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अब एलईडी की रोशनी से होंगे मां पूर्णागिरि के दर्शन
चंद्रशेखर जोशी/ अमर उजाला, चंपावत
Updated Fri, 08 Apr 2016 01:54 PM IST
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मां पूर्णागिरि धाम
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मां पूर्णागिरि देवी के दर्शन अब एलईडी टीवी की स्क्रीन के माध्यम से भी हो सकेंगे। इस एलईडी टीवी को मुख्य मंदिर के बाहर बैरिकेडिंग के पास लगाया गया है। तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ और मुख्य मंदिर स्थल के निचले हिस्से में आई दरार के चलते यह कदम उठाया गया है।
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मां पूर्णागिरि धाम में देवी और देवी की नाभि स्थल के दर्शन के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। मां के दरबार में भार कम करने के लिए पिछले साल अक्तूबर में मुख्य मंदिर से बैरिकेडिंग को करीब दस फीट दूर किया गया था। तीर्थयात्री इस बैरिकेडिंग से ही मां के दर्शन करते हैं।
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बैरिकेडिंग की वजह से मां के ठीक से दर्शन नहीं हो पाते हैं। इसके विकल्प के तौर पर अब कैमरे का सहारा लिया गया है। नाभि स्थल और देवी दरबार पर लगाए गए कैमरों को बैरिकेडिंग से बाहर की एलईडी से जोड़ा गया है। इस एलईडी के माध्यम से देवी मां और नाभि स्थल के दर्शन होंगे। इस पर करीब तीन लाख रुपये खर्च हुए हैं।
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मेला मजिस्ट्रेट और टनकपुर के एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने बताया कि बैरिकेडिंग की दूसरी तरफ से तीर्थयात्री मां के दरबार में प्रसाद चढ़ा सकेंगे, जबकि एलईडी टीवी से बेहद साफ तरीके से दर्शन कर सकेंगे।
पावन है नाभि स्थल
मान्यता के मुताबिक देवी सती के अंग 51 स्थल पर गिरे थे। मां पूर्णागिरि शिखर पर सती का नाभि वाला हिस्सा गिरा था। देवी की मूर्ति के बेहद पास एक गहरा छिद्र है, जिसका दूसरा छोर शारदा नदी में निकलता है। इसी को मां पूर्णागिरि देवी की नाभि माना जाता है। पंडित नेत्र बल्लभ तिवारी का कहना है कि मां की नाभि के दर्शन के बगैर तीर्थयात्रा पूर्ण नहीं मानी जाती है।
भारी घंटियां भी की गई थी शिफ्ट
मुख्य मंदिर से सटी हुई बैरिकेडिंग को पिछले साल अक्तूबर में दस फीट दूर खिसकाया गया था। मुख्य मंदिर के आसपास वजन कम करने के चलते कई अन्य कदम भी उठाए गए थे। जिसमें मुख्य मंदिर के आसपास के भारी-भरकम घंटों को भी दूसरे स्थान पर शिफ्ट कराया गया था।