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दिल्ली समेत मैदानी रूट की बस पकड़ने के लिए रही मारामारी
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कोटद्वार रोडवेज बस अड्डे पर मैदानी क्षेत्रों को जाने के लिए बस का इंतजार करते लोग।
- फोटो : KOTDWAR
नवरात्र पर्व पर धार्मिक अनुष्ठान से लेकर शादियों के सीजन पर उमड़ी सवारियों की भीड़ ने कोटद्वार में रोडवेज पर दबाव बढ़ा दिया है। त्योहार और शादी बरात के लिए पहाड़ आए प्रवासी लोग अब शहरों की ओर लौटने लगे हैं। शनिवार को गंतव्य तक जाने के लिए बस पकड़ने के लिए लोगों में मारामारी रही। यात्रियों की संख्या को देखते हुए रोडवेज ने दिल्ली समेत मैदानी रूट के लिए छह अतिरिक्त बसें चलानी पड़ीं। अभी तक प्रतिदिन 18 बसें ही चल रही थीं।
नवरात्र पर्व से पहले सवारियों का टोटा झेल रहे उत्तराखंड परिवहन निगम के कोटद्वार डिपो पर त्योहारी और शादियों के सीजन के कारण यात्रियों का दबाव बढ़ गया है। नवरात्र से लेकर विजयदशमी तक धार्मिक अनुष्ठान और शादी बरात के लिए पहाड़ आए प्रवासी अब शहरों की ओर लौटने लगे हैं। पहले जहां कोटद्वार से पहाड़ के रूटों पर सवारियों की अधिकता थी, वहीं अब वापसी में मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, जयपुर, चंडीगढ़, अमृतसर की बसों को पकड़ने के लिए लोगों में मारामारी है। बस स्टेशन पर बस लगते ही यात्रियों में सीट कब्जाने के लिए होड़ लग जाती है। एक बस के रवाना होते ही दूसरी बस का इंतजार शुरू हो जा रहा है। शनिवार को भी यही स्थिति रही।
रोडवेज की वरिष्ठ केंद्र प्रभारी शांति बिष्ट और कनिष्ठ केंद्र प्रभारी बीरेंद्र जदली ने बताया कि दिल्ली समेत मैदानी रूटों के लिए प्रतिदिन 18 बसें चलती हैं लेकिन लोगों की भीड़ को देखते हुए शनिवार को छह अतिरिक्त बसें लगानी पड़ीं। शनिवार को कुल 24 बसें विभिन्न रूटों के लिए रवाना की गईं।
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नहीं मिली सीट तो डीलक्स बस में गए
- दिल्ली के यात्री रमेश कुमार ने बताया कि बस में सीट न मिलने के कारण उनको स्टेशन से सटे क्षेत्र में खड़ी डग्गामार डीलक्स बस की शरण लेनी पड़ी। उसमें किराया थोड़ा ज्यादा पड़ा, लेकिन सीट मिल गई। परिवार के लोग आराम से दिल्ली तक का सफर तय कर सकेंगे। वह बताते हैं कि बसों के अलावा स्टेशन के पास से दिल्ली के लिए टैक्सियों की भी भरमार है, जो सीजन का लाभ उठाकर जमकर कमाई में जुटे हैं।
सिद्धबली जनशताब्दी एक्सप्रेस से गए दिल्ली
बसों की संख्या सीमित होने के कारण यात्रियों को दिल्ली जाने के लिए सिद्धबली जनशताब्दी एक्सप्रेस भी पकड़नी पड़ी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार शनिवार को कोटद्वार से 600 से अधिक यात्री दिल्ली के लिए रवाना हुए, जिससे इस रूट पर रेलवे को भी अच्छी खासी कमाई हुई।
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नवरात्र पर्व से पहले सवारियों का टोटा झेल रहे उत्तराखंड परिवहन निगम के कोटद्वार डिपो पर त्योहारी और शादियों के सीजन के कारण यात्रियों का दबाव बढ़ गया है। नवरात्र से लेकर विजयदशमी तक धार्मिक अनुष्ठान और शादी बरात के लिए पहाड़ आए प्रवासी अब शहरों की ओर लौटने लगे हैं। पहले जहां कोटद्वार से पहाड़ के रूटों पर सवारियों की अधिकता थी, वहीं अब वापसी में मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, जयपुर, चंडीगढ़, अमृतसर की बसों को पकड़ने के लिए लोगों में मारामारी है। बस स्टेशन पर बस लगते ही यात्रियों में सीट कब्जाने के लिए होड़ लग जाती है। एक बस के रवाना होते ही दूसरी बस का इंतजार शुरू हो जा रहा है। शनिवार को भी यही स्थिति रही।
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रोडवेज की वरिष्ठ केंद्र प्रभारी शांति बिष्ट और कनिष्ठ केंद्र प्रभारी बीरेंद्र जदली ने बताया कि दिल्ली समेत मैदानी रूटों के लिए प्रतिदिन 18 बसें चलती हैं लेकिन लोगों की भीड़ को देखते हुए शनिवार को छह अतिरिक्त बसें लगानी पड़ीं। शनिवार को कुल 24 बसें विभिन्न रूटों के लिए रवाना की गईं।
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नहीं मिली सीट तो डीलक्स बस में गए
- दिल्ली के यात्री रमेश कुमार ने बताया कि बस में सीट न मिलने के कारण उनको स्टेशन से सटे क्षेत्र में खड़ी डग्गामार डीलक्स बस की शरण लेनी पड़ी। उसमें किराया थोड़ा ज्यादा पड़ा, लेकिन सीट मिल गई। परिवार के लोग आराम से दिल्ली तक का सफर तय कर सकेंगे। वह बताते हैं कि बसों के अलावा स्टेशन के पास से दिल्ली के लिए टैक्सियों की भी भरमार है, जो सीजन का लाभ उठाकर जमकर कमाई में जुटे हैं।
सिद्धबली जनशताब्दी एक्सप्रेस से गए दिल्ली
बसों की संख्या सीमित होने के कारण यात्रियों को दिल्ली जाने के लिए सिद्धबली जनशताब्दी एक्सप्रेस भी पकड़नी पड़ी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार शनिवार को कोटद्वार से 600 से अधिक यात्री दिल्ली के लिए रवाना हुए, जिससे इस रूट पर रेलवे को भी अच्छी खासी कमाई हुई।