{"_id":"5c6c6361bdec22737d20d559","slug":"51550607201-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पानी मिला हुआ दूध पी रहे हैं अधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पानी मिला हुआ दूध पी रहे हैं अधिकारी
विज्ञापन
Milk
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। आपको इस बात से हैरत होगी कि जो दूध आप दूधिये से ले रहे हैं उसमें पानी की मिलावट है। यह दूध बाहर से हल्द्वानी में सप्लाई हो रहा है। यह बात खाद्य विभाग की जांच में सामने आई है। खाद्य विभाग की टीम ने ट्रेनों से आ रहे दूध के छह नमूने भरे हैं।
कुछ लोगों की ओर से डीएम से शिकायत की गई थी कि जो दूध वे दूधिये से लेते हैं वह बहुत पतला है। उसमें मिलावट भी हो सकती है। डीएम ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को छापा मारने के निर्देश दिए थे। मंगलवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन से आ रहे दूध की जांच की। जांच में टीम ने पाया कि बाहरी प्रदेश से आ रहे दूध में पानी मिला हुआ है। टीम ने इस दौरान तीन दूध विक्रेताओं की केनों से छह नमूने भरे। खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश टम्टा ने बताया कि इन सैंपल को जांच के लिए रुद्रपुर लैब में भेजा गया है। जांच टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी नैनीताल अश्वनी सिंह, आरके शर्मा, नंद किशोर और पुलिस टीम मौजूद रही।
ये दूधिये दूध नहीं, पानी पिला रहे हैं
खाद्य विभाग की जांच में सामने से आया सच, छह नमूने भी लिए
2000 लीटर की खपत होती है शहर में बाहर से आने वाले दूध की
10 मामले एडीएम कोर्ट में चल रहे हैं अधोमानक दूध के
यह भी जानें
-बरेली, बहेड़ी, रामपुर और पीलीभीत से लगते हुए क्षेत्रों से ट्रेनों के जरिये आता है दूध।
- स्वास्थ्य के लिए हानिकारक दूध में अधिकतम पांच लाख तक का जुर्माना और सात साल की कैद का प्रावधान है।
कैसे जानें दूध में मिलावट
-दूध में पानी की मिलावट जांचने लिए बाजार में लैक्टोमीटर आता है। गाय के दूध में लैक्टोमीटर की रीडिंग 28 से 30 के बीच और भैंस के दूध में 30 से 32 की रीडिंग आनी चाहिए। इसे कम आने पर दूध में पानी की मिलावट होगी।
विज्ञापन
-दूध में स्टार्च की मिलावट जांचने के लिए दूध में कुछ बूदें आयोडीन टिंचर या आयोडीन सॉल्यूशन की डालें। यदि दूध का रंग नीला हो जाए तो इसका मतलब दूध मिलावटी है।
- सिंथेटिक दूध की पहचान करने के लिए उसे सूंघें, अगर साबुन जैसी गंध आ रही है तो इसका मतलब है कि दूध सिंथेटिक है जबकि असली दूध में खास गंध नहीं आती।
-असली दूध का स्वाद हल्का मीठा होता है, जबकि नकली दूध का स्वाद डिटर्जेंट और सोडा मिला होने की वजह से कड़वा लगता है।
-असली दूध स्टोर करने पर अपना रंग नहीं बदलता, जबकि मिलावटी दूध कुछ वक्त के बाद पीला पड़ने लगता है।
-दूध में पानी के मिलावट की पहचान के लिए दूध को एक काली सतह पर छोड़ें, अगर दूध के पीछे एक सफेद लकीर छूटे तो दूध असली है।
-असली दूध को उबालें तो इसका रंग नहीं बदलता, वहीं मिलावटी दूध उबालने पर पीले रंग का हो जाता है।
- असली दूध को हाथों के बीच रगड़ने पर कोई चिकनाहट महसूस नहीं होती। वहीं, मिलावटी दूध को अगर आप हाथों के बीच रगड़ेंगे तो डटर्जेंट जैसी चिकनाहट महसूस होगी।
विज्ञापन
कुछ लोगों की ओर से डीएम से शिकायत की गई थी कि जो दूध वे दूधिये से लेते हैं वह बहुत पतला है। उसमें मिलावट भी हो सकती है। डीएम ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को छापा मारने के निर्देश दिए थे। मंगलवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन से आ रहे दूध की जांच की। जांच में टीम ने पाया कि बाहरी प्रदेश से आ रहे दूध में पानी मिला हुआ है। टीम ने इस दौरान तीन दूध विक्रेताओं की केनों से छह नमूने भरे। खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश टम्टा ने बताया कि इन सैंपल को जांच के लिए रुद्रपुर लैब में भेजा गया है। जांच टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी नैनीताल अश्वनी सिंह, आरके शर्मा, नंद किशोर और पुलिस टीम मौजूद रही।
विज्ञापन
ये दूधिये दूध नहीं, पानी पिला रहे हैं
खाद्य विभाग की जांच में सामने से आया सच, छह नमूने भी लिए
2000 लीटर की खपत होती है शहर में बाहर से आने वाले दूध की
10 मामले एडीएम कोर्ट में चल रहे हैं अधोमानक दूध के
यह भी जानें
-बरेली, बहेड़ी, रामपुर और पीलीभीत से लगते हुए क्षेत्रों से ट्रेनों के जरिये आता है दूध।
- स्वास्थ्य के लिए हानिकारक दूध में अधिकतम पांच लाख तक का जुर्माना और सात साल की कैद का प्रावधान है।
कैसे जानें दूध में मिलावट
-दूध में पानी की मिलावट जांचने लिए बाजार में लैक्टोमीटर आता है। गाय के दूध में लैक्टोमीटर की रीडिंग 28 से 30 के बीच और भैंस के दूध में 30 से 32 की रीडिंग आनी चाहिए। इसे कम आने पर दूध में पानी की मिलावट होगी।
विज्ञापन
-दूध में स्टार्च की मिलावट जांचने के लिए दूध में कुछ बूदें आयोडीन टिंचर या आयोडीन सॉल्यूशन की डालें। यदि दूध का रंग नीला हो जाए तो इसका मतलब दूध मिलावटी है।
- सिंथेटिक दूध की पहचान करने के लिए उसे सूंघें, अगर साबुन जैसी गंध आ रही है तो इसका मतलब है कि दूध सिंथेटिक है जबकि असली दूध में खास गंध नहीं आती।
-असली दूध का स्वाद हल्का मीठा होता है, जबकि नकली दूध का स्वाद डिटर्जेंट और सोडा मिला होने की वजह से कड़वा लगता है।
-असली दूध स्टोर करने पर अपना रंग नहीं बदलता, जबकि मिलावटी दूध कुछ वक्त के बाद पीला पड़ने लगता है।
-दूध में पानी के मिलावट की पहचान के लिए दूध को एक काली सतह पर छोड़ें, अगर दूध के पीछे एक सफेद लकीर छूटे तो दूध असली है।
-असली दूध को उबालें तो इसका रंग नहीं बदलता, वहीं मिलावटी दूध उबालने पर पीले रंग का हो जाता है।
- असली दूध को हाथों के बीच रगड़ने पर कोई चिकनाहट महसूस नहीं होती। वहीं, मिलावटी दूध को अगर आप हाथों के बीच रगड़ेंगे तो डटर्जेंट जैसी चिकनाहट महसूस होगी।