी करें ताकि यहां के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके। बैठक में परिषद के जिला संयोजक नवीन भट्ट, परिषद के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य दीपक मेलकानी आदि मौजूद थे।