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नैनी झील के संरक्षण और संवर्धन को सामूहिक पहल जरूरी
Updated Sun, 26 Nov 2017 02:22 AM IST
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नैनीताल। ऑल इंडिया वीमेंस काफ्रेंस के सहयोग से शनिवार को शैले हॉल में नैनी झील को कैसे बचाएं विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। कुविवि के कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल ने कहा कि जीवनदायिनी नैनी झील के संरक्षण और संवर्धन के लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे। विधायक संजीव आर्या ने कहा कि नैनी झील व नैनीताल के प्रति यहां के विभागों समेत यहां के स्थानीय निवासियों को भी जागरूक होना होगा।
मुख्य वक्ता वरिष्ठ भू वैज्ञानिक प्रो. बीसी कोटलिया ने नैनीताल क्षेत्र में होने वाले भूगर्भीय उथल पुथल व यहां की पहाड़ियों पर हो रहे परिवर्तनों पर व्याख्यान देते हुए कहा कि नैनी झील का मुख्य रिचार्ज स्रोत सूखाताल है। सूखाताल झील को पुन: रिचार्ज करने के लिए करीब सात मीटर गहरी झील का पुन: निर्माण करना होगा। अध्यक्षता पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण और संचालन प्रो. नीता बोरा और हेमंत बिष्ट ने संयुक्त रूप से किया।। डीएसबी परिसर के भू विज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. सीसी पंत, हिल सेफ्टी कमेटी के सचिव सीएस नेगी, सीएस खेतवाल, केसी पंत समेत, ऑल इंडिया वीमेंस कॉंफ्रेस की स्टेडिंग कमेटी की सदस्य शांति मेहरा, अध्यक्ष सरिता आर्या, सचिव मंजू कोटलिया, उपाध्यक्ष मुन्नी तिवारी ने भी विचार रखे। इस मौके पर पर्यावरणविद् प्रो.जीएल शाह, राजीव लोचन साह, मुकेश जोशी, रोहिताश वर्मा, तारा बोरा, गोपाल सिंह रावत, मनोज जोसी, डॉ. सरस्वती खेतवाल, संजय वर्मा, पूरन सिंह मेहरा, ज्योति प्रकाश आदि मौजूद रहे।
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मुख्य वक्ता वरिष्ठ भू वैज्ञानिक प्रो. बीसी कोटलिया ने नैनीताल क्षेत्र में होने वाले भूगर्भीय उथल पुथल व यहां की पहाड़ियों पर हो रहे परिवर्तनों पर व्याख्यान देते हुए कहा कि नैनी झील का मुख्य रिचार्ज स्रोत सूखाताल है। सूखाताल झील को पुन: रिचार्ज करने के लिए करीब सात मीटर गहरी झील का पुन: निर्माण करना होगा। अध्यक्षता पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण और संचालन प्रो. नीता बोरा और हेमंत बिष्ट ने संयुक्त रूप से किया।। डीएसबी परिसर के भू विज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. सीसी पंत, हिल सेफ्टी कमेटी के सचिव सीएस नेगी, सीएस खेतवाल, केसी पंत समेत, ऑल इंडिया वीमेंस कॉंफ्रेस की स्टेडिंग कमेटी की सदस्य शांति मेहरा, अध्यक्ष सरिता आर्या, सचिव मंजू कोटलिया, उपाध्यक्ष मुन्नी तिवारी ने भी विचार रखे। इस मौके पर पर्यावरणविद् प्रो.जीएल शाह, राजीव लोचन साह, मुकेश जोशी, रोहिताश वर्मा, तारा बोरा, गोपाल सिंह रावत, मनोज जोसी, डॉ. सरस्वती खेतवाल, संजय वर्मा, पूरन सिंह मेहरा, ज्योति प्रकाश आदि मौजूद रहे।
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