जिला फुटबॉल एसोसिएशन की ओर से आयोजित कण्वनगरी फुटबॉल प्रतियोगिता अंडर-21 टीम के नाम रही। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए अंकुल नेगी को गोल्डन बॉल, अखिलेश रावत को गोल्डन बूट और हिमांशु को बेस्ट गोलकीपर का खिताब दिया गया। वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, राज्यमंत्री पंडित राजेंद्र अंथवाल और मंडी समिति के अध्यक्ष सुमन कोटनाला ने उपविजेता और विजेता टीम को ट्रॉफी प्रदान की। वन मंत्री ने विजेता और उपविजेता टीमों को 11-11 हजार रुपये देने की घोषणा की।
मोटाढाक स्थित मिनी स्टेडियम में आयोजित कण्वनगरी फुटबॉल लीग प्रतियोगिता का फाइनल मैच अंडर-21 और अंडर-19 टीम के बीच खेला गया। शुरुआत से ही दोनों टीमों में गोल के लिए कड़ा संघर्ष हुआ। पहले हाफ में अंडर-21 के खिलाड़ी अंकुल नेगी ने पहला गोल कर अपनी टीम को एक गोल की बढ़त दिलाई। इसके बाद दूसरे हाफ में अंडर-19 के खिलाड़ी वेदांत रावत ने दूसरा गोल कर स्कोर बराबर कर दिया। इसके बाद निर्णायक गोल के लिए दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर हुई, लेकिन अंतिम समय तक गोल नहीं हो सका। निर्णायकों ने पेनल्टी शूटआउट कराने का निर्णय लिया, जिसमें अंडर 21 टीम ने अंडर-19 की टीम को पेनल्टी शूटआउट में 6-5 से हराते हुए प्रतियोगिता की ट्रॉफी अपने नाम की। मैच का आंखों देखा हाल तरुण ईष्टवाल ने सुनाया। इस अवसर पर दुर्गापुरी के पार्षद कमल नेगी, घमंडपुर के पार्षद कुलदीप सिंह रावत, अरुण नेगी साहिल रावत और सिद्धार्थ उनियाल आदि मौजूद थे।