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तहसीलदार के मनाने से भी नहीं माने कुंवाली क्षेत्र के आंदोलनकारी
Updated Fri, 16 Mar 2018 11:57 PM IST
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा खोलने सहित तमाम मांगों को लेकर कुंवाली क्षेत्र के लोगों का बेमियादी धरना प्रदर्शन जारी है। सातवें दिन मौके पर पहुंची तहसीलदार नितेश डांगर की भी आंदोलनकारियों ने एक नहीं सुनीं। ग्रामीणों में विभागीय अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने से आक्रोश था। तहसीलदार ने सोमवार को विभागीय अधिकारियों के साथ फिर से आने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने कहा कि यदि शीघ्र समस्याएं हल नहीं होती तो वह लोग आमरण अनशन को मजबूर होंगे।
क्षेत्र के मोटर मार्गों का सुधारीकरण और डामरीकरण करने, कुंवाली में एलोपैथिक अस्पताल खोलने और राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा खोलने सहित तमाम मांगों को लेकर धरना सातवें दिन में पहुंच गया है। वहां पहुंची तहसीलदार ने आंदोलनकारियों के साथ लंबी वार्ता की, लेकिन आंदोलनकारी नहीं माने। कहा कि जब तक समस्याओं के निराकरण को लेकर लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने में ग्रामीण महिलाएं भी भाग ले रही हैं। वहां रघुवर सिंह परिहार, गोपाल सिंह, प्रधान कुल प्रकाश, नंद किशोर, दीन दयाल, जीवन सिंह बिष्ट, लछम सिंह, जशोद राम, राजेंद्र बिश्ट, डीके पांडे, अशोक कुमार आदि थे।
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क्षेत्र के मोटर मार्गों का सुधारीकरण और डामरीकरण करने, कुंवाली में एलोपैथिक अस्पताल खोलने और राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा खोलने सहित तमाम मांगों को लेकर धरना सातवें दिन में पहुंच गया है। वहां पहुंची तहसीलदार ने आंदोलनकारियों के साथ लंबी वार्ता की, लेकिन आंदोलनकारी नहीं माने। कहा कि जब तक समस्याओं के निराकरण को लेकर लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने में ग्रामीण महिलाएं भी भाग ले रही हैं। वहां रघुवर सिंह परिहार, गोपाल सिंह, प्रधान कुल प्रकाश, नंद किशोर, दीन दयाल, जीवन सिंह बिष्ट, लछम सिंह, जशोद राम, राजेंद्र बिश्ट, डीके पांडे, अशोक कुमार आदि थे।
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