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डायरिया के मरीज को इमरजेंसी से लौटाया
Updated Wed, 18 Apr 2018 02:04 AM IST
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हल्द्वानी। मौसम के बदले मिजाज के साथ ही बीमारियों ने भी पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। बेस अस्पताल में मंगलवार को बाल रोग वार्ड फुल होने के कारण डायरिया पीड़ित एक बच्चे को इमरजेंसी से ही लौटा दिया गया। बाल रोग वार्ड डायरिया मरीजों से फुल हैं और तीन दिन में 60 से अधिक डायरिया पीड़ित बच्चों को परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया।
डायरिया पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ने लगी है। बच्चों से लेकर बड़े तक डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। डायरिया पीड़ित बच्चों के अलावा 12 से अधिक लोगों को भी बेस अस्पताल में भर्ती किया गया हैै। जबकि मलेरिया पीड़ित भी दो मरीज बेस अस्पताल में भर्ती थे। हालत यह हो गई कि एक बेड पर डायरिया के दो-दो मरीज भर्ती करने पड़े।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज त्रिपाठी की मानें तो डायरिया दूषित पानी के कारण फैलता है। दूसरी ओर नई बस्ती निवासी रहनुमा (06 माह) को डायरिया होने के कारण मां अस्पताल लेकर पहुंची थी। बेड खाली न होने के कारण रहनुमा को इमरजेंसी में इलाज देने के बाद लौटा दिया गया।
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फिजीशियन डॉ. अमित रौतेला ने बताया कि डायरिया के कारण प्रतिदिन 12 से अधिक मरीज अस्पताल आ रहे हैं। आठ से दस मरीज प्रतिदिन भर्ती हो रहे हैं।
ये हैं डायरिया पीड़ित
अब्दुल (08 माह) नई बस्ती, अंकिता (13) इंदिरा नगर, जैनब (10) नई बस्ती, प्रियांशु (02) बिठौरिया, फातिमा (01) इंदिरा नगर, दीपिका (14) आईटीआई रोड बरेली, जीशान (02) बरेली रोड, सिमरा (01) लाइन नंबर 15, कुनाल (04) राजपुरा को भर्ती कराया है। डायरिया के आज कुल 23 रोगी आए, जबकि गत दिवस 12 से अधिक रोगी थे तो रविवार को डायरिया के 20 रोगी भर्ती हुए थे।
किसी भी मरीज को इमरजेंसी से नहीं लौटाया जाता है। कई बार मरीज दवा से ही ठीक हो जाता है। एक बेड पर दो मरीज भी रखे जाते हैं। जरूरत पड़ने पर नेत्र रोग विभाग वार्ड में भर्ती कराया जाता है।
डॉ. एसबी ओली, सीएमएस, बेस अस्पताल
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डायरिया पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ने लगी है। बच्चों से लेकर बड़े तक डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। डायरिया पीड़ित बच्चों के अलावा 12 से अधिक लोगों को भी बेस अस्पताल में भर्ती किया गया हैै। जबकि मलेरिया पीड़ित भी दो मरीज बेस अस्पताल में भर्ती थे। हालत यह हो गई कि एक बेड पर डायरिया के दो-दो मरीज भर्ती करने पड़े।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज त्रिपाठी की मानें तो डायरिया दूषित पानी के कारण फैलता है। दूसरी ओर नई बस्ती निवासी रहनुमा (06 माह) को डायरिया होने के कारण मां अस्पताल लेकर पहुंची थी। बेड खाली न होने के कारण रहनुमा को इमरजेंसी में इलाज देने के बाद लौटा दिया गया।
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फिजीशियन डॉ. अमित रौतेला ने बताया कि डायरिया के कारण प्रतिदिन 12 से अधिक मरीज अस्पताल आ रहे हैं। आठ से दस मरीज प्रतिदिन भर्ती हो रहे हैं।
ये हैं डायरिया पीड़ित
अब्दुल (08 माह) नई बस्ती, अंकिता (13) इंदिरा नगर, जैनब (10) नई बस्ती, प्रियांशु (02) बिठौरिया, फातिमा (01) इंदिरा नगर, दीपिका (14) आईटीआई रोड बरेली, जीशान (02) बरेली रोड, सिमरा (01) लाइन नंबर 15, कुनाल (04) राजपुरा को भर्ती कराया है। डायरिया के आज कुल 23 रोगी आए, जबकि गत दिवस 12 से अधिक रोगी थे तो रविवार को डायरिया के 20 रोगी भर्ती हुए थे।
किसी भी मरीज को इमरजेंसी से नहीं लौटाया जाता है। कई बार मरीज दवा से ही ठीक हो जाता है। एक बेड पर दो मरीज भी रखे जाते हैं। जरूरत पड़ने पर नेत्र रोग विभाग वार्ड में भर्ती कराया जाता है।
डॉ. एसबी ओली, सीएमएस, बेस अस्पताल