{"_id":"a4c81546028202a9461d7fa666c79070","slug":"nainbag-became-tehsil","type":"story","status":"publish","title_hn":"नैनबाग बनी तहसील, 105 गांव होंगे लाभांवित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नैनबाग बनी तहसील, 105 गांव होंगे लाभांवित
अमर उजाला, नैनबाग (टिहरी)
Updated Sun, 08 Dec 2013 11:58 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टिहरी में जौनपुर ब्लॉक का नैनबाग भी अब तहसील बन गया है। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने शनिवार को इस नवसृजित तहसील का लोकार्पण किया।
विज्ञापन
शीघ्र होगी कर्मचारियों की नियुक्ति
तहसील भवन नहीं बनने के कारण तहसील का शुभारंभ लोनिवि अतिथिगृह में किया गया। इस मौके पर एक व्यक्ति को स्थायी प्रमाण पत्र और दूसरे को खाता खतौनी की नकल भी दी गई। नैनबाग तहसील बनने से इस क्षेत्र के 105 गांव को लाभ पहुंचेगा।
तहसील का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जौनपुर क्षेत्र की हर छोटी-बड़ी समस्याओं से वह परिचित हैं, लिहाजा जन समस्याएं प्राथमिकता से हल की जाएंगी। उन्होंने बताया कि नवसृजित तहसील में शीघ्र ही कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी।
विज्ञापन
राजस्व एवं सिंचाई मंत्री यशपाल आर्य ने बताया कि बहुगुणा सरकार में 12 तहसीलें और तीन उप तहसीलें बनाई गई हैं। पंचायत राज मंत्री प्रीतम सिंह ने कहा कि नैनबाग जौनसार क्षेत्र का केंद्र बिंदु है, जिसके विकास के लिए सरकार प्रयासरत है। कांग्रेस नेता साकेत बहुगुणा ने भी विचार रखे।
विज्ञापन
बिना तहसीलदार की तहसील
प्रदेश में वर्तमान कांग्रेस सरकार में करीब 12 तहसीलें बनाई गई है लेकिन इनकी तफसील (ब्योरा) एक सा ही है। कहीं तहसीलदार नहीं हैं तो कहीं कर्मचारी।
हाल यह है कि टिहरी जिले में नैनबाग को शनिवार को तहसील तो बना दिया गया लेकिन इसी जिले में आठ माह पहले बनी तहसील में तहसीलदार तक नहीं है।
कुंडीसौड़ : टिहरी जिले में आठ महीने पहले अस्तित्व में आई कुंडीसौड़ तहसील में आज तक तहसीलदार की तैनाती तक नहीं हुई। रजिस्ट्रार, कानूनगो सहित अन्य 12 पद भी खाली हैं।
कंडीसौड़ में लोगों को सिर्फ खाता-खतौनी की नकल ही मिल पा रही है। लोगों को जाति, आय, चरित्र प्रमाणपत्र बनाने के लिए नई टिहरी की दौड़ लगानी पड़ रही है।
चिन्यालीसौड़ : उत्तरकाशी जिले में 2005 को अस्तित्व में आई चिन्यालीसौड़ तहसील अब भी जल विद्युत निगम कालोनी में चल रही है। अभी तक तहसील भवन का निर्माण नहीं हुआ। यहां कार्मिकों का भी टोटा है। लोगों को प्रमाणपत्रों के लिए डुंडा तहसील के ही चक्कर लगाने पड़ते हैं।
आदिबदरी : नौ मई 2012 को सीएम विजय बहुगुणा ने गैरसैंण में आदिबदरी तहसील की घोषणा की थी। दिसंबर में इसका शासनादेश भी जारी हो गया था। तब से करीब एक वर्ष हो गया है, लेकिन आदिबदरी तहसील अस्तित्व में नहीं आ पाई है। इस तहसील से करीब 60 गांव जुड़े हुए हैं।
तहसील के लिए जरूरी स्टाफ
वैसे तो तहसील के लिए क्षेत्र के लिहाज से स्टाफ की जरूरत पड़ती है। फिर भी तहसील में एक तहसीलदार, एक नायब तहसीलदार, एक रजिस्ट्रार कानूनगो, एक राजस्व लेखाकर और एक पेशकार होते हैं। इसके अलावा छह-सात लिपिक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की जरूरत होती है।