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Kotdwar News: काम पूरा हुआ नहीं और उखड़ने लगी सड़क, गुणवत्ता पर उठे सवाल
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दुगड्डा/कोटद्वार। लोनिवि दुगड्डा के ऐता-चरेख मोटर मार्ग का डामरीकरण का कार्य पूरा होने से पहले ही उखड़ने लगा है। विभाग की ओर से मार्ग के दोनों ओर उगीं झाड़ियों का कटान भी नहीं कराया गया है, जिससे लोगों को आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं। बीडीसी बैठक में भी यह मामला उठ चुका है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
दुगड्डा विकास खंड के घाड़ क्षेत्र के अंतर्गत उमरैला, कैंतूगी, भेल सरूड़ा, धूराताल समेत आसपास के करीब एक दर्जन गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए 22.40 किमी ऐता-चरेख मोटर मार्ग के निर्माण को शासन ने स्वीकृति दी। कार्यदायी संस्था पीएमजीएसवाई ने 553 लाख की लागत से वर्ष 2016 में सड़क का निर्माण कार्य पूरा कराया। सड़क बनने के बाद लोगों को सुगम आवाजाही की सुविधा मिल रही थी। वर्ष 2021 में अनुरक्षण कार्य की समयावधि समाप्त होने के बाद देखरेख के अभाव में सड़क खस्ताहाल हो गई। इस बीच शासन के निर्देश पर यह सड़क पीएमजीएसवाई से लोनिवि दुगड्डा को हस्तांतरित कर दी गई। शासन ने सड़क की स्थिति में सुधार के लिए 4 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की। धनराशि स्वीकृत होने के बाद लोनिवि दुगड्डा ने गत अक्टूबर माह में सड़क के नए सिरे से निर्माण का कार्य शुरू किया था। नये कार्यों में पक्के स्कपर, क्षतिग्रस्त पुश्तों का निर्माण, भू-धसांव क्षेत्र में ब्रेस्ट वाल का निर्माण, क्षतिग्रस्त हिस्से में जी-2 व जी-3 कोट का कार्य किया जाना है। उसके बाद डामरीकरण का कार्य किया जाना है। विभाग की ओर से कुछ हिस्सों में डामरीकरण का कार्य किया जा चुका है, जो अब उखड़ने लगा है। यह मामला बीडीसी बैठक में भी उठ चुका है। ब्लाॅक प्रमुख रुचि कैंत्यूरा का कहना है कि सड़क के निर्माण कार्य में स्थानीय पत्थर का अधिक प्रयोग किया जा रहा है। पहाड़ काटकर पत्थर निकालने का क्रम अब भी जारी है। जिससे बरसात में भूस्खलन होने का खतरा बढ़ गया है। लोनिवि के तकनीक अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर कार्य की प्रगति व गुणवत्ता की जांच करनी चाहिए।
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गत सप्ताह अधिशासी अभियंता डीपी सिंह ने ऐता-चरेख मोटर मार्ग के सुधारीकरण कार्य का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में जो भी खामियां पाई गई हैं, उन्हें दुरुस्त करने, स्थानीय पत्थर की गुणवत्ता उत्तम न होने की दशा में क्रशर से पत्थर लाने के निर्देश दिए गए हैं। डामरीकरण कार्य क्षतिग्रस्त होने पर ठेकेदार के द्वारा पुन: कार्य कराया जाएगा। बरसात के कारण फिलहाल डामरीकरण कार्य को रोका गया है।
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-अजय सैनी, जेई लोनिवि दुगड्डा
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दुगड्डा विकास खंड के घाड़ क्षेत्र के अंतर्गत उमरैला, कैंतूगी, भेल सरूड़ा, धूराताल समेत आसपास के करीब एक दर्जन गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए 22.40 किमी ऐता-चरेख मोटर मार्ग के निर्माण को शासन ने स्वीकृति दी। कार्यदायी संस्था पीएमजीएसवाई ने 553 लाख की लागत से वर्ष 2016 में सड़क का निर्माण कार्य पूरा कराया। सड़क बनने के बाद लोगों को सुगम आवाजाही की सुविधा मिल रही थी। वर्ष 2021 में अनुरक्षण कार्य की समयावधि समाप्त होने के बाद देखरेख के अभाव में सड़क खस्ताहाल हो गई। इस बीच शासन के निर्देश पर यह सड़क पीएमजीएसवाई से लोनिवि दुगड्डा को हस्तांतरित कर दी गई। शासन ने सड़क की स्थिति में सुधार के लिए 4 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की। धनराशि स्वीकृत होने के बाद लोनिवि दुगड्डा ने गत अक्टूबर माह में सड़क के नए सिरे से निर्माण का कार्य शुरू किया था। नये कार्यों में पक्के स्कपर, क्षतिग्रस्त पुश्तों का निर्माण, भू-धसांव क्षेत्र में ब्रेस्ट वाल का निर्माण, क्षतिग्रस्त हिस्से में जी-2 व जी-3 कोट का कार्य किया जाना है। उसके बाद डामरीकरण का कार्य किया जाना है। विभाग की ओर से कुछ हिस्सों में डामरीकरण का कार्य किया जा चुका है, जो अब उखड़ने लगा है। यह मामला बीडीसी बैठक में भी उठ चुका है। ब्लाॅक प्रमुख रुचि कैंत्यूरा का कहना है कि सड़क के निर्माण कार्य में स्थानीय पत्थर का अधिक प्रयोग किया जा रहा है। पहाड़ काटकर पत्थर निकालने का क्रम अब भी जारी है। जिससे बरसात में भूस्खलन होने का खतरा बढ़ गया है। लोनिवि के तकनीक अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर कार्य की प्रगति व गुणवत्ता की जांच करनी चाहिए।
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गत सप्ताह अधिशासी अभियंता डीपी सिंह ने ऐता-चरेख मोटर मार्ग के सुधारीकरण कार्य का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में जो भी खामियां पाई गई हैं, उन्हें दुरुस्त करने, स्थानीय पत्थर की गुणवत्ता उत्तम न होने की दशा में क्रशर से पत्थर लाने के निर्देश दिए गए हैं। डामरीकरण कार्य क्षतिग्रस्त होने पर ठेकेदार के द्वारा पुन: कार्य कराया जाएगा। बरसात के कारण फिलहाल डामरीकरण कार्य को रोका गया है।
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-अजय सैनी, जेई लोनिवि दुगड्डा