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आशाओं ने किया गर्भनिरोधक सामग्री जलाने का प्रयास
Updated Thu, 12 Jul 2018 02:08 AM IST
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नैनीताल। गर्भनिरोधक सामग्री का नाम आशाओं के नाम पर रखने पर इसका विरोध शुरू हो गया है। बुधवार को बीडी पांडे अस्पताल में सामग्री वितरण के दौरान आशाओं ने जमकर हंगामा किया।
गुस्साईं आशाओं ने गर्भनिरोधक सामग्री को जलाने का प्रयास किया। बाद में अस्पताल स्टाफ के समझाने पर वह मानीं, लेकिन उन्होंने सामग्री वितरण का बहिष्कार कर दिया। इससे जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े को झटका लगने की आशंका पैदा हो गई है।
जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े को लेकर हुई बैठक के बाद आशाएं बीडी पांडे महिला अस्पताल में पहुंचीं। अस्पताल प्रशासन ने जब महिलाओं को गर्भनिरोधक सामग्री दी तो वह आगबबूला हो गईं। आशाओं ने सामग्री लेने से साफ इनकार कर दिया। आशाओं ने कहा कि बीते वर्ष उन्होंने सामग्री का नाम आशाओं के नाम से जोड़ने का विरोध किया था। इसके बावजूद दोबारा उसी नाम से सामग्री भेजी गई है। कहा कि इससे नारी सम्मान को ठेस लगी है। आशाओं ने गर्भनिरोधक सामग्री को गेट पर इकट्ठा कर जलाने का प्रयास करने लगीं।
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...तो आयुष्मान भारत का भी होगा विरोध
उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल ने सीएमओ को पत्र देकर बताया कि आशाएं गर्भनिरोधक सामग्री के वितरण का विरोध करती हैं। आशाएं यह सामग्री नहीं बांटेंगी और जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े का भी विरोध करेंगी। अगर आयुष्मान भारत सर्वे में उचित प्रोत्साहन राशि नहीं मिली तो आशाएं इसका भी विरोध करेंगी। इस दौरान सुमन बिष्ट, कुसुमलता सनवाल, राधा राणा, माधवी, हेमा आर्या, सरिता, पंकज रानी, दीपा अधिकारी, दुर्गा टम्टा आदि मौजूद रहे।
आशाओं ने किया गर्भनिरोधक सामग्री जलाने का प्रयास
-सरकार ने गर्भनिरोधक सामग्री को दिया है आशा का नाम
-आशाओं ने इसे बताया नारी सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला
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गुस्साईं आशाओं ने गर्भनिरोधक सामग्री को जलाने का प्रयास किया। बाद में अस्पताल स्टाफ के समझाने पर वह मानीं, लेकिन उन्होंने सामग्री वितरण का बहिष्कार कर दिया। इससे जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े को झटका लगने की आशंका पैदा हो गई है।
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जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े को लेकर हुई बैठक के बाद आशाएं बीडी पांडे महिला अस्पताल में पहुंचीं। अस्पताल प्रशासन ने जब महिलाओं को गर्भनिरोधक सामग्री दी तो वह आगबबूला हो गईं। आशाओं ने सामग्री लेने से साफ इनकार कर दिया। आशाओं ने कहा कि बीते वर्ष उन्होंने सामग्री का नाम आशाओं के नाम से जोड़ने का विरोध किया था। इसके बावजूद दोबारा उसी नाम से सामग्री भेजी गई है। कहा कि इससे नारी सम्मान को ठेस लगी है। आशाओं ने गर्भनिरोधक सामग्री को गेट पर इकट्ठा कर जलाने का प्रयास करने लगीं।
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...तो आयुष्मान भारत का भी होगा विरोध
उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल ने सीएमओ को पत्र देकर बताया कि आशाएं गर्भनिरोधक सामग्री के वितरण का विरोध करती हैं। आशाएं यह सामग्री नहीं बांटेंगी और जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े का भी विरोध करेंगी। अगर आयुष्मान भारत सर्वे में उचित प्रोत्साहन राशि नहीं मिली तो आशाएं इसका भी विरोध करेंगी। इस दौरान सुमन बिष्ट, कुसुमलता सनवाल, राधा राणा, माधवी, हेमा आर्या, सरिता, पंकज रानी, दीपा अधिकारी, दुर्गा टम्टा आदि मौजूद रहे।
आशाओं ने किया गर्भनिरोधक सामग्री जलाने का प्रयास
-सरकार ने गर्भनिरोधक सामग्री को दिया है आशा का नाम
-आशाओं ने इसे बताया नारी सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला