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जीआईसी खेल मैदान के बीचोंबीच आई दरार
Updated Sat, 06 Oct 2018 02:06 AM IST
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नैनीताल। बलिया नाले का भूस्खलन अब जीआईसी के आधे खेल मैदान को निगलने के कगार पर है। शुक्रवार को मैदान के बीचोंबीच आई दरार से लोगों में दहशत फैल गई। आधे खेल मैदान के नाले में समाने की आशंका से लोग परेशान हैं।
बलिया नाले में लगभग तीन माह से भूस्खलन हो रहा है। अब तक 24 से ज्यादा परिवार विस्थापित किये जा चुके हैं। लगभग 15 घरों को खतरा अब भी बना हुआ है। शुक्रवार को उस समय खतरा और बढ़ गया जब जीआईसी खेल मैदान के बीचोंबीच दरार देखी गई। स्थानीय निवासियों ने बताया कि दरार आने के बाद से लोगों में चिंता और ज्यादा हो गई है।
जीयोनेटिंग विधि से ट्रीटमेंट का किया विरोध
स्थानीय लोगों ने शुक्रवार को जीयोनेटिंग विधि से बलिया नाले का ट्रीटमेंट करने का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि इस विधि से किया गया ट्रीटमेंट स्थायी नहीं होगा। ट्रीटमेंट में ऐसी विधि अपनाई जाए, जिससे ट्रीटमेंट स्थायी हो सके। लोगों ने आरोप लगाया कि बलिया नाले के लिए पूर्व में आया पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। दोबारा ऐसा न हो इसलिए स्थानीय व्यक्ति की जगह पर किसी बाहर की संस्था को ट्रीटमेंट की जिम्मेदारी दी जाए। इस दौरान ममता जोशी, शांति देवी, कमल सिलेलाल, गौरव कुमार, सुमन, चंपा बिष्ट, मीना बेगम, गोपाल, रजब अली, राधा, मीना, पिंटो, हेमा, चंपा, नीलम, मीना, संगीता, सुनीता देवी आदि थे।
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बलियानाले के भूस्खलन से नागरिकों में दहशत
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बलिया नाले में लगभग तीन माह से भूस्खलन हो रहा है। अब तक 24 से ज्यादा परिवार विस्थापित किये जा चुके हैं। लगभग 15 घरों को खतरा अब भी बना हुआ है। शुक्रवार को उस समय खतरा और बढ़ गया जब जीआईसी खेल मैदान के बीचोंबीच दरार देखी गई। स्थानीय निवासियों ने बताया कि दरार आने के बाद से लोगों में चिंता और ज्यादा हो गई है।
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जीयोनेटिंग विधि से ट्रीटमेंट का किया विरोध
स्थानीय लोगों ने शुक्रवार को जीयोनेटिंग विधि से बलिया नाले का ट्रीटमेंट करने का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि इस विधि से किया गया ट्रीटमेंट स्थायी नहीं होगा। ट्रीटमेंट में ऐसी विधि अपनाई जाए, जिससे ट्रीटमेंट स्थायी हो सके। लोगों ने आरोप लगाया कि बलिया नाले के लिए पूर्व में आया पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। दोबारा ऐसा न हो इसलिए स्थानीय व्यक्ति की जगह पर किसी बाहर की संस्था को ट्रीटमेंट की जिम्मेदारी दी जाए। इस दौरान ममता जोशी, शांति देवी, कमल सिलेलाल, गौरव कुमार, सुमन, चंपा बिष्ट, मीना बेगम, गोपाल, रजब अली, राधा, मीना, पिंटो, हेमा, चंपा, नीलम, मीना, संगीता, सुनीता देवी आदि थे।
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