उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश की ज्वलंत समस्याओं को लेकर बुधवार को तहसील में प्रदर्शन किया। मांगों को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया गया।
बुधवार को यूकेडी कार्यकर्ता तहसील में एकत्र हुए, यहां उन्होंने जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह रावत की अगुवाई में अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस मौके पर एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन में कहा कि प्रदेश सरकार के गलत फैसलों के चलते प्रदेश में बेरोजगारी की दर लगातार बढ़ रही है। वर्षों से प्रदेश की लाइफ लाइन 108 स्वास्थ्य सेवा में कार्यरत कर्मियों को हटाना अविवेकपूर्ण निर्णय है। कहा कि वर्षों से विभिन्न सरकारी विभागों में अल्प वेतनमान में युवा संविदा कर्मी के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्हें भी अविलंब नियमित किया जाना चाहिए। कहा कि प्रस्तावित स्थायी राजधानी गैरसैंण में जमीनों की खरीद-फरोख्त पर लगा प्रतिबंध हटाने से यहां बाहरी क्षेत्र के बिल्डर्स व व्यवसायी जमीनें हथिया लेंगे, जिससे राजधानी क्षेत्र के विकास व विस्तार में बाधा पड़ेगी। पर्वतीय क्षेत्र के सभी जनपदों में विकास प्राधिकरण गठित किए जाने से जनता के शोषण की आशंकाएं बढ़ गई हैं। ज्ञापन में स्थायी राजधानी को लेकर संघर्ष कर रहे आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने, पर्वतीय क्षेत्रों में विकास प्राधिकरण को समाप्त करने, देवप्रयाग, टिहरी, डडूवा, मडोली जैसे तीर्थ स्थलों में शराब का प्लांट लगाने की योजना पर रोक लगाने की मांग भी की गई। प्रदर्शन करने वालों में विनोद कुमार, बंटी सिंह नेगी, अखिलेश बड़थ्वाल, दीपक कुमार शर्मा, प्रकाश बमराडा, मनीपाल, हयात सिंह गुसाईं, इकरामुद्दीन, पंकज भट्ट, पितृशरण जोशी, गुलाब सिंह रावत, यतेंद्र भट्ट, अबरार अहमद, भगवान सिंह, संजू आदि शामिल रहे।