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1780 मीटर की ऊंचाई पर सर्दियों में भी उगे आम
अमर उजाला/सुधीर राठौर, बेरीनाग
Updated Fri, 18 Oct 2013 08:38 AM IST
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अमूमन ठंडे इलाके में आम नहीं होता है, लेकिन 1780 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हिल स्टेशन बेरीनाग में ठंड के मौसम में आम की पैदावार हो रही है।
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यह करिश्मा यहां वन रेंजर केआर आर्य के बगीचे में देखा जा सकता है। उनके बगीचे में दो पेड़ों में एक या दो नहीं, आम के 32 दाने लगे हैं। लोग तो इसे चमत्कार मान रहे हैं, लेकिन श्री आर्य कहते हैं कि यह आम उगाने का वैज्ञानिक तरीका अपनाने का नतीजा है।
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पेड़ों में बौर आना शुरू हुआ
13 साल तक एडीओ (वन) के पद पर कार्यरत रहे केआर आर्य डेढ़ साल से अस्कोट में वन रेंजर हैं। बेरीनाग में पुरानाथल रोड स्थित अपने घर के बगीचे में उन्होंने जुलाई 2010 में आम्रपाली प्रजाति के आम के दो पौधे लगाए थे।
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ये पौधे वह रामनगर की सूर्योदय नर्सरी से लेकर आए थे। करीब दो माह पहले इन पेड़ों में बौर आना शुरू हुआ। पांच इंच मोटे और पांच फीट ऊंचे इन पेड़ों में अब एक में 26 और दूसरे में छह आम लगे हैं। आर्य के भाई पुष्कर लाल ने बड़े भाई के अस्कोट चले जाने के बाद इन पेड़ों की देखभाल का जिम्मा उठाया हुआ है।
पाले की मार सहन नहीं करता है आम
पहाड़ में आम के पेड़ घाटी वाली गरम जगहों पर अमूमन 1200 मीटर की ऊंचाई तक पाए जाते हैं। आम ठंड में पारे की मार नहीं झेल पाता। इसलिए वन रेंजर श्री आर्य ने इन पेड़ों को जाल से कवर कर पाले की मार से बचाया। इसके अलावा, हड्डियों के चूरे की खाद और नियमित देखरेख से असंभव सा लगने वाला यह कार्य संभव हो पाया।
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ग्लोबल वार्मिंग का परिणाम
जीबी पंत पर्यावरण संस्थान के वैज्ञानिक डा. प्रकाश फोंदड़ी कहते हैं कि बेमौसम आम पैदा होना ग्लोबल वार्मिंग का ही परिणाम है। हो सकता है कि कुछ खास स्थानों पर आम में फ्लावरिंग देर में हुई होगी। ऐसी संभावनाएं अन्य फलों में भी आ सकती हैं।