दो दिन से लगातार हो रही बारिश ने गढ़वाल के प्रवेश द्वार कोटद्वार शहर के अव्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। टैक्सी स्टैंड से लेकर देवीरोड तक कई स्थानों पर जलभराव ने लोगों को बेहाल कर दिया है। पदमपुर-सिमलचौड़ मार्ग पर हुए जलभराव ने स्कूली बच्चों और राहगीरों का सड़क पर चलना मुश्किल कर दिया, लेकिन शहर की व्यवस्थाओं को संभालने वाला नगर निगम सोया रहा। न तो सड़कों पर भरे जल की निकासी के इंतजाम किए गए, न ही नालियों की सफाई।
शहर से लेकर गांव तक के लोगों पर नगर निगम और लोक निर्माण विभाग की उदासीनता भारी पड़ रही है। जलभराव वाले इलाकों को रामभरोसे छोड़ दिया गया है, जिससे बारिश के दौरान यहां जलभराव से लोग बेहाल हो रहे हैं। कोटद्वार शहर में लालबत्ती चौक पर अस्थायी टैक्सी स्टैंड बना है। यहां से लोग देहरादून, हरिद्वार समेत पहाड़ी क्षेत्रों के लिए वाहन पकड़ते हैं, लेकिन बारिश से यह स्थल तालाब जैसा हो जाता है। पदमपुर-सिमलचौड़ मार्ग पर मानपुर तिराहे के पास करीब तीस मीटर का पैच जलमग्न रहा। जिससे स्कूली बच्चों और राहगीरों को सड़क पर चलना मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां लोनिवि द्वारा हाल में डामर की गई सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क के किनारे पानी की निकासी के लिए नाली न बनाए जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।