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कैलाश मानसरोवर यात्रा का पांचवा दल रवाना
Updated Fri, 29 Jun 2018 01:55 AM IST
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कैलाश मानसरोवर
- फोटो : SELF
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हल्द्वानी। कैलाश मानसरोवर यात्रा का पांचवां दल गुरुवार को काठगोदाम स्थित टीआरसी पहुंचा। केमवीएन के महाप्रबंधक त्रिलोक सिंह मर्तोलिया सहित स्टाप ने दल का स्वागत किया। दल में 12 महिलाओं समेत 59 यात्री शामिल हैं। दल की कमान दो जनसंपर्क अधिकारी सुशील कुमार वर्मा और छेत्रिय इयापा कुटाप्पा को सौंपी गई है। दल में सबसे कम उम्र की यात्री 21 वर्षीय शुभांगी कृष्णन और सबसे अधिक अधिक उम्र के 70 वर्षीय केदार सोलंकी हैं।
शुभांगी कृष्णन 21, महाराष्ट्र
पहली बार मैं अपनी मम्मी विद्या लक्ष्मी और पापा कृष्णन के साथ यात्रा कर रही हूं। यकीन नहीं हो रहा कि हमें यात्रा में शामिल होने का मौका इतनी आसानी से मिल जाएगा। एक इंश्योरेंस कंपनी में कार्य करती हूं और घूमने के साथ धार्मिक आस्था भी है इसलिए मेरे लिए यह एक सुनहरा मौका है। यात्रा में चढ़ाई में चलने पर दिक्कत न हो इसके लिए दो माह से हम तीनों रोजाना सुबह दो घंटे पैदल चलने का अभ्यास करते आ रहे हैं।
केदार सोलंकी 70, राजस्थान
मैं राजस्थान हाईकोर्ट में वकील हूं। सत्तर की उम्र में यात्रा में जाने का मौका मिल गया और सारे मेडिकल फिटनेस टेस्ट भी पास कर लिए बस यही मेरी मुराद पूरे होने जैसा रहा। रोजाना पांच किमी पैदल चलना और साइकिल चलाना मेरी सेहत का राज है। शादी भी नहीं कि बस भोले की भक्ति में ही जीवन व्यतीत कर दिया।
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दसवीं बार यात्रा कर रहे हैं जागेश
भावनगर गुजरात के जागेश कुमार नगिनदास की उम्र 55 वर्ष है और वे लगातार दसवीं बार कैलाश यात्रा के दौरे पर हैं। उन्होंने बताया कि अब तक की यात्रा के अनुभव काफी अच्छे रहे हैं। चीन हर बार नए नियम और कानून यात्रियों के सामने लाकर खड़ा कर देता है, इस बार भी सुनने में आया है कि श्रद्धालुओं को मानसरोवर झील में डुबकी नहीं लगाने दी जा रही है। असल कारण वहां पहुंच कर अमर उजाला से जरूर साझा करूंगा।
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शुभांगी कृष्णन 21, महाराष्ट्र
पहली बार मैं अपनी मम्मी विद्या लक्ष्मी और पापा कृष्णन के साथ यात्रा कर रही हूं। यकीन नहीं हो रहा कि हमें यात्रा में शामिल होने का मौका इतनी आसानी से मिल जाएगा। एक इंश्योरेंस कंपनी में कार्य करती हूं और घूमने के साथ धार्मिक आस्था भी है इसलिए मेरे लिए यह एक सुनहरा मौका है। यात्रा में चढ़ाई में चलने पर दिक्कत न हो इसके लिए दो माह से हम तीनों रोजाना सुबह दो घंटे पैदल चलने का अभ्यास करते आ रहे हैं।
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केदार सोलंकी 70, राजस्थान
मैं राजस्थान हाईकोर्ट में वकील हूं। सत्तर की उम्र में यात्रा में जाने का मौका मिल गया और सारे मेडिकल फिटनेस टेस्ट भी पास कर लिए बस यही मेरी मुराद पूरे होने जैसा रहा। रोजाना पांच किमी पैदल चलना और साइकिल चलाना मेरी सेहत का राज है। शादी भी नहीं कि बस भोले की भक्ति में ही जीवन व्यतीत कर दिया।
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दसवीं बार यात्रा कर रहे हैं जागेश
भावनगर गुजरात के जागेश कुमार नगिनदास की उम्र 55 वर्ष है और वे लगातार दसवीं बार कैलाश यात्रा के दौरे पर हैं। उन्होंने बताया कि अब तक की यात्रा के अनुभव काफी अच्छे रहे हैं। चीन हर बार नए नियम और कानून यात्रियों के सामने लाकर खड़ा कर देता है, इस बार भी सुनने में आया है कि श्रद्धालुओं को मानसरोवर झील में डुबकी नहीं लगाने दी जा रही है। असल कारण वहां पहुंच कर अमर उजाला से जरूर साझा करूंगा।