फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   The Principal Chief Conservator of Forests inspected the Chaur improvement works at Corbett Tiger Reserve.

Kotdwar News: प्रधान वन संरक्षक ने कार्बेट टाइगर रिजर्व में चौड़ सुधार कार्य देखा

Wed, 20 May 2026 04:14 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार Updated Wed, 20 May 2026 04:14 PM IST
विज्ञापन
The Principal Chief Conservator of Forests inspected the Chaur improvement works at Corbett Tiger Reserve.
घास के मैदानों से हटाई जा रही लैंटाना, मरोड़ फली व गाजर घास
विज्ञापन

कालागढ़/कोटद्वार। कार्बेट टाइगर रिजर्व के ढिकाला पर्यटन जोन में उत्तराखंड के प्रधान वन संरक्षक ने घास के मैदान के सुधार का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की प्रगति पर संतोष जताया।

कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों में वन्यजीवों के विचरण के लिए बने चौड़ में अनावश्यक वनस्पति बढ़ने से वन्यजीव चारे के लिए आसपास के इलाके की वनस्पति पर निर्भर होने लगे हैं जिसके चलते आबादी क्षेत्र में मानव वन्यजीव संघर्ष/सुरक्षा का खतरा बढ़ रहा है। कार्बेट के ढिकाला में इन दिनों चौड़ सुधार का कार्य चल रहा है।
विज्ञापन

मैदान में वन्यजीवों के विचरण व चारे के लिए सही गुणवत्ता की घास मिले इसके लिए वन विभाग प्रथम चरण में अनुपयुक्त वनस्पति को हटा रहा है। वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिक इस मैदान का निरीक्षण कर चुके हैं। इसके बाद वन विभाग इस पर तेजी से काम कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उत्तराखंड के प्रधान वन संरक्षक रंजन कुमार मिश्र दो दिन पूर्व कार्बेट के ढिकाला पहुंचे। अधिकारियों से मैदानों के सुधार पर विचार-विमर्श करते हुए कार्य की प्रगति को देखा। उन्होंने कार्य पर संतोष जताते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिए। इस दौरान कार्बेट के निदेशक व मुख्य वन संरक्षक डॉ. साकेत बडोला, उपनिदेशक राहुल मिश्रा व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। ढिकाला से कालागढ़ होकर प्रधान वन संरक्षक देहरादून के लिए रवाना हो गए।


लैंटाना, मरोड़ फली व पार्थेनियम को हटाया जा रहा
कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया प्रथम चरण में घास के मैदानों में से लैंटाना, मरोड़ फली व पार्थेनियम (गाजर घास) को हटाया जा रहा है। यह कार्य लगभग 90 हेक्टेयर क्षेत्र में किया जा रहा है। इन वनस्पति के हट जाने से मैदानों की घास वन्यजीवों के लिए उपयुक्त होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed