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हरिद्वार अर्द्धकुंभ के अंतिम स्नान में घाटों पर उतरा देवलोक

Fri, 22 Apr 2016 03:55 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 22 Apr 2016 03:55 PM IST
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last snan of haridwar ardh kumbh 2016
गंगा स्नान

शुक्रवार को हरिद्वार अर्द्घकुंभ का दसवां एवं अंतिम स्नान हुआ, जिसमें देव डोलियों ने स्नान किया। इस दौरान राज्य और राज्य के बाहर से आए श्रद्घालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई। अर्द्घकुंभ के अंतिम स्नान के लिए मेला प्रशासन ने पूरी कमर कस ली थी।

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इस स्नान का सबसे बड़ा आकर्षण प्रदेशभर से पहुंच रही देव डोलियों का ‘शाही’ स्नान रहा। गुरुवार देर शाम से कुमाऊं से देव निशान और गढ़वाल से देव डोलियों का आवागमन बैरागी कैंप में शुरू हुआ था।
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स्नान को सकुशल निपटाने के लिए पुलिस प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। एक जनवरी से चल रहे अर्द्धकुंभ मेले का दसवां एवं अंतिम स्नान शुक्रवार को था।
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मेलाधिकारी एसए मुरुगेशन और मेला आईजी जीएस मर्तोलिया ने सुबह से शाम तक मेले की तैयारियों की समीक्षा की। सहयोगी अधिकारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए।

सुबह सात बजे किया देव डोलियों ने स्नान

last snan of haridwar ardh kumbh 2016
गंगा स्नान

राज्यभर से हरिद्वार पहुंची देव डोलियां शुक्रवार प्रात: हरकी पैड़ी पर स्नान किया। रात में इनके समक्ष हुए जागर के बाद तड़के तीन बजे डोलियों का जागरण हुआ। योग संस्कृति शोभायात्रा समिति के केंद्रीय अध्यक्ष मोहन सिंह रावत गांववासी और मुख्य संयोजक श्रीमहंत रघुवीर दास के संयोजन में बैरागी द्वीप पर तमाम व्यवस्थाएं की है। मेला प्रशासन ने व्यवस्थाएं बनाने के लिए सहयोग किया है।

बाबा रामदेव ने इनके साथ पहुंचे यात्रियों के लिए भोजन की व्यवस्था की। देव डोलियां तड़के तीन बजे जगीं। उसके बाद पारंपरिक वाद्य यंत्रों और लोक गीतों के साथ देवताओं से हरकी पैड़ी चलने का आग्रह किया गया। दो घंटे के सांस्कृतिक कार्यक्रम के उपरांत डोलीयात्रा पर्वतीय वाद्य यंत्रों के साथ हरकी पैड़ी के लिए रवाना हुई।

सुबह सात बजे से एक घंटे चलने वाला डोली स्नान प्रारंभ हुआ। उसके बाद देव डोलियां पुन: बैरागी द्वीप आईं। यहां इनके साथ पहुंचे यात्रियों के लिए नाश्ते आदि की व्यवस्था की गई। पूर्वाह्न 11 बजे पंतद्वीप के सांस्कृतिक पंडाल में आयोजन समिति डोलियों का सम्मान‌ किया और उन्हें अपने मूल स्थानों के लिए रवाना‌ किया।

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