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कारगिल युद्ध के शहीद को किया गया याद
Updated Sat, 09 Jun 2018 02:36 AM IST
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हल्द्वानी। कारगिल युद्ध में शहीद हुए नायक मोहन सिंह को पूर्व सैनिक कल्याण विभाग कार्यालय में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। शहीद की पत्नी सहित अन्य लोगों ने श्रद्धांजलि देकर शहीद को याद किया।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी मेजर बीएस रौतेला के अनुसार बागेश्वर जिले के किमोली निवासी मोहन सिंह पांच भाइयों में तीसरे नंबर के थे। कांडा स्थित राजकीय इंटर कॉलेज से हाईस्कूल उत्तीर्ण करने के बाद मोहन सिंह 23 नवंबर 1984 को सेना में भर्ती हुए। प्रशिक्षण के बाद उनका तबादला तीन कुमाऊं रेजीमेंट में हो गया। कुछ ही दिनों में उनकी पदोन्नति हवलदार के पद पर हुई। 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान हवलदार ने ऑपरेशन विजय के लिए बटालियन के साथ कूच किया। इस क्षेत्र में दुर्घटना के दौरान मोहन सिंह की मौत हो गई। शहीद की वीरांगना जानकी देवी हल्द्वानी में परिवार के साथ रहती हैं। उनका बेटा होटल मैनेजमेंट कर नौकरी कर रहा है। बेटी की शादी हो गई है। उन्होेंने कहा कि जिस समय पति शहीद हुए, उस समय बच्चे काफी छोटे थे।
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जिला सैनिक कल्याण अधिकारी मेजर बीएस रौतेला के अनुसार बागेश्वर जिले के किमोली निवासी मोहन सिंह पांच भाइयों में तीसरे नंबर के थे। कांडा स्थित राजकीय इंटर कॉलेज से हाईस्कूल उत्तीर्ण करने के बाद मोहन सिंह 23 नवंबर 1984 को सेना में भर्ती हुए। प्रशिक्षण के बाद उनका तबादला तीन कुमाऊं रेजीमेंट में हो गया। कुछ ही दिनों में उनकी पदोन्नति हवलदार के पद पर हुई। 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान हवलदार ने ऑपरेशन विजय के लिए बटालियन के साथ कूच किया। इस क्षेत्र में दुर्घटना के दौरान मोहन सिंह की मौत हो गई। शहीद की वीरांगना जानकी देवी हल्द्वानी में परिवार के साथ रहती हैं। उनका बेटा होटल मैनेजमेंट कर नौकरी कर रहा है। बेटी की शादी हो गई है। उन्होेंने कहा कि जिस समय पति शहीद हुए, उस समय बच्चे काफी छोटे थे।
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