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कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट दिखाने पर ही जा सकेंगे ओपीडी में
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बेस अस्पताल में कोरोना आरटीपीसीआर जांच कराने के लिए अपना पंजीकरण कराते लोग।
- फोटो : KOTDWAR
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कोरोना की रोकथाम के लिए राजकीय बेस अस्पताल कोटद्वार में नई व्यवस्थाएं बनाई गई हैं। अब बिना कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट के आने वाले लोगों के लिए ओपीडी बंद कर दी गई है। नेगेटिव रिपोर्ट दिखाने के बाद ही मरीज डॉक्टर से उपचार करा सकेंगे। इसके साथ ही अस्पताल में सभी लोगों के आरटीपीसीआर सैंपल लेने के लिए अलग से काउंटर बनाया गया है।
क्षेत्र में कोरोना संक्रमितों के बढ़ने और नए वैरिएंट की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। गत वर्ष बेस अस्पताल की ओपीडी और भर्ती बिना आरटीपीसीआर जांच के लोगों के लिए खुली हुई थी, साथ ही वार्ड में मरीजों को भर्ती किया जा रहा था, जिसके कारण अस्पताल के अधिकतर डॉक्टर और नर्स और अन्य स्टाफ कोरोना संक्रमित हो गए थे। चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी से अव्यवस्थाएं हावी होने लगी थीं, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ा था, लेकिन अब गत वर्ष के घटनाक्रमों से सबक लेते हुए अस्पताल प्रबंधन ने क्षेत्र में कोरोना के केस आते ही पहले से ही सावधानी बरतनी शुरू कर दी है।
अस्पताल के पीएस डॉ. कुमार आदित्य तिवारी ने बताया कि कोरोना के संभावित खतरे को देखते हुए ओपीडी की पर्ची वाली खिड़की पर बिना आरटीपीसीआर जांच के ओपीडी नहीं देखे जाने की सूचना चस्पा कर दी गई है। इसके साथ ही ओपीडी की पर्ची वाले स्थान पर सैंपलिंग का कार्य शुरू कर दिया है। सुबह से ही ओपीडी की पर्ची बनाने वाले लोग पहले आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल दे रहे हैं।
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रेलवे स्टेशन और चिलरखाल बैरियर पर जांच शुरू
कोटद्वार। बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की जांच और कोरोना की रोकथाम के लिए ब्लाक का स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर है। दुगड्डा ब्लाक चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि यूपी-यूके बॉर्डर कौड़या पर अधिक संख्या में आरटीपीसीआर जांच की व्यवस्था कर दी है। इसके अलावा रेल मार्ग से कोटद्वार पहुंचने वाले यात्रियों की जांच के लिए रेलवे स्टेशन और हरिद्वार से लालढांग होते हुए आने वाले लोगों के लिए चिलरखाल फारेस्ट बैरियर पर जांच कैंप लगा दिया हैं। यहां पर लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग और आरटीपीसीआर जांच की जा रही है।
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क्षेत्र में कोरोना संक्रमितों के बढ़ने और नए वैरिएंट की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। गत वर्ष बेस अस्पताल की ओपीडी और भर्ती बिना आरटीपीसीआर जांच के लोगों के लिए खुली हुई थी, साथ ही वार्ड में मरीजों को भर्ती किया जा रहा था, जिसके कारण अस्पताल के अधिकतर डॉक्टर और नर्स और अन्य स्टाफ कोरोना संक्रमित हो गए थे। चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी से अव्यवस्थाएं हावी होने लगी थीं, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ा था, लेकिन अब गत वर्ष के घटनाक्रमों से सबक लेते हुए अस्पताल प्रबंधन ने क्षेत्र में कोरोना के केस आते ही पहले से ही सावधानी बरतनी शुरू कर दी है।
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अस्पताल के पीएस डॉ. कुमार आदित्य तिवारी ने बताया कि कोरोना के संभावित खतरे को देखते हुए ओपीडी की पर्ची वाली खिड़की पर बिना आरटीपीसीआर जांच के ओपीडी नहीं देखे जाने की सूचना चस्पा कर दी गई है। इसके साथ ही ओपीडी की पर्ची वाले स्थान पर सैंपलिंग का कार्य शुरू कर दिया है। सुबह से ही ओपीडी की पर्ची बनाने वाले लोग पहले आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल दे रहे हैं।
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रेलवे स्टेशन और चिलरखाल बैरियर पर जांच शुरू
कोटद्वार। बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की जांच और कोरोना की रोकथाम के लिए ब्लाक का स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर है। दुगड्डा ब्लाक चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि यूपी-यूके बॉर्डर कौड़या पर अधिक संख्या में आरटीपीसीआर जांच की व्यवस्था कर दी है। इसके अलावा रेल मार्ग से कोटद्वार पहुंचने वाले यात्रियों की जांच के लिए रेलवे स्टेशन और हरिद्वार से लालढांग होते हुए आने वाले लोगों के लिए चिलरखाल फारेस्ट बैरियर पर जांच कैंप लगा दिया हैं। यहां पर लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग और आरटीपीसीआर जांच की जा रही है।