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ई हास्पिटल से जुड़ेंगे से सात राज्य के सात अस्पताल
Updated Fri, 02 Feb 2018 02:16 AM IST
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हल्द्वानी। मेडिकल कॉलेज समेत स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों की हालत सुधारने के लिए केंद्र सरकार की योजना ई हास्पिटल से जल्द ही राज्य के सात अस्पतालों को जोड़ा जाएगा। साथ ही राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी की फैकल्टी को आयुर्वेदिक या डिग्री कालेज के बराबर वेतनमान मिल सकता है।
बृहस्पतिवार को देहरादून में चिकित्सा-शिक्षा सचिव नितेश झा और अपर सचिव अरुणेंद्र चौहान ने चिकित्सा-शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना और राजकीय मेडिकल कालेज हल्द्वानी के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा के साथ बैठक की। सचिव झा के समक्ष हास्पिटल इंफारमेशन सिस्टम (एचआईएस) पर चर्चा हुई। चिकित्सा-शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि राज्य के तीन मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग के चार अस्पतालों को केंद्र सरकार की ई हास्पिटल से जोड़ा जाएगा। मरीज का समय बचने के साथ ही उसे अलग-अलग काउंटरों पर चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। तीमरदार को अपने मरीज को रिपोर्ट या बिल लेने के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। अपर सचिव के साथ हुई बैठक में फैकल्टी के वेतनमान पर वार्ता हुई। फैकल्टी का वेतनमान हरिद्वार के आयुर्वेदिक कालेज या डिग्री कॉलेज या उत्तर प्रदेश के मेडिकल कालेजों के बराबर किया जाएगा। प्रस्ताव अपर सचिव को सौंप दिया गया। साथ ही यूजर चार्ज पर पूर्व से चली आ रही रोक जल्द हट सकती है। यूजर चार्ज का किसी अन्य मद में प्रयोग नहीं किया जाएगा। आक्सीजन और दवाओं के अलावा अन्य आकस्मिक जरूरत पर ही यूजर चार्ज का धन खर्च किया जाएगा।
डॉ. स्याना ने बताया कि जल्द ही 151 पदों पर नियमित नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति निकाली जाएगी। जिसमें राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर को भी नियमित होने के लिए साक्षात्कार देना पड़ेगा। डॉ. स्याना ने बताया कि श्रीनगर में 92 डाक्टरों की तैनानी के लिए एक कमेटी बना दी गई है। नियुक्ति, तैनाती, एनओसी समेत अन्य मामलों का निस्तारण समिति ही करेगी।
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आयुर्वेदिक या डिग्री कॉलेज के बराबर मिलेगा फैकल्टी को वेतन
यूजर चार्ज पर लगी रोक जल्द हट सकती है, अगर सिर्फ आकस्मिक जरूरत पर ही खर्च कर सकेंगे
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बृहस्पतिवार को देहरादून में चिकित्सा-शिक्षा सचिव नितेश झा और अपर सचिव अरुणेंद्र चौहान ने चिकित्सा-शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना और राजकीय मेडिकल कालेज हल्द्वानी के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा के साथ बैठक की। सचिव झा के समक्ष हास्पिटल इंफारमेशन सिस्टम (एचआईएस) पर चर्चा हुई। चिकित्सा-शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि राज्य के तीन मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग के चार अस्पतालों को केंद्र सरकार की ई हास्पिटल से जोड़ा जाएगा। मरीज का समय बचने के साथ ही उसे अलग-अलग काउंटरों पर चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। तीमरदार को अपने मरीज को रिपोर्ट या बिल लेने के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। अपर सचिव के साथ हुई बैठक में फैकल्टी के वेतनमान पर वार्ता हुई। फैकल्टी का वेतनमान हरिद्वार के आयुर्वेदिक कालेज या डिग्री कॉलेज या उत्तर प्रदेश के मेडिकल कालेजों के बराबर किया जाएगा। प्रस्ताव अपर सचिव को सौंप दिया गया। साथ ही यूजर चार्ज पर पूर्व से चली आ रही रोक जल्द हट सकती है। यूजर चार्ज का किसी अन्य मद में प्रयोग नहीं किया जाएगा। आक्सीजन और दवाओं के अलावा अन्य आकस्मिक जरूरत पर ही यूजर चार्ज का धन खर्च किया जाएगा।
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डॉ. स्याना ने बताया कि जल्द ही 151 पदों पर नियमित नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति निकाली जाएगी। जिसमें राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर को भी नियमित होने के लिए साक्षात्कार देना पड़ेगा। डॉ. स्याना ने बताया कि श्रीनगर में 92 डाक्टरों की तैनानी के लिए एक कमेटी बना दी गई है। नियुक्ति, तैनाती, एनओसी समेत अन्य मामलों का निस्तारण समिति ही करेगी।
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आयुर्वेदिक या डिग्री कॉलेज के बराबर मिलेगा फैकल्टी को वेतन
यूजर चार्ज पर लगी रोक जल्द हट सकती है, अगर सिर्फ आकस्मिक जरूरत पर ही खर्च कर सकेंगे