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निजी आईटीआई पर धोखाधड़ी करने का आरोप
Updated Sat, 17 Feb 2018 12:20 AM IST
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सितारगंज के किच्छा हाइवे पर स्थित निजी आईटीआई के खिलाफ छात्रों में रोष है। उन्होंने आईटीआई पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए एसडीएम शिकायती पत्र दिया है।
शुक्रवार को निजी आईटीआई के छात्र तहसील पहुंचे और एसडीएम विनोद कुमार को संबोधित पत्र तहसीलदार शेर सिंह ग्वाल को दिया। कहा कि उन्होंने आईटीआई में वर्ष 2016 में हेल्थ सेनेटरी इंस्पेक्टर कोर्स के लिए प्रवेश लिया। परीक्षाएं दो सेमेस्टर में हुईं। पहला सेमेस्टर उत्तीर्ण करने के बाद द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा में दो प्रश्न पत्र होने थे, लेकिन कॉलेज प्रबंधन की ओर से एक प्रश्न पत्र की ही परीक्षा कराई गई। जिसके बाद वह परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो गए। विरोध करने पर कालेज प्रबंधन ने गत दस फरवरी को दिनेशपुर आईटीआई में परीक्षा कराने की तिथि घोषित की। दोपहर दो बजे से परीक्षा बताई और सुबह दस बजे से दिनेशपुर में परीक्षा थी। जिससे वह परीक्षा में प्रतिभाग नहीं कर सके। आरोप लगाया कि प्रवेश पत्र भी फर्जी दिए गए हैं, इनमें परीक्षा की न तो तिथि और न ही समय अंकित है। इसकी जानकारी दिनेशपुर कॉलेज से मिली। कहा कि 20 हजार रुपये फीस जमा कराई गई, जिसकी कोई रसीद भी नहीं दी। कहा कि छात्रवृत्ति के लिए एटीएम व पासबुक भी प्रबंधन ने अपने पास जमा कर रखे हैं। उन्होंने एसडीएम से मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहां सुरजीत सिंह, मो. इमरान, राहुल सिंह, जितेंद्र प्रसाद, आशीष शर्मा, तपन, रामी, इंद्रेश आदि थे।
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शुक्रवार को निजी आईटीआई के छात्र तहसील पहुंचे और एसडीएम विनोद कुमार को संबोधित पत्र तहसीलदार शेर सिंह ग्वाल को दिया। कहा कि उन्होंने आईटीआई में वर्ष 2016 में हेल्थ सेनेटरी इंस्पेक्टर कोर्स के लिए प्रवेश लिया। परीक्षाएं दो सेमेस्टर में हुईं। पहला सेमेस्टर उत्तीर्ण करने के बाद द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा में दो प्रश्न पत्र होने थे, लेकिन कॉलेज प्रबंधन की ओर से एक प्रश्न पत्र की ही परीक्षा कराई गई। जिसके बाद वह परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो गए। विरोध करने पर कालेज प्रबंधन ने गत दस फरवरी को दिनेशपुर आईटीआई में परीक्षा कराने की तिथि घोषित की। दोपहर दो बजे से परीक्षा बताई और सुबह दस बजे से दिनेशपुर में परीक्षा थी। जिससे वह परीक्षा में प्रतिभाग नहीं कर सके। आरोप लगाया कि प्रवेश पत्र भी फर्जी दिए गए हैं, इनमें परीक्षा की न तो तिथि और न ही समय अंकित है। इसकी जानकारी दिनेशपुर कॉलेज से मिली। कहा कि 20 हजार रुपये फीस जमा कराई गई, जिसकी कोई रसीद भी नहीं दी। कहा कि छात्रवृत्ति के लिए एटीएम व पासबुक भी प्रबंधन ने अपने पास जमा कर रखे हैं। उन्होंने एसडीएम से मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहां सुरजीत सिंह, मो. इमरान, राहुल सिंह, जितेंद्र प्रसाद, आशीष शर्मा, तपन, रामी, इंद्रेश आदि थे।
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