{"_id":"5ada4cf04f1c1b84098b5a7f","slug":"152425598613-ramnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वनग्राम सुंदरखाल में विद्युत पोल उठाने आए लोगों को ग्रामीणों ने खदेड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वनग्राम सुंदरखाल में विद्युत पोल उठाने आए लोगों को ग्रामीणों ने खदेड़ा
Updated Sat, 21 Apr 2018 02:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामनगर (नैनीताल)। वन ग्राम विकास समिति की ओर से वन ग्राम सुंदरखाल देवीचैड़ खत्ता में दीनदयाल उपाध्याय सौभाग्य योजना से विद्युतीकरण का कार्य चल रहा था। इस पर रामनगर वन प्रभाग की डीएफओ नेहा वर्मा की ओर से रोक लगा दी गई। काम रुकने के बाद गांव से बिजली पोल उठाने के लिए वन विभाग की ओर से कहा गया।
इस पर बिजली ठेकेदार सुंदरखाल गांव में लगे पोल अपने कर्मियों से निकलवाने लगा तो गांव के लोगों ने विरोध कर ठेकेदार को गांव से खदेड़ दिया और बिजली सामान के साथ ही पोलों को भी कब्जे में ले लिया। ग्राम प्रधान चंदन राम ने कहा कि यदि सुंदरखाल में विद्युतीकरण पर तत्काल रोक नहीं हटाई तो डीएफओ के खिलाफ ग्रामीण सड़क पर उतरेंगे। वन ग्राम विकास समिति ने निर्णय लिया कि एक सप्ताह में समाधान नहीं हुआ तो सभी वन ग्रामवासी डीएफओ का घेराव करेंगे। समिति अध्यक्ष एसलाल ने बताया कि वन अधिनियम के तहत निहित प्रावधानों को सन 1980 में लागू किया गया, जबकि देवीचौड़ को बसे 100 वर्ष और सुंदरखाल को 60 वर्ष हो चुके हैं। 1980 से पहले बसे गांव के ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। बैठक में आरोप लगाया कि डीएफओ अनुसूचित जाति गरीब परिवारों के हितों की अनदेखी कर रही है। इस दौरान पान सिंह रौतेला, चंदन राम, गौरा देवी, मणिलाल, कुबेर, हरीश पंचवाल, भुवन चंद्र, इंदर लाल, मो. ताहिर, गोपाल राम आदि थे।
विज्ञापन
इस पर बिजली ठेकेदार सुंदरखाल गांव में लगे पोल अपने कर्मियों से निकलवाने लगा तो गांव के लोगों ने विरोध कर ठेकेदार को गांव से खदेड़ दिया और बिजली सामान के साथ ही पोलों को भी कब्जे में ले लिया। ग्राम प्रधान चंदन राम ने कहा कि यदि सुंदरखाल में विद्युतीकरण पर तत्काल रोक नहीं हटाई तो डीएफओ के खिलाफ ग्रामीण सड़क पर उतरेंगे। वन ग्राम विकास समिति ने निर्णय लिया कि एक सप्ताह में समाधान नहीं हुआ तो सभी वन ग्रामवासी डीएफओ का घेराव करेंगे। समिति अध्यक्ष एसलाल ने बताया कि वन अधिनियम के तहत निहित प्रावधानों को सन 1980 में लागू किया गया, जबकि देवीचौड़ को बसे 100 वर्ष और सुंदरखाल को 60 वर्ष हो चुके हैं। 1980 से पहले बसे गांव के ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। बैठक में आरोप लगाया कि डीएफओ अनुसूचित जाति गरीब परिवारों के हितों की अनदेखी कर रही है। इस दौरान पान सिंह रौतेला, चंदन राम, गौरा देवी, मणिलाल, कुबेर, हरीश पंचवाल, भुवन चंद्र, इंदर लाल, मो. ताहिर, गोपाल राम आदि थे।
विज्ञापन