{"_id":"5a15b0344f1c1b86698bd33a","slug":"151137091810-garud-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तेंदुओं के आतंक से गरुड़ के ग्रामीण भयभीत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तेंदुओं के आतंक से गरुड़ के ग्रामीण भयभीत
Updated Wed, 22 Nov 2017 10:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गरुड़ (बागेश्वर)। बैजनाथ और गढ़खेत रेंज के गांवों में तेंदुओं ने आतंक मचा रखा है। तेंदुओं के भय से दूरदराज के गांवों के लोग ऑफिस और बाजार से घर को सूरज ढलने से पूर्व निकल रहे हैं।
थाकला के प्रधान देवी दत्त पाठक भगरतोला के प्रधान चंदन सिंह बोरा और बिमोला के प्रधान हरी राम ने बताया कि तेंदुए आए दिन आबादी में दिख रहे हैं। कई बार मांग किए जाने के बाद भी वन विभाग ने अब तक देवनाई घाटी में पिंजरा नहीं लगाया है।
उधर, सिमखेत, भरड़खेत, मवई, नैकाना, सेलखनारी, भिलकोट, पप्या, हरीनगरी आदि गांवों में भी तेंदुओं का आतंक चल रहा है। तेंदुओं के भय से ग्रामीण बच्चों को अकेले स्कूल तक नहीं भेज रहे है।
विज्ञापन
विज्ञापन
थाकला के प्रधान देवी दत्त पाठक भगरतोला के प्रधान चंदन सिंह बोरा और बिमोला के प्रधान हरी राम ने बताया कि तेंदुए आए दिन आबादी में दिख रहे हैं। कई बार मांग किए जाने के बाद भी वन विभाग ने अब तक देवनाई घाटी में पिंजरा नहीं लगाया है।
विज्ञापन
उधर, सिमखेत, भरड़खेत, मवई, नैकाना, सेलखनारी, भिलकोट, पप्या, हरीनगरी आदि गांवों में भी तेंदुओं का आतंक चल रहा है। तेंदुओं के भय से ग्रामीण बच्चों को अकेले स्कूल तक नहीं भेज रहे है।
विज्ञापन