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Kotdwar News: पोखड़ा के श्रीकोट में गुलदार की दहशत बरकरार, अभिभावकों के साथ स्कूल जा रहे छात्र
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सतपुली/कोटद्वार। बीते 12 सितंबर को पोखड़ा विकासखंड के श्रीकोट गांव में चार वर्षीय बालिका के गुलदार के हमले में मौत के बाद से क्षेत्र में दहशत बनी हुई है। घटनास्थल के पास 16 सितंबर की सुबह एक गुलदार के पिंजरे में कैद होने के बावजूद क्षेत्र में गुलदार की दहशत है।
क्षेत्र के श्रीकोट, ल्वींठा, चोपड़ा, चरगाड़, किमगढी और गंवाणी गांवों में गुलदार की चहलकदमी लगातार दिखाई दे रही है। हालांकि शनिवार को किसी भी गांव में गुलदार नहीं दिखाई दिया। गुलदार के भय से आधे से एक किमी की दूरी पैदल तय कर स्कूल पहुंचने वाले छात्र अब अभिभावकों और वन कर्मियों के पहरे में वाहनों से आवागमन कर रहे हैं। रेंज अधिकारी नक्षत्र शाह ने बताया कि श्रीकोट और ल्वींठा गांवों में दो पिंजरें लगाए गए हैं। साथ ही 15 सदस्यीय वन विभाग की तीन टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में गश्त भी कर रही हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य राकेश भंडारी ने बताया कि पहले श्रीकोट से ही अकेले 20-22 छात्र सेड़ियाखाल और चरगाड़ की स्कूलों में पैदल जाते थे, लेकिन अब वह आधे से एक किमी दूर स्कूल भी वाहनों से जा रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र में लगातार कई गुलदार दिखाई देने का दावा करते हुए पिंजरों की संख्या बढ़ाने की मांग विभाग से की है।
उधर, कोटद्वार भाबर के मोटाढाक क्षेत्र में बिजनौर के हमलावर गुलदार की दहशत बनी हुई है। शुक्रवार रात को एक गुलदार ने मोटाढाक के उमरावनगर क्षेत्र में एक गाय को निवाला बना दिया है। क्षेत्र में एक पिंजरा लगाया गया है, लेकिन गुलदार पिंजरे के पास नहीं फटका है।
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क्षेत्र के श्रीकोट, ल्वींठा, चोपड़ा, चरगाड़, किमगढी और गंवाणी गांवों में गुलदार की चहलकदमी लगातार दिखाई दे रही है। हालांकि शनिवार को किसी भी गांव में गुलदार नहीं दिखाई दिया। गुलदार के भय से आधे से एक किमी की दूरी पैदल तय कर स्कूल पहुंचने वाले छात्र अब अभिभावकों और वन कर्मियों के पहरे में वाहनों से आवागमन कर रहे हैं। रेंज अधिकारी नक्षत्र शाह ने बताया कि श्रीकोट और ल्वींठा गांवों में दो पिंजरें लगाए गए हैं। साथ ही 15 सदस्यीय वन विभाग की तीन टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में गश्त भी कर रही हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य राकेश भंडारी ने बताया कि पहले श्रीकोट से ही अकेले 20-22 छात्र सेड़ियाखाल और चरगाड़ की स्कूलों में पैदल जाते थे, लेकिन अब वह आधे से एक किमी दूर स्कूल भी वाहनों से जा रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र में लगातार कई गुलदार दिखाई देने का दावा करते हुए पिंजरों की संख्या बढ़ाने की मांग विभाग से की है।
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उधर, कोटद्वार भाबर के मोटाढाक क्षेत्र में बिजनौर के हमलावर गुलदार की दहशत बनी हुई है। शुक्रवार रात को एक गुलदार ने मोटाढाक के उमरावनगर क्षेत्र में एक गाय को निवाला बना दिया है। क्षेत्र में एक पिंजरा लगाया गया है, लेकिन गुलदार पिंजरे के पास नहीं फटका है।
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