{"_id":"59aef5e74f1c1b9b078b4774","slug":"15046384548-sitarganj-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तहसील दिवस में उठा अवैध कब्जे का मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तहसील दिवस में उठा अवैध कब्जे का मामला
Updated Wed, 06 Sep 2017 12:37 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सितारगंज। तहसील दिवस पर आयोजित शिविर में पांच फरियादियों ने अपनी समस्याएं रखीं। राजकीय महाविद्यालय सिसौना प्राचार्य डॉ. सुभाष वर्मा ने शिविर में कॉलेज गेट पर खंती पाटकर जबरन टीनशेड का निर्माण किए जाने का मामला उठाया। मंगलवार को तहसील में आयोजित शिविर में प्राचार्य ने कहा कि यह मामला के उनके कार्य क्षेत्र से बाहर है, जिस कारण उनके द्वारा अवैध कब्जा नहीं हटवाया जा सका।
कहा कि प्रशासन कार्रवाई करें। इसके अलावा कुआंखेड़ा नानकमत्ता की मंजीत कौर पत्नी मुख्त्यार सिंह ने ससुरालियों पर उसके कब्जे की जमीन कब्जाने का आरोप लगाया। नानकमत्ता के बलवीर सिंह ने चीकाघाट पुल के पास सड़क पर लगी दुकानें हटवाने की मांग की। बैकुंठपुर के बीडीसी परेश मंडल ने ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय, बीपीएल सूची में नाम दर्ज करने के एवज में दो हजार से दस हजार रुपये तक शुल्क वसूली करने की शिकायत की।
कहा कि पुराने शौचालयों को नया दर्शाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। आरोप लगाया कि मनरेगा में काम न करने वाले मजदूरों के खातों में भी मनरेगा का पैसा डाला जा रहा है। एसडीएम विनोद कुमार ने तहसीलदार को शिविर में उठे सभी मामलों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। वहां पर तहसीलदार शेर सिंह ग्वाल, नानकमत्ता ईओ सरिता राणा, लोनिवि जेई सत्यपाल सिंह आदि थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कहा कि प्रशासन कार्रवाई करें। इसके अलावा कुआंखेड़ा नानकमत्ता की मंजीत कौर पत्नी मुख्त्यार सिंह ने ससुरालियों पर उसके कब्जे की जमीन कब्जाने का आरोप लगाया। नानकमत्ता के बलवीर सिंह ने चीकाघाट पुल के पास सड़क पर लगी दुकानें हटवाने की मांग की। बैकुंठपुर के बीडीसी परेश मंडल ने ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय, बीपीएल सूची में नाम दर्ज करने के एवज में दो हजार से दस हजार रुपये तक शुल्क वसूली करने की शिकायत की।
विज्ञापन
कहा कि पुराने शौचालयों को नया दर्शाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। आरोप लगाया कि मनरेगा में काम न करने वाले मजदूरों के खातों में भी मनरेगा का पैसा डाला जा रहा है। एसडीएम विनोद कुमार ने तहसीलदार को शिविर में उठे सभी मामलों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। वहां पर तहसीलदार शेर सिंह ग्वाल, नानकमत्ता ईओ सरिता राणा, लोनिवि जेई सत्यपाल सिंह आदि थे।
विज्ञापन