{"_id":"4b0e05dbb2c236c39caf7b9522e01763","slug":"landslide-in-ghansali","type":"story","status":"publish","title_hn":"घनसाली में भूस्खलन, दो की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घनसाली में भूस्खलन, दो की मौत
देहरादून/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 13 Aug 2013 06:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में अभी कुदरत का कहर जारी है। रुक-रुक कर हो रही बारिश के चलते अभी लोगों को और कई दिनों तक मुश्किलें उठानी पड़ सकती हैं।
विज्ञापन
टिहरी जनपद के थाति कठूड़ पट्टी के कोट गांव में एक मकान ढहने से दादी और पोता मलबे में जिंदा दफन हो गए। रात के वक्त हुई घटना की किसी को भनक तक नहीं लग पाई। सुबह टूटा मकान और पूरा मंजर देख लोग हतप्रभ रह गए।
विज्ञापन
मलबे में दबे शवों को किसी तरह बाहर निकाला गया। हादसे के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। उधर, बणचूरी और नैल गांव के ऊपर बादल फटने से कई घरों में मलबा घुस गया।
विज्ञापन
घरों में घुसा टनों मलबा
नैल गदेरे में बाढ़ आने से बौसला और नैल गांव की दो पैदल पुलिया बह गई हैं। गांव के संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गए। सोमवार रात हुई मूसलाधार बारिश से कोट गांव के हरी नामे तोक में मोर सिंह के मकान के पीछे से भारी मात्रा में मलबा भरभरा कर गिर पड़ा।
हादसे में घर के अंदर सो रही सावित्री देवी (45) पत्नी मोर सिंह और उनका पोता रोबिन (13) वर्ष पुत्र राकेश सिंह मलबे में दब गए। घर के अन्य सदस्य पास के गांव में दूसरे मकान में सोए हुए थे। रात का समय होने से किसी को भी घटना की जानकारी नहीं हो पाई।
गांव में मची चीख-पुकार
सुबह जब लोग उठे तो घर का नामोनिशान मिटा हुआ देखकर वे हैरान रह गए। गांव में चीख पुकार मच गई। ग्रामीण मलबा हटाने में जुट गए। दोनों शवों को किसी तरह बाहर निकाला गया।
केमर पट्टी के गनगर गांव के चायवाडा तोक में रामानंद जोशी की गौशाला बारिश से ढह गई। गौशाला के अंदर बंधी तीन गायें मलबे में दब गई।
बादल फटने से मची तबाही
बणचूरी और नैल गांव के ऊपर क्षेत्र में मंगलवार रात को बादल फटने से गंभीर सिंह, विक्रम सिंह भंडारी,चरणपाल सिंह भंडारी के घरों में मलबा घुस गया।
लोग रात को ही घर छोड़ भाग खड़े हुए। नैल गदेरे में बाढ़ आने से बौसला और नैल गांव के बीच की दो पैदल पुलिया और रास्ते भी बह गए। बाल गंगा कालेज का मैदान टूटने से आसपास के भवनों को खतरा पैदा हो गया है।
पढ़े, आपदाः भूस्खलन से दर्जनों घर हुए ध्वस्त