संस्कृति मंत्रालय केंद्र सरकार के सहयोग और यूनिवर्सल सांस्कृतिक शोधर नाट्य एकेडमी, देहरादून की ओर से हिमालय की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं विकास के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। लोक कलाकारों ने गढ़वाली लोकगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिस पर लोग झूम उठे।
मालवीय में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मेयर हेमलता नेगी और पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने किया। मेयर हेमलता नेगी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन हिमालय की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण, संवर्द्धन और विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ दयवतौ की धरती... गढ़ वंदना से हुई। इस मौके पर लोक गायक मनीषा बिष्ट, पूजा रावत, रश्मि रावत, दीप्ति डोबरियाल, मनीषा बिष्ट ने धारमा उरख्याली..., को होला चौराड़े सुकीलो..., वो मेरे प्याला रॉगी..., ना बास घुगती चैत की..., कब आलू मंगशीर मैना... आदि गढ़वाली गीतों की प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में समा बांधा। नंदा देवी राजजात जात्रा की प्रस्तुति को भी खूब सराहा गया। लोक कलाकार मानिका आर्य, दीपिका यश, शिल्पा रावत, संयोगिता चौहान, अंकित भट्ट, रोहित कुमार, सूरज शर्मा, मोहित चंद, अजेश डबरवाल और जनेश कुमार ने नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। इस मौके पर एसडीएम योगेश मेहरा, नगर आयुक्त पीएल शाह, देवभूमि समिति के अध्यक्ष खुशहाल सिंह बिष्ट, आनंद सिंह नेगी, हुकुम सिंह नेगी और नीलम नेगी आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन राकेंद्र रौथाण, पिंकी आर्या और किशन ने किया।