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उच्च न्यायालय ने डॉक्टरों की कमी पर सरकार से दो सप्ताह में मांगा जवाब
Updated Thu, 07 Sep 2017 02:07 AM IST
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नैनीताल। उच्च न्यायालय ने जसपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टरों की कमी के मामले में दायर जनहित याचिका में सुनवाई के बाद सरकार को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसफ व न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। जसपुर निवासी नवीन अग्रवाल ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि जसपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टरों की कमी है। लोगों को उपचार के लिए निजी चिकित्सालयों में जाना पड़ रहा है। गरीब लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। याचिकाकर्ता का यह भी कहना था कि जनहित याचिका के न्यायालय में लंबित होने के दौरान भी दो चिकित्सकों का तबादला कर दिया गया। जो चिकित्सक उपलब्ध हैं वे भी निजी क्लीनिकों में व्यस्त हैं। पक्षों की सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने सरकार को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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मुख्य न्यायाधीश केएम जोसफ व न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। जसपुर निवासी नवीन अग्रवाल ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि जसपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टरों की कमी है। लोगों को उपचार के लिए निजी चिकित्सालयों में जाना पड़ रहा है। गरीब लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। याचिकाकर्ता का यह भी कहना था कि जनहित याचिका के न्यायालय में लंबित होने के दौरान भी दो चिकित्सकों का तबादला कर दिया गया। जो चिकित्सक उपलब्ध हैं वे भी निजी क्लीनिकों में व्यस्त हैं। पक्षों की सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने सरकार को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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