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फिर पता चलेगा कितना साफ सुथरा है अपना शहर
Updated Thu, 04 Jan 2018 02:21 AM IST
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हल्द्वानी। स्वच्छता सर्वें 2018 बृहस्पतिवार से शुरू होने जा रहा है। पिछले साल राज्य के सात शहर इसमें शामिल थे। इस बार राज्य के निर्वाचित बोर्ड वाले 88 शहर इसमें शामिल होंगे।
केंद्र सरकार पिछले तीन साल से सभी शहरों में स्वच्छता सर्वे करा रही है। 2016 में देश के 73 बड़े शहरों में यह सर्वे किया गया। इस सर्वे में सिर्फ देहरादून शहर शामिल हुआ था। 2017 में देशभर के 434 शहरों के बीच स्वच्छता सर्वे हुआ। इसमें राज्य के छह शहरों ने भाग लिया। बृहस्पतिवार से होने जा रहे स्वच्छता सर्वे में राज्य के 88 शहर भाग लेंगे। ये सर्वे 31 मार्च तक चलेगा। सर्वे तीन चरणों में होगा। इसमें सर्वे टीम सर्वे के साथ-साथ लोगों से स्वच्छता के बारे में सवाल भी पूछेगी। इसी आधार पर देशभर में स्वच्छता की रैंकिंग दी जाएगी।
लेकिन तैयारी तो आधी अधूरी है
नगर निगम हल्द्वानी में सिर्फ 10 वार्ड में घर-घर से कूड़ा उठना शुरू हुआ है। अब भी 24 गाड़ियां निगम के मैदान में धूल फांक रहे हैं। भूमिगत कूड़ेदान भी अभी नहीं लगाए गए हैं। घर-घर दो-दो कूड़े के डब्बे एक तिहाई आबादी को भी नहीं बंट पाए हैं। शहर के नाले-नालियां कूड़े से पटी हैं। लाखो रुपया एनजीओ के उपर खर्च कर दिया गया लेकिन निगम स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभी तक नहीं फैला पाया। उधर, पार्षद महेंद्र नागर ने मेयर जोगेंद्र रौतेला पर धन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सफाई पर नगर निगम का करोड़ों रुपया खर्च किया जा चुका है। इसके बाद भी स्थितियां जस की तस हैं।
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देशभर में उत्तराखंड के शहरों की रैंकिंग
रुड़की 218
हरिद्वार 244
काशीपुर 256
देहरादून 316
रुद्रपुर 325
नैनीताल 330
हल्द्वानी 395
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केंद्र सरकार पिछले तीन साल से सभी शहरों में स्वच्छता सर्वे करा रही है। 2016 में देश के 73 बड़े शहरों में यह सर्वे किया गया। इस सर्वे में सिर्फ देहरादून शहर शामिल हुआ था। 2017 में देशभर के 434 शहरों के बीच स्वच्छता सर्वे हुआ। इसमें राज्य के छह शहरों ने भाग लिया। बृहस्पतिवार से होने जा रहे स्वच्छता सर्वे में राज्य के 88 शहर भाग लेंगे। ये सर्वे 31 मार्च तक चलेगा। सर्वे तीन चरणों में होगा। इसमें सर्वे टीम सर्वे के साथ-साथ लोगों से स्वच्छता के बारे में सवाल भी पूछेगी। इसी आधार पर देशभर में स्वच्छता की रैंकिंग दी जाएगी।
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लेकिन तैयारी तो आधी अधूरी है
नगर निगम हल्द्वानी में सिर्फ 10 वार्ड में घर-घर से कूड़ा उठना शुरू हुआ है। अब भी 24 गाड़ियां निगम के मैदान में धूल फांक रहे हैं। भूमिगत कूड़ेदान भी अभी नहीं लगाए गए हैं। घर-घर दो-दो कूड़े के डब्बे एक तिहाई आबादी को भी नहीं बंट पाए हैं। शहर के नाले-नालियां कूड़े से पटी हैं। लाखो रुपया एनजीओ के उपर खर्च कर दिया गया लेकिन निगम स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभी तक नहीं फैला पाया। उधर, पार्षद महेंद्र नागर ने मेयर जोगेंद्र रौतेला पर धन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सफाई पर नगर निगम का करोड़ों रुपया खर्च किया जा चुका है। इसके बाद भी स्थितियां जस की तस हैं।
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देशभर में उत्तराखंड के शहरों की रैंकिंग
रुड़की 218
हरिद्वार 244
काशीपुर 256
देहरादून 316
रुद्रपुर 325
नैनीताल 330
हल्द्वानी 395