{"_id":"5772c5a04f1c1b576179a869","slug":"100-posts-of-drivers-stopped-on-roadways","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोडवेज चालकों की 100 पदों पर भर्ती पर रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोडवेज चालकों की 100 पदों पर भर्ती पर रोक
अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल
Updated Wed, 29 Jun 2016 12:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने उत्तराखंड परिवहन निगम में चालकों के 300 पदों को भरे जाने के मामले में 100 पदों पर रोक लगाते हुए शेष 200 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी रखने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने साफ किया है कि परिवहन निगम 200 पदों पर चालकों के टेस्ट तो ले सकता है किंतु उसका परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा। कोर्ट के अंतिम निर्णय होने तक उस पर स्टे रहेगा।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश महामंत्री अशोक चौधरी की याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में उन्होंने राज्य परिवहन निगम में चालकों के तीन सौ पदों के लिए जारी विज्ञप्ति को चुनौती दी है। जिसमें कहा गया है कि याचिकाकर्ता विभाग में संविदा चालक के रूप में कार्यरत है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार न तो उन्हें आयु सीमा में छूट दी गई और न ही उन्हें कोई प्राथमिकता दी जा रही है। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि संविदा के रूप में कार्यरत पदों को सीधी भर्ती से भरा जाना विधि विरुद्ध है। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने उत्तराखंड परिवहन निगम में चालकों के 100 पदों पर रोक लगाते हुए शेष 200 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी रखने के निर्देश दिए हैं। उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कमल पपनै ने कोर्ट के इस फैसला का सम्मान करते हुए आभार व्यक्त किया है।
विज्ञापन
---
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश महामंत्री अशोक चौधरी की याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में उन्होंने राज्य परिवहन निगम में चालकों के तीन सौ पदों के लिए जारी विज्ञप्ति को चुनौती दी है। जिसमें कहा गया है कि याचिकाकर्ता विभाग में संविदा चालक के रूप में कार्यरत है।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार न तो उन्हें आयु सीमा में छूट दी गई और न ही उन्हें कोई प्राथमिकता दी जा रही है। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि संविदा के रूप में कार्यरत पदों को सीधी भर्ती से भरा जाना विधि विरुद्ध है। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने उत्तराखंड परिवहन निगम में चालकों के 100 पदों पर रोक लगाते हुए शेष 200 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी रखने के निर्देश दिए हैं। उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कमल पपनै ने कोर्ट के इस फैसला का सम्मान करते हुए आभार व्यक्त किया है।
विज्ञापन
---