फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   The specter of a pine forest, giving no figure.

चीड़ की काली छाया नहीं उगने दे रही जंगल

Sat, 24 Sep 2016 10:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर।
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर। Updated Sat, 24 Sep 2016 10:18 PM IST
विज्ञापन

पाब अकरी के नांडी गांव के नव युवक मंगल दल ने विलुप्त हुए बांज व अन्य विभिन्न प्रजातियों के जंगल को नया जीवन तो दे दिया, किंतु इस जंगल में मौजूद चीड़ के पेड़ उनकी मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। युवकों ने वन विभाग से जंगल में मौजूद चीड़ के पेड़ों का पातन किए जाने की मांग की है। युवकों का कहना है कि चीड़ का पिरूल बांज व अन्य प्रजातियों के पेड़ों को विकसित नहीं होने दे रहा है। वहीं वन विभाग का कहना है कि चीड़ के पेड़ों का पातन संबंधी मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

विज्ञापन


विकास खंड कीर्तिनगर की ग्राम पंचायत पाब के नांडी गांव के नव युवक मंगल दल ने वर्ष 2006 में गांव के प्राकृतिक जल स्रोत ननाऊ में 300 बांज के बीजों का रोपण किया। इसके बाद यहां चार हजार से भी अधिक विभिन्न प्रजाति के पौधों का जंगल विकसित हो गया, किंतु अब युवकों को जंगल की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। युवक मंगल दल के अध्यक्ष विक्रम सिंह गुसांई व सचिव नरेंद्र कुमांई कहते हैं कि उगाए गए जंगल में चीड़ के पेड़ होने से इसका पिरूल इन पेड़ों का विकास अवरुद्ध कर रहा है।
विज्ञापन


इसके साथ ही फायर सीजन में जंगल में आग लगने की अधिक संभावना बनी रहती है। नव युवक मंगल दल के पदम सिंह पंवार, विजय नेगी, धीरज डंगवाल आदि ने वन विभाग से जंगल के बीच से चीड़ के पेड़ों के पातन किए जाने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या कहना है इनका
चीड़ के पेड़ों के पातन के संबंध में उच्चतम न्यायालय में मामला विचाराधीन है। इसके लिए जनपद टिहरी व पौड़ी गढ़वाल की ओर से विभाग ने डीएफओ उत्तरकाशी को नोडल अधिकारी बनाया है। न्यायालय से आदेश मिलने पर इस प्रकार की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
खुशाल सिंह रावत, वन क्षेत्राधिकारी माणिक नाथ रेंज डांगचौरा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed