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164 सहायक अध्यापकों को हाइकोर्ट ने नोटिस जारी किया
Updated Fri, 16 Jun 2017 11:56 PM IST
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164 सहायक अध्यापकों को हाइकोर्ट ने नोटिस जारी किया
नैनीताल।
हाइकोर्ट ने नियम विरुद्ध तरीके से नौकरी पाने वाले 164 सहायक अध्यापकों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हरिद्वार निवासी कुलदीप कुमार व अन्य ने हाइकोर्ट में स्पेशल अपील दायर कर कहा था कि वर्ष 2012 में एनसीटीई के शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत शिक्षक बनने के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया था। राज्य सरकार ने 17 फरवरी 2016 को सहायक अध्यापको के 1200 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया। इसमें कुछ बीएड और सीपएड-1 शैक्षिक योग्यता वालों ने भी आवेदन किया। ये पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं थे। सरकार ने इनको भी नियुक्ति दे दी। शुक्रवार को सरकार की ओर से ऐसे 164 सहायक अध्यापकों की सूची कोर्ट में पेश की गई। पक्षों की सुनवाई के बाद हाइकोर्ट की खंडपीठ ने 164 सहायक अध्यापकों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।
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नैनीताल।
हाइकोर्ट ने नियम विरुद्ध तरीके से नौकरी पाने वाले 164 सहायक अध्यापकों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हरिद्वार निवासी कुलदीप कुमार व अन्य ने हाइकोर्ट में स्पेशल अपील दायर कर कहा था कि वर्ष 2012 में एनसीटीई के शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत शिक्षक बनने के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया था। राज्य सरकार ने 17 फरवरी 2016 को सहायक अध्यापको के 1200 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया। इसमें कुछ बीएड और सीपएड-1 शैक्षिक योग्यता वालों ने भी आवेदन किया। ये पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं थे। सरकार ने इनको भी नियुक्ति दे दी। शुक्रवार को सरकार की ओर से ऐसे 164 सहायक अध्यापकों की सूची कोर्ट में पेश की गई। पक्षों की सुनवाई के बाद हाइकोर्ट की खंडपीठ ने 164 सहायक अध्यापकों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।