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4 जी तो दूर यहां मोबाइल के नेटवर्क भी नहीं

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 11 Sep 2022 12:54 AM IST
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4G is not even a mobile network here
हल्द्वानी। फतेहपुर बावन डांठ से आगे बढ़ते हैं तो आगे चलकर नाईसेला गांव, मोना, बाना, बेल, हेड़ी अमरोड़ी आदि गांव आते हैं। इन गांवों की आबादी करीब 1800 है। इन गांवों के लोग मूलभूत सुविधाओं के जूझ रहे हैं। अब जब फाइव जी मोबाइल नेटवर्क की बात होने लगी है लेकिन इन गांवों में संचार सुविधा ही नहीं है। इसके चलते नाईसेला, हेड़ी आदि गांव के लोगों का देश दुनिया से संपर्क नहीं हो पाता। इन गांवों तक तक जाने वाली सड़क की हालत खस्ता है। गांवों में लो वोल्टेज की समस्या है, साथ ही बिजली कटौती से भी लोग परेशान हैं।
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गांव की डगर, मुश्किलों से भरी मगर
भीमताल ब्लॉक की ग्राम सभा बेल के अंतर्गत आने वाले हेड़ी गांव में पहुंचना भी मुश्किलों से कम नहीं है। बेल से नाईसेला गांव तक तो पक्की सड़क है, उसके आगे हेड़ी गांव तक जाने के लिए कच्ची सड़क बनी है। हेड़ी के लोग जैसे-तैसे गांव पहुंचते है। मगर बरसात के कारण सड़क को काफी नुकसान हुआ है। यह मार्ग दो महीने से बंद है। इसी गांव के पास मोना गांव है, यहां के लोग सड़क का इंतजार लंबे समय से कर रहे हैं। मगर उनका इंतजार खत्म नहीं हो रहा है।
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आपात स्थिति में भी संचार की सुविधा नहीं
इस इलाके में संचार की सबसे अधिक दिक्कत है। नाईसेला गांव और हेड़ी में संचार की सुविधा नहीं है। इसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सबसे ज्यादा दिक्कत आपातकालीन स्थिति में आती है। बिजली की भी दिक्कत बनी रहती है। लो वोल्टेज की समस्या से लोग परेशान हैं। यह दिक्कत आसपास के दूसरे गांवों में भी है।
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स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर एक एएनएम सेंटर
क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर नाइसेला गांव में केवल एक एएनएम सेंटर है। बीमार, घायल या गर्भवती महिला को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाना चुनौतीपूर्ण होता है। बात अगर शिक्षा की करें तो नाईसेला में सरकारी हाईस्कूल है, इसके आगे की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को लामाचौड़ आना होता है।
पेयजल के लिए पांच किमी की दौड़
हेड़ी गांव में पानी की दिक्कत बनी है। यहां के स्थानीय निवासियों के अनुसार पानी के लिए पांच किमी तक जाना पड़ता है। घर वालों की मदद के लिए बच्चे भी पानी लाने के लिए जुटते हैं। नाईसेला गांव में सिंचाई की भी दिक्कत है। यहां पर नहर जगह-जगह क्षतिग्रस्त है।
ग्रामीणों की पीड़ा
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पूरे इलाके में संचार सेवा की कोई व्यवस्था नहीं है। अगर कोई आपात स्थिति आ जाए तो सहायता प्राप्त करने में समस्या आती है। बैंक भी नहीं है। इसके अलावा स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में और सुविधाओं को पहुंचाने की जरूरत है। - गीता गैड़ा, ग्राम प्रधान, बेल
गांव को आने वाला मुख्य मार्ग खराब हालत में है, इस मार्ग पर चलना मुश्किल है। दो महीने पहले आपदा में मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था। उसके बाद से सड़क की मरम्मत नहीं हुई है। - डूंगर देव पलड़िया, निवासी हेड़ी
मोना बैंड से गांव तक तीन किमी तक मार्ग को बनाने की जरूरत है। इससे लोगों को काफी सुविधा हो जाएगी। अभी मार्गों की हालत खस्ता है, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। - फ्रांसिस, निवासी मोना

गांव को जोड़ने वाली सड़क खराब है। संचार व्यवस्था न होने के कारण भी लोगों को दिक्कत होती है। इन समस्याओं का तत्काल समाधान करने की जरूरत है। - महेंद्र विलियम, निवासी बाना
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