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लाइब्रेरी की हजारों किताबें हजम कर गए शिक्षक

Sat, 21 Jul 2018 02:09 AM IST
Updated Sat, 21 Jul 2018 02:09 AM IST
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लाइब्रेरी की हजारों किताबें हजम कर गए शिक्षक
BOOKS
हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज की लाइब्रेरी की हजारों किताबें शिक्षकों और कर्मचारियों ने एक दशक बाद भी नहीं लौटाई हैं। इसका खुलासा होने पर अब कॉलेज प्रशासन चिन्हित शिक्षकों, कर्मचारियों से किताबें या फिर उनकी कीमत वसूलने की तैयारी में है। किताबों के बकाएदारों की सूची तैयार कर उन्हें पत्र भेजा जा रहा है।
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एमबीपीजी कॉलेज में स्थित लाइब्रेरी में डेढ़ लाख से अधिक पुस्तकें हैं। लाइब्रेरी से विद्यार्थियों को मात्र दो पुस्तकें ही देने की व्यवस्था है। पिछले दिनों उच्चशिक्षा निदेशालय ने महाविद्यालय के लाइब्रेरियन के पद पर दान सिंह मेहरा की तैनाती की है। इस समय लाइब्रेरी की पुस्तकों की गिनती और अभिलेखों से मिलान का काम चल रहा है। लाइब्रेरियन महरा ने रजिस्टरों को खंगालना शुरू किया तो वह दंग रह गए। रजिस्टर देखने पर मालूम चला कि कई वर्षों पूर्व जिन शिक्षकों और कर्मचारियों को लाइब्रेरी से विभिन्न विषयों की पुस्तकें दी गईं थीं, उनमें से डेढ़ हजार से अधिक पुस्तकें नहीं लौटाईं। इनमें चार पूर्व प्राचार्य समेत 150 से अधिक शिक्षक, कर्मचारी शामिल हैं। लाइब्रेरी से पुस्तकें लेने वाले तमाम शिक्षक या कर्मचारी महाविद्यालय से दूसरे स्थानों पर तबादला होकर चले गए हैं या फिर सेवानिवृत्त हो चुके हैं। यह मामला लाइब्रेरियन महरा ने प्राचार्य डॉ. रेखा पांडे के सामने प्रस्तुत किया तो वह भी आश्चर्य में पड़ गईं। प्राचार्य ने निर्देश दिए हैं कि किताबों के बकाएदार जो शिक्षक, कर्मचारी सेवारत हैं, उनकी सूची तैयार कर वसूली के लिए पत्र भेजा जाए।
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