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गैरसैंण को राजधानी घोषित न करने पर उपपा ने एसडीएम कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
Updated Wed, 13 Dec 2017 02:13 AM IST
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रामनगर में सीएम को ज्ञापन देते उपपा कार्यकर्ता। अमर उजाला
- फोटो : अमर उजाला
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रामनगर (नैनीताल)। विभिन्न जनसंगठनों से जुड़े लोगों ने मंगलवार को एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर राज्य सरकार के विरोध में जोरदार नारेबाजी की। विरोध, प्रदर्शन के बाद एसडीएम परितोष वर्मा के माध्यम से मुख्यमंत्री को तीन सूत्री मांगपत्र भेजा गया। इसमें गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग मुख्य थी।
प्रशासनिक परिसर में हुई सभा में उपपा के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रभात ध्यानी ने बताया कि गैरसैंण को राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर विभिन्न जनसंगठनों के कार्यकर्ता गैरसैंण में आमरण अनशन पर बैठे थे। इनमें से चार अनशनकारियों को चमोली के पुलिस, प्रशासन ने पौड़ी गढ़वाल पहुंचा दिया। स्थायी राजधानी के सवाल पर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार समेत भाजपा सरकार को भी कोसा गया। गैरसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र की अवधि घटाने का भी विरोध किया। ज्ञापन में गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने, रोजगार को मूल अधिकार बनाने, प्रदेश को नशा मुक्त करने की मांग की गई। इनमें उक्रांद के केंद्रीय महामंत्री इंद्र सिंह मनराल, देवभूमि विकास मंच के मनमोहन अग्रवाल, ईको सेंसेटिव जोन विरोधी संघर्ष समिति के ललित उप्रेती, राज्य आंदोलनकारी संगठन के योगेश सती, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष नवीन नैनवाल, समाजवादी लोक मंच के मुनीष कुमार, पूर्व सैनिक जयकृष्ण जोशी, महिला एकता मंच की ललिता रावत, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की तुलसी छिम्वाल, हरीश चंद्र जोशी, हीरा सिंह रावत, सरस्वती जोशी, कला जोशी आदि थे।
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प्रशासनिक परिसर में हुई सभा में उपपा के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रभात ध्यानी ने बताया कि गैरसैंण को राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर विभिन्न जनसंगठनों के कार्यकर्ता गैरसैंण में आमरण अनशन पर बैठे थे। इनमें से चार अनशनकारियों को चमोली के पुलिस, प्रशासन ने पौड़ी गढ़वाल पहुंचा दिया। स्थायी राजधानी के सवाल पर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार समेत भाजपा सरकार को भी कोसा गया। गैरसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र की अवधि घटाने का भी विरोध किया। ज्ञापन में गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने, रोजगार को मूल अधिकार बनाने, प्रदेश को नशा मुक्त करने की मांग की गई। इनमें उक्रांद के केंद्रीय महामंत्री इंद्र सिंह मनराल, देवभूमि विकास मंच के मनमोहन अग्रवाल, ईको सेंसेटिव जोन विरोधी संघर्ष समिति के ललित उप्रेती, राज्य आंदोलनकारी संगठन के योगेश सती, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष नवीन नैनवाल, समाजवादी लोक मंच के मुनीष कुमार, पूर्व सैनिक जयकृष्ण जोशी, महिला एकता मंच की ललिता रावत, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की तुलसी छिम्वाल, हरीश चंद्र जोशी, हीरा सिंह रावत, सरस्वती जोशी, कला जोशी आदि थे।
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